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Indore News: महिला अधिकारी की जानलेवा ब्लैकमेलिंग, हर महीने 7.5 लाख देने वाले ठेकेदार ने दी जान
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Fri, 05 Dec 2025 08:25 PM IST
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सार
Indore News: शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना की आत्महत्या के मामले में एक वीडियो सामने आया है। इसमें मृतक ने देवास की सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित पर हर महीने लाखों रुपए रिश्वत मांगने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
दिनेश और मंदाकिनी
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर के कनाड़िया गांव के रहने वाले शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना की आत्महत्या के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। दिनेश के परिजनों ने उनका एक वीडियो जारी किया है, जो उन्होंने अपनी जान देने से ठीक पहले बनाया था। इस वीडियो में दिनेश ने देवास की सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित पर प्रताड़ना और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। गौरतलब है कि दिनेश ने 8 नवंबर को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी।
चलती कार में बनाया था आखिरी वीडियो
दिनेश मकवाना ने अपनी मौत से पहले चलती कार में 1 मिनट 6 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड किया था। वीडियो में दिनेश ने बताया कि वह देवास जिले में शराब के ठेके चलाते हैं और उनका कुल काम 14 करोड़ रुपए का है। उन्होंने आरोप लगाया कि देवास की सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित उनसे हर दुकान के लिए डेढ़ लाख रुपए महीना मांगती थीं। उनके पास पांच दुकानें थीं, जिसके हिसाब से उन्हें हर महीने साढ़े सात लाख रुपए देने पड़ते थे।
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स्टॉक रोकने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप
वीडियो में दिनेश ने कहा कि वह अब तक 20 से 22 लाख रुपए अधिकारी को दे चुके थे। जब धंधा मंदा होने के कारण उन्होंने थोड़ा समय मांगा और दशहरे के बाद भुगतान करने की बात कही, तो अधिकारी ने वेयर हाउस से उनका माल उठने पर रोक लगा दी। दिनेश ने वीडियो में साफ कहा कि रोज-रोज की इस प्रताड़ना से तंग आकर ही वह आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं।
पोते ने ढूंढा मोबाइल से वीडियो
दिनेश की मां संतोष मकवाना ने बताया कि बेटे की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में था। जब उन्होंने दिनेश का मोबाइल चेक किया तो पहले कुछ नहीं मिला, लेकिन बाद में उनके 18 वर्षीय पोते प्रजेश ने जब फाइलें खंगालीं तो यह वीडियो सामने आया। वीडियो मिलने के बाद परिवार ने ग्वालियर आबकारी आयुक्त, इंदौर पुलिस कमिश्नर और कनाड़िया पुलिस को लिखित शिकायत देकर मंदाकिनी दीक्षित पर कार्रवाई की मांग की है।
उज्जैन के अधिकारियों के नाम पर वसूली का दावा
दिनेश की मां ने आरोप लगाया कि मंदाकिनी दीक्षित कहती थीं कि उन्हें यह पैसा ऊपर उज्जैन में बैठे आला अधिकारियों को देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि 3 अप्रैल को बेटे ने पहली किस्त दी थी और मई में दूसरी किस्त वह खुद देने गई थीं। यह लेनदेन देवास की ग्रीन कॉलोनी स्थित मंदाकिनी के निजी ऑफिस पर होता था। कनाड़िया पुलिस ने दिनेश की मां और पत्नी के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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चलती कार में बनाया था आखिरी वीडियो
दिनेश मकवाना ने अपनी मौत से पहले चलती कार में 1 मिनट 6 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड किया था। वीडियो में दिनेश ने बताया कि वह देवास जिले में शराब के ठेके चलाते हैं और उनका कुल काम 14 करोड़ रुपए का है। उन्होंने आरोप लगाया कि देवास की सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित उनसे हर दुकान के लिए डेढ़ लाख रुपए महीना मांगती थीं। उनके पास पांच दुकानें थीं, जिसके हिसाब से उन्हें हर महीने साढ़े सात लाख रुपए देने पड़ते थे।
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पोते ने ढूंढा मोबाइल से वीडियो
दिनेश की मां संतोष मकवाना ने बताया कि बेटे की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में था। जब उन्होंने दिनेश का मोबाइल चेक किया तो पहले कुछ नहीं मिला, लेकिन बाद में उनके 18 वर्षीय पोते प्रजेश ने जब फाइलें खंगालीं तो यह वीडियो सामने आया। वीडियो मिलने के बाद परिवार ने ग्वालियर आबकारी आयुक्त, इंदौर पुलिस कमिश्नर और कनाड़िया पुलिस को लिखित शिकायत देकर मंदाकिनी दीक्षित पर कार्रवाई की मांग की है।
उज्जैन के अधिकारियों के नाम पर वसूली का दावा
दिनेश की मां ने आरोप लगाया कि मंदाकिनी दीक्षित कहती थीं कि उन्हें यह पैसा ऊपर उज्जैन में बैठे आला अधिकारियों को देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि 3 अप्रैल को बेटे ने पहली किस्त दी थी और मई में दूसरी किस्त वह खुद देने गई थीं। यह लेनदेन देवास की ग्रीन कॉलोनी स्थित मंदाकिनी के निजी ऑफिस पर होता था। कनाड़िया पुलिस ने दिनेश की मां और पत्नी के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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