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MP Weather Today: एमपी में 72 घंटे से बारिश का दौर, 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-गुना में स्कूल बंद
Wed, 12 Aug 2026 07:16 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 12 Aug 2026 07:16 AM IST
सार
मध्यप्रदेश में 3 दिन से जारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। नर्मदा का जलस्तर 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ा है, जबकि 527 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। भोपाल में 200 घरों में पानी घुसा और कई सड़कें डूबीं। इंदौर संभाग के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। बारिश के चलते भोपाल और गुना में स्कूल बंद रखे गए हैं। अगले चार दिन भी प्रदेश के लिए अहम रहेंगे।
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भोपाल में बारिश से बिगड़े हालात
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश अब कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा रही है। पिछले तीन दिनों से जारी बारिश के बीच नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नर्मदा का पानी सिर्फ 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ गया है। कई छोटे पुल डूब गए हैं और निचले इलाकों में घरों तक पानी पहुंच गया है। प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। भोपाल में लगातार दूसरे दिन भी कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। यहां दो दिनों में करीब 8 इंच बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है।
इंदौर संभाग पर सबसे ज्यादा खतरा
प्रदेश में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली का असर बुधवार को भी रहेगा। इंदौर संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश की चेतावनी है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 इंच या उससे अधिक पानी गिर सकता है। भारी बारिश के कारण इन इलाकों में नदी-नालों के उफान पर आने और निचले क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।
भोपाल में 200 घरों में घुसा पानी
राजधानी में लगातार बारिश से हालात बिगड़े हैं। करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया। कई सड़कें घंटों तक बंद रहीं। कुछ स्थानों पर बिजली के ट्रांसफार्मर और वितरण पेटियां पानी में घिर गईं, जिसके बाद सुरक्षा के लिए बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। मंगलवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर करीब एक फीट पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। न्यू पुलिस लाइन स्टेशन रोड पर पानी से भरे गड्ढे में बच्चों से भरी स्कूली वैन भी फंस गई। नर्मदा में तेजी से बढ़ते पानी ने भी चिंता बढ़ा दी है। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर जलस्तर 946.40 फीट दर्ज किया गया है। पिछले 48 घंटे में नदी का जलस्तर करीब 10 फीट बढ़ा है।
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राजगढ़ में 9 इंच तक बारिश
पिछले 24 घंटे में राजगढ़ के ब्यावरा में करीब 9 इंच बारिश हुई। खिलचीपुर में 8 इंच और जीरापुर में 7.7 इंच पानी गिरा। राजगढ़ शहर में 4.4 इंच, नरसिंहपुर और पचोर में 3.7 इंच तथा सारंगपुर में 3.6 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच, आगर में 3.6 इंच और शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच बारिश हुई। गुना के कुंभराज में 3.7 इंच तथा शाजापुर शहर में 3.4 इंच पानी गिरा।
यह भी पढ़ें-MP में 3 दिन की बारिश से बाढ़ जैसे हालात: 527 लोगों का रेस्क्यू, भोपाल में 200 घरों में पानी, स्कूल में छुट्टी
अगले चार दिन अहम
मौसम विभाग के मुताबिक इंदौर क्षेत्र में निम्न दाब क्षेत्र और मानसून की द्रोणिका सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से भी एक द्रोणिका गुजर रही है। इसी वजह से पिछले 72 घंटे से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में भी नया चक्रवात सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से करीब 12 अगस्त के आसपास एक और निम्न दाब क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में अगले चार दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
45 जिलों में बारिश अभी भी कम
लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश के 45 जिलों में बारिश सामान्य से कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में करीब 18 प्रतिशत तक कमी है। कई जिलों में सामान्य से 4 से 52 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में 5 से 46 प्रतिशत तक बारिश कम है। हालांकि भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
यह भी पढ़ें-भोपाल में 154 करोड़ के अंबेडकर फ्लाईओवर की खुली पोल: सालभर में ही उखड़ने लगी सड़क, डामर हटा तो बाहर निकले सरिए
जुलाई का कोटा पूरा, फिर भी सीजन में 13% कमी
जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में तेज बारिश के बावजूद मानसून में दो बार ब्रेक आने से इसकी भरपाई नहीं हो सकी। जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो गया, लेकिन पूरे मानसून सीजन में प्रदेश अभी भी सामान्य से करीब 13 प्रतिशत पीछे है।मध्यप्रदेश में मानसून सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है।
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इंदौर संभाग पर सबसे ज्यादा खतरा
प्रदेश में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली का असर बुधवार को भी रहेगा। इंदौर संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश की चेतावनी है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 इंच या उससे अधिक पानी गिर सकता है। भारी बारिश के कारण इन इलाकों में नदी-नालों के उफान पर आने और निचले क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।
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भोपाल में 200 घरों में घुसा पानी
राजधानी में लगातार बारिश से हालात बिगड़े हैं। करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया। कई सड़कें घंटों तक बंद रहीं। कुछ स्थानों पर बिजली के ट्रांसफार्मर और वितरण पेटियां पानी में घिर गईं, जिसके बाद सुरक्षा के लिए बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। मंगलवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर करीब एक फीट पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। न्यू पुलिस लाइन स्टेशन रोड पर पानी से भरे गड्ढे में बच्चों से भरी स्कूली वैन भी फंस गई। नर्मदा में तेजी से बढ़ते पानी ने भी चिंता बढ़ा दी है। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर जलस्तर 946.40 फीट दर्ज किया गया है। पिछले 48 घंटे में नदी का जलस्तर करीब 10 फीट बढ़ा है।
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राजगढ़ में 9 इंच तक बारिश
पिछले 24 घंटे में राजगढ़ के ब्यावरा में करीब 9 इंच बारिश हुई। खिलचीपुर में 8 इंच और जीरापुर में 7.7 इंच पानी गिरा। राजगढ़ शहर में 4.4 इंच, नरसिंहपुर और पचोर में 3.7 इंच तथा सारंगपुर में 3.6 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच, आगर में 3.6 इंच और शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच बारिश हुई। गुना के कुंभराज में 3.7 इंच तथा शाजापुर शहर में 3.4 इंच पानी गिरा।
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अगले चार दिन अहम
मौसम विभाग के मुताबिक इंदौर क्षेत्र में निम्न दाब क्षेत्र और मानसून की द्रोणिका सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से भी एक द्रोणिका गुजर रही है। इसी वजह से पिछले 72 घंटे से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में भी नया चक्रवात सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से करीब 12 अगस्त के आसपास एक और निम्न दाब क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में अगले चार दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
45 जिलों में बारिश अभी भी कम
लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश के 45 जिलों में बारिश सामान्य से कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में करीब 18 प्रतिशत तक कमी है। कई जिलों में सामान्य से 4 से 52 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में 5 से 46 प्रतिशत तक बारिश कम है। हालांकि भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
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जुलाई का कोटा पूरा, फिर भी सीजन में 13% कमी
जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में तेज बारिश के बावजूद मानसून में दो बार ब्रेक आने से इसकी भरपाई नहीं हो सकी। जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो गया, लेकिन पूरे मानसून सीजन में प्रदेश अभी भी सामान्य से करीब 13 प्रतिशत पीछे है।मध्यप्रदेश में मानसून सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है।
