Indore News: चातुर्मास के लिए इंदौर में रुके जैन संत का निधन, सार्वजनिक उद्यान में किया अंतिम संस्कार
इंदौर के केसरबाग में चातुर्मास के लिए रुके 80 वर्षीय जैन संत का निधन होने के बाद अनुयायियों ने सार्वजनिक उद्यान में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया। सुबह जब उद्यान में चिता जलती दिखाई दी तो रहवासियों में नाराजगी फैल गई। इसकी सूचना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंदौर में चातुर्मास के लिए रुके वृद्ध जैन संत का निधन हो गया और अनुयायियों ने केसरबाग के विद्यासागर उद्यान में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया। इससे कॉलोनी के दूसरे परिवारों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बगीचे में रोज महिलाएं और बच्चे जाते हैं और सुबह ट्रैक पर भी लोग टहलने आते हैं।
कुछ रहवासियों ने इसका विरोध भी जताया है। इसकी जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंची और विवाद शांत करने की कोशिश की। यह भी पता चला है कि निधन के बाद जैन संत का अंतिम संस्कार उद्यान में करने के लिए समाज के लोग आवेदन देने थाने भी गए थे, लेकिन सार्वजनिक उद्यान का हवाला देते हुए पुलिस अफसरों ने अनुमति नहीं दी। इसके बाद सुबह उद्यान में ही जैन संत की अंत्येष्टि कर दी गई। उद्यान नगर निगम का है। इस कारण अंतिम संस्कार किए जाने की जानकारी रहवासियों ने नगर निगम अधिकारियों को भी दी है।
पंद्रह दिन पहले जैन समाज के संत चातुर्मास के लिए केसरबाग में रुके थे। 80 वर्षीय संत की तबीयत खराब थी। बुधवार रात उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई और उन्होंने अंतिम सांस ली। समाज के लोगों ने मुक्तिधाम के बजाय कॉलोनी के बगीचे में ही अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया।
सुबह जब उद्यान में लोगों ने चिता जलती देखी तो पुलिस और नगर निगम अधिकारियों को सूचना दी। अफसरों के पहुंचने तक अंतिम संस्कार की क्रिया संपन्न हो चुकी थी। समाजजनों ने कहा है कि चिता ठंडी होने के बाद वे उद्यान के हिस्से को साफ करवा देंगे।
