Jabalpur News: न्यायिक कर्मचारियों के वेतनमान मामले में हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव फिर होंगे पेश
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में न्यायिक कर्मचारियों के वेतनमान मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हुए। सरकार ने पुनः जांच के लिए समय मांगा। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने अगली सुनवाई 24 जून तय कर मुख्य सचिव को उपस्थित रहने के निर्देश दिए।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में गुरुवार को न्यायिक कर्मचारियों के वेतनमान से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। पूर्व आदेश के पालन में मुख्य सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित हुए। राज्य शासन की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने मामले की दोबारा जांच कर उचित प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 24 जून को निर्धारित करते हुए मुख्य सचिव को उस दिन भी उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, जबलपुर निवासी हाईकोर्ट कर्मचारी किशन पिल्लई समेत 108 कर्मचारियों ने वर्ष 2016 में याचिका दायर कर उच्च वेतनमान का लाभ नहीं दिए जाने को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने पक्ष रखा।
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याचिका में बताया गया कि हाईकोर्ट ने 28 अप्रैल 2017 को आदेश जारी करते हुए कहा था कि मामला 27 जून 2015 से शासन के विचाराधीन है और चार सप्ताह के भीतर इसका निपटारा किया जाए। आदेश का पालन नहीं होने पर वर्ष 2018 में अवमानना याचिका दायर की गई। गत 26 मार्च को हाईकोर्ट ने आदेश के पालन में लगातार हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश के पालन में गुरुवार को मुख्य सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए।

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