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Indore News: महू में नर्मदा लाइन का लीकेज सुधरा, लाखों गैलन पानी बहा, कांग्रेस ने लगाया लापरवाही का आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Fri, 05 Jun 2026 01:38 PM IST
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सार
महू के ड्रीमलैंड चौराहे पर नर्मदा की मुख्य सप्लाय लाइन फूटने के कारण भारी जलसंकट खड़ा हो गया है। इसकी वजह से सुधार कार्य के चलते रात भर पंप बंद रखने पड़े, जिससे शहर की 44 पानी की टंकियां पूरी तरह खाली रहीं और 26 टंकियां आधी ही भर सकीं।
लाइन का लीकेज सुधरा।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
गुरुवार को महू के ड्रीमलैंड चौराहे पर नर्मदा की मुख्य सप्लाय लाइन अचानक फूटने के कारण बड़ा हादसा हो गया। पाइपलाइन फटने से भारी मात्रा में पानी सड़कों पर बहने लगा और देखते ही देखते पूरी सड़क ने नदी का रूप ले लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को तुरंत पंप बंद करने पड़े। पानी की बर्बादी रोकने के लिए सप्लाय रोकने के बाद दोपहर से सुधार कार्य शुरू किया गया। इस मरम्मत कार्य को पूरा करने में नगर निगम की टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और देर रात 11 बजे जाकर काम पूरा हो सका। इस दौरान इंदौर से भी विशेष संसाधन मंगवाए गए। मौके पर जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा, अपर आयुक्त आशीष पाठक और नर्मदा प्रोजेक्ट के कई आला अफसर पूरी रात डटे रहे।
शहर की 44 टंकियां रहीं पूरी तरह खाली, टैंकरों से होगी जलापूर्ति
इस बड़े लीकेज और सुधार कार्य के चलते शहर की जल वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पाइपलाइन बंद रहने के कारण कुल 44 टंकियां पूरी तरह खाली रहीं, जबकि 26 टंकियों में आधा-अधूरी ही पानी भरा जा सका। इसके चलते आज सुबह से ही शहर के कई बड़े इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मच गया और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होते नजर आए। नगर निगम प्रशासन के अनुसार जिन प्रभावित क्षेत्रों में आज पानी की सप्लाय नहीं हो पाई है, वहां नागरिकों की सुविधा के लिए टैंकरों के माध्यम से पानी सप्लाय करने की तैयारी की गई है।
इन प्रमुख क्षेत्रों की टंकियां रहीं प्रभावित
नगर निगम के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आज सुबह मां विहार कालोनी, स्कीम 59, बिलावली, भंवरकुआं, खातीवाला, स्नेहनगर, गाड़ी अड््डा, पागनीसपागा, उर्दू स्कूल, एमवायएच, पीडब्ल्यूडी, तुकोगंज, यशवंत क्लब, कुलकर्णी भट्टा, आंबेडकर नगर, एमआईजी, नंदानगर और बर्फानीधाम सहित 44 टंकियां पूरी तरह सूखी रहीं। इनके अलावा सिरपुर, खजराना, प्रगति नगर, सूर्यदेव नगर, नेहरू नगर, ग्रेटर वैशाली और स्कीम 71 सहित 26 टंकियां ऐसी थीं जो आधी-अधूरी ही भर पाईं, जिससे इन क्षेत्रों में भी कम दबाव से पानी मिला।
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कांग्रेस ने लगाया लापरवाही का आरोप, दो दिन प्यासे रहेंगे शहरवासी
इस पूरे मामले को लेकर अब राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने रामकी कंपनी के अधिकारियों पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया ने प्रभावित स्थल का मुआयना करने के बाद कहा कि स्थानीय नागरिक पिछले 2 महीने से लगातार रामकी कंपनी के अधिकारियों को इस लाइन में लीकेज होने की शिकायत दे रहे थे। अगर जिम्मेदार अधिकारी समय रहते इस पर ध्यान देते तो आज इतनी बड़ी घटना नहीं होती। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की सुस्ती के कारण लाखों गैलन कीमती पानी व्यर्थ बह गया और अब आने वाले दो दिनों तक शहर की जनता को प्यासा रहना पड़ेगा। राजू ने कहा जब मैं महू पहुंचा तो ड्रीमलैंड चौराहे के स्थानीय निवासियों ने बताया कि यहां पर एक छोटा सा लीकेज दो महीने से था। कुछ दिन बाद वो लीकेज बड़े रूप में हो गया। वहां की नालियों में भी नर्मदा का पानी तेजी से बहने लगा। लोगों ने अधिकारियों को शिकायत की लेकिन रामकी कंपनी ने ध्यान नहीं दिया। जब आज सुबह लाइन पूरी तरह से फूट गई और आसपास के कई घरों और दुकानों में पानी भर गया तो अधिकारी मौके पर पहुंचे। अब लोगों का जो नुकसान हुआ है उसका भुगतान कौन करेगा? क्या रामकी कंपनी को इस लापरवाही की सजा मिलेगी?
शहर की 44 टंकियां रहीं पूरी तरह खाली, टैंकरों से होगी जलापूर्ति
इस बड़े लीकेज और सुधार कार्य के चलते शहर की जल वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पाइपलाइन बंद रहने के कारण कुल 44 टंकियां पूरी तरह खाली रहीं, जबकि 26 टंकियों में आधा-अधूरी ही पानी भरा जा सका। इसके चलते आज सुबह से ही शहर के कई बड़े इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मच गया और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होते नजर आए। नगर निगम प्रशासन के अनुसार जिन प्रभावित क्षेत्रों में आज पानी की सप्लाय नहीं हो पाई है, वहां नागरिकों की सुविधा के लिए टैंकरों के माध्यम से पानी सप्लाय करने की तैयारी की गई है।
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इन प्रमुख क्षेत्रों की टंकियां रहीं प्रभावित
नगर निगम के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आज सुबह मां विहार कालोनी, स्कीम 59, बिलावली, भंवरकुआं, खातीवाला, स्नेहनगर, गाड़ी अड््डा, पागनीसपागा, उर्दू स्कूल, एमवायएच, पीडब्ल्यूडी, तुकोगंज, यशवंत क्लब, कुलकर्णी भट्टा, आंबेडकर नगर, एमआईजी, नंदानगर और बर्फानीधाम सहित 44 टंकियां पूरी तरह सूखी रहीं। इनके अलावा सिरपुर, खजराना, प्रगति नगर, सूर्यदेव नगर, नेहरू नगर, ग्रेटर वैशाली और स्कीम 71 सहित 26 टंकियां ऐसी थीं जो आधी-अधूरी ही भर पाईं, जिससे इन क्षेत्रों में भी कम दबाव से पानी मिला।
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