फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Sadhvi Rithambara spoke the Jantar Mantar and Ram Mandir theft incidents.

Indore News: साध्वी ऋतम्भरा बोलीं-इंदौर मेरी संघर्षभूमि, जंतर मंतर और राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर कही ये बात

Wed, 05 Aug 2026 11:07 PM IST
इंदौर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: इंदौर ब्यूरो Updated Wed, 05 Aug 2026 11:07 PM IST
सार

इंदौर में साध्वी ऋतम्भरा ने भारतीय संस्कृति, राम जन्मभूमि आंदोलन और अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। उन्होंने जंतर-मंतर प्रदर्शन में अभद्र भाषा की आलोचना करते हुए मर्यादित विरोध की अपील की। अयोध्या राम मंदिर चोरी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की बात कही। 

विज्ञापन
Sadhvi Rithambara spoke the Jantar Mantar and Ram Mandir theft incidents.
sadhvi

विस्तार

इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में साध्वी ऋतम्भरा ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि इंदौर उनकी संघर्षभूमि है और यहीं से उनके सार्वजनिक जीवन की महत्वपूर्ण यात्रा शुरू हुई। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास ऐसे युवाओं से भरा है, जिन्होंने अपने त्याग, तप और समर्पण से राष्ट्र का निर्माण और पोषण किया। समाज में जागृति लाने के लिए कभी-कभी चिंगारी भी देनी पड़ती है, लेकिन भारतीय संस्कृति का मूल उद्देश्य रिश्ते जोड़ना और उन्हें निभाना है।
विज्ञापन


उन्होंने भारतीय संस्कृति की विशेषता बताते हुए कहा कि हम चंद्रमा से भी अपना रिश्ता स्थापित करने वाले लोग हैं। भारतीय परिवारों के बच्चे तुलसी के पौधों की तरह होते हैं, जिन्हें वासनाओं की शराब से नहीं, बल्कि गंगाजल जैसे संस्कारों से सींचा जाता है। राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि उनके गुरु ने पहले ही बता दिया था कि यह आंदोलन शुरू होने के बाद व्यक्तिगत जीवन का मोह समाप्त हो जाएगा, लेकिन भगवान श्रीराम के लिए सब कुछ न्योछावर करना ही उनका संकल्प था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- गोद लेने के बहाने बच्चियों से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी प्यारे मियां के खिलाफ साक्ष्य पूरे, शुक्रवार को अंतिम बयान
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने वर्ष 1990 के आंदोलन की यादें साझा करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि अयोध्या में "परिंदा भी पर नहीं मार सकता।" इसके बावजूद रामभक्तों का उत्साह नहीं टूटा। उन्होंने बताया कि वे संत का वेश धारण कर कानपुर से यात्रा कर रही थीं। ट्रेन में कुछ लोग राम मंदिर के विरोध में बातें कर रहे थे, लेकिन संवाद के माध्यम से उन्होंने उनके विचार बदलने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर 500 वर्षों के संघर्ष, बलिदान और आस्था का प्रतीक है।


दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन पर टिप्पणी करते हुए साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि वहां कुछ लड़कियां आंदोलन करने के बजाय अभद्र भाषा का प्रयोग कर रही थीं, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य यह होना चाहिए था कि समाज में पुरुष मां-बहन के लिए अपशब्दों का प्रयोग न करें। उन्होंने युवाओं से मर्यादित भाषा और शालीन व्यवहार अपनाने की अपील की।

अयोध्या स्थित राम मंदिर में हुई चोरी की घटना पर उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इसने पूरे समाज को शर्मसार किया है। उन्होंने कहा कि बड़े समाज में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो पूरे राष्ट्र और समाज को लज्जित कर देते हैं। श्रद्धा से चढ़ाए गए धन पर गिद्ध-दृष्टि रखना गंभीर और दंडनीय अपराध है। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि की यह घटना इसलिए भी अधिक पीड़ादायक है, क्योंकि वहां पिछले 500 वर्षों से केवल धन नहीं, बल्कि लोगों ने अपने प्राणों तक का बलिदान दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed