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Jabalpur News: गलत निरीक्षण रिपोर्ट से NOC प्राप्त कर बंधक रखे 35 प्लॉट बेच दिए, अब EOW ने कसा शिकंजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 05:50 PM IST
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सार
ईओडब्ल्यू ने अविकसित ड्रीमलैंड सिटी कॉलोनी की गलत निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर एनओसी लेकर शासन के पास बंधक 35 प्लॉट बेचने के मामले में डेवलपर गणेश चांडक और उपयंत्री अर्चना दुबे के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
FIR Demo
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अविकसित कॉलोनी की गलत निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर अनापत्ति पत्र प्राप्त कर शासन के पास बंधक रखे 35 प्लॉट का विक्रय कर दिया गया। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने जांच के बाद डेवलपर तथा गलत रिपोर्ट तैयार करने वाली महिला उपयंत्री के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
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ईओडब्ल्यू के अनुसार प्रोपराइटर रामदेव डेवलपर के संचालक गणेश विठ्ठल दास चांडक ने जबलपुर के कठौंदा क्षेत्र में ड्रीमलैंड सिटी कॉलोनी दो फेज में विकसित की गई थी। डेवलपर द्वारा बिजली की लाइन व ट्रांसफार्मर नहीं लगाए गए थे। कॉलोनी में रहने वाले लगभग 400 परिवार गत 10 साल से पानी व बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। कालोनीवासियों ने मूलभूत सेवाओं से वंचित रखे जाने की शिकायत जिला कलेक्टर से की थी। साथ ही डेवलपर और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया था।
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तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी व कॉलोनी सेल द्वारा की गई जांच में पाया गया कि ड्रीमलैंड सिटी कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण विकास विभाग की उपयंत्री अर्चना दुबे की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा प्रो रामदेव डेवलपर को अनापत्ति पत्र जारी किया गया था। डेवलपर ने निरीक्षणकर्ता अधिकारी अर्चना दुबे के साथ आपराधिक षड्यंत्र रचकर तथा पद का दुरुपयोग कर गलत निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर अविकसित कॉलोनी की गलत निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करवाते हुए एनओसी प्राप्त की थी। इसके अलावा शासन के पास बंधक रखे 35 प्लॉट का भी विक्रय कर दिया। ईओडब्ल्यू ने दोनो आरोपियों के खिलाफ धारा 420,120 बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
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