Indore: ट्रैफिक के लिए खोला रालामंडल बायपास का ब्रिज डेढ़ माह बाद फिर बंद, तोड़फोड कर सुधार रहे गलती
इंदौर बायपास पर बने रालामंडल ब्रिज को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 40 करोड़ रुपये की लागत और तीन साल की देरी से तैयार हुआ यह ब्रिज तकनीकी खामियों के चलते शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद बंद करना पड़ा।
विस्तार
रालामंडल ब्रिज पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 40 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, लेकिन फिर भी ब्रिज ट्रैफिक के हिसाब से ठीक नहीं बना। इसकी एक भुजा की रेलिंग के कर्व को ब्रिज की सड़क से आधा फीट ऊंचा बना दिया गया, जिससे टकराकर वाहन हादसों का शिकार हो सकते हैं। जब अफसरों को इस बात का अहसास हुआ तो लोकार्पण के तीन दिन बाद ही ब्रिज की तेजाजी नगर की तरफ जाने वाली भुजा बंद कर दी गई और रेलिंग के पास के हिस्से को तोड़ा गया।
ब्रिज के एक हिस्से में कर्व फुटपाथ की तरह नजर आ रहे हैं और उसकी ऊंचाई भी ब्रिज पर असमान है, जबकि हाईवे के ब्रिजों पर सामान्यतः फुटपाथ नहीं बनाए जाते। कुछ समय बाद ब्रिज की दोनों लेन खोल दी गई, लेकिन चार दिन पहले फिर से दोनों भुजाएं ट्रैफिक के लिए बंद कर दी गईं। कभी थोड़ी देर के लिए ट्रैफिक के लिए खोल भी दिया जाता है।
आपको बता दें कि रालामंडल पर छह लेन ब्रिज का काम तीन साल पहले शुरू हुआ था। इसकी समय सीमा एक साल थी, लेकिन दो साल की देरी से यह ब्रिज बना, फिर भी उसमें खामियां रह गईं। 9 फरवरी को ब्रिज ट्रैफिक के लिए खोला गया था, लेकिन अब फिर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। इससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है और सर्विस रोड पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया है।
लोड टेस्ट भी नहीं हुआ
इस ब्रिज को डेढ़ माह पहले ट्रैफिक के लिए तो खोल दिया गया, लेकिन तब लोड टेस्ट नहीं हो पाया था। अब लोड टेस्ट के बाद ब्रिज ट्रैफिक के लिए खोला जाएगा। टेस्ट के दौरान तय मात्रा में ब्रिज पर लोड रखा जाएगा और फिर ब्रिज कितना भार वहन कर सकता है, इसका आंकलन किया जाएगा। माना जा रहा है कि दस अप्रैल से पहले टेस्ट हो जाएगा। इस बीच ब्रिज के अन्य तकनीकी सुधार भी कर लिए जाएंगे। इसके बाद ब्रिज को पूरी तरह ट्रैफिक के लिए खोला जाएगा।
अर्जुन बड़ौद ब्रिज भी अधूरा
बायपास के अर्जुन बड़ौद में बना रहा ब्रिज का काम भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया हैै। मार्च में ब्रिज का काम पूरा होना था। इस ब्रिज का मामला कोर्ट में भी है। निर्माण के दौरान व्यवस्थित डायवर्शन नहीं होने की वजह से लंबा जाम लगता है। इस कारण छह माह पहले तीन लोगों को मौतें भी हो चुकी है।

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