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Jabalpur News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Mon, 19 Jan 2026 10:45 PM IST
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सार

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य शासन सहित अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

Anganwadi workers should be included in the category of government employees
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट।
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विस्तार

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी की श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

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मध्यप्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की महासचिव संगीता श्रीवास्तव की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पिछले कई दशकों से राज्य को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। याचिका में उल्लेख किया गया कि राज्य शासन इन कार्यकर्ताओं से बीएलओ, जनगणना सहित अन्य अतिरिक्त कार्य भी करवा रहा है, जो सामान्यतः सरकारी कर्मचारियों से लिए जाते हैं।

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याचिका में आरोप लगाया गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए नियमित कैडर का सृजन नहीं कर उनका शोषण किया जा रहा है। जबकि वे नियमित कैडर के सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाओं और लाभ पाने की हकदार हैं।

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'आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तृतीय श्रेणी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए'
याचिकाकर्ता की ओर से मांग की गई है कि समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत लागू करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तृतीय श्रेणी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। साथ ही उन्हें सरकारी कर्मचारियों की तरह नियमित वेतन, वेतन वृद्धि, अवकाश, यात्रा भत्ता (टीए), महंगाई भत्ता (डीए) और मकान किराया भत्ता (एचआरए) जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएं। याचिका में यह भी कहा गया कि राज्य शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के भाग तीन और भाग चार में इन सुविधाओं का आश्वासन दिया गया है।

हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद अली ने पैरवी की।

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