Indore: अधूरी तैयारियों के साथ ट्रैफिक के लिए खोला बायपास का रालामंडल ब्रिज
इंदौर बायपास पर तीन साल के लंबे इंतजार के बाद रालामंडल ब्रिज को आखिरकार ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। चालीस करोड़ की लागत से बना यह 800 मीटर लंबा ब्रिज अपनी समयसीमा से दो साल देरी से तैयार हुआ है।
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इंदौर के बायपास पर तीन साल बाद बनकर तैयार हुए रालामंडल ब्रिज को आधी-अधूरी तैयारियों के साथ ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। अभी मांगलिया से तेजाजी नगर की तरफ जाने वाली लेन ही ट्रैफिक के लिए खोली गई है। दूसरी लेन पर ट्रैफिक नहीं शुरू किया गया। बीते चार दिनों से ट्रैफिक का ट्रायल रन इस ब्रिज पर किया जा रहा था।
छह लेन ब्रिज का काम तीन साल पहले शुरू हुआ था। इसकी समयसीमा एक साल थी, लेकिन दो साल देरी से यह ब्रिज बना। इस ब्रिज के शुरू होने से रालामंडल की तरफ जाने वाले ट्रैफिक की राह भी आसान होगी। ब्रिज के नीचे से ट्रैफिक रालामंडल व तिल्लौर की तरफ जा सकेगा। जब छह लेन बायपास बना था, तब इस तरफ जाने के लिए वाहन चालकों को काफी घूम कर जाना पड़ता था।
ग्रामीणों ने डिवाइडर तोड़कर रास्ता बना लिया था, लेकिन उससे हादसे होने लगे थे। फिलहाल जो ब्रिज बना है, उसके डिवाइडर अभी पूरी तरह नहीं बने हैं। वहां रेत की बोरियां रखी गई हैं। इसके अलावा कई जगह फिनिशिंग भी नजर नहीं आ रही है। इसके निर्माण पर चालीस करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
ब्रिज की लंबाई 800 मीटर है। अब बायपास अर्जुन बड़ौद व एमआर-10 के ब्रिज को ट्रैफिक के लिए खोला जाएगा, हालांकि इसमें तीन से चार माह का समय लगेगा। अर्जुन बड़ौद ब्रिज में देरी के कारण अक्सर बायपास पर ट्रैफिक जाम होता है। छह माह पहले 30 घंटे से ज्यादा के ट्रैफिक जाम के दौरान तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है।

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