Jabalpur Crime: जबलपुर में CBI अधिकारी बनकर 22 लाख की ठगी, वृद्ध दंपती को 6 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट
जबलपुर में जालसाजों ने सीबीआई अधिकारी बनकर 75 वर्षीय वृद्ध और उनकी पत्नी को छह दिन डिजिटल अरेस्ट रखा। मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देकर एफडी तुड़वाई और अलग-अलग खातों में 22 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
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सीबीआई अधिकारी बनकर जालसाजों ने एक वृद्ध दंपती को छह दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा और उनसे 22 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने दंपती को अंग्रेजी में सीबीआई गवर्नमेंट के नाम से लिखा फर्जी नोटिस और आरबीआई में रकम जमा करने की फर्जी रसीद भी भेजी। रकम ट्रांसफर होने के बाद भी आरोपी लगातार उन पर निगरानी रखते रहे।
सिविल लाइन पुलिस के अनुसार, 75 वर्षीय प्रकाश पाल शेजवाल के मोबाइल पर 22 जुलाई की दोपहर अलग-अलग नंबरों से लगातार फोन आए। फोन करने वालों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। उन्होंने प्रकाश पाल से कहा कि हितेश मेहता के साथ मनी लॉन्ड्रिंग और कमलेश जरीवाला के साथ ड्रग्स से जुड़े मामले में उनकी संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं। इसके बाद आरोपियों ने सीबीआई अधिकारी द्वारा उनसे संपर्क किए जाने की बात कही।
जालसाजों ने अंग्रेजी में सीबीआई गवर्नमेंट के नाम से लिखा एक नोटिस भी भेजा। नोटिस देखकर वृद्ध दंपती घबरा गए और आरोपियों के झांसे में आ गए। आरोपियों ने 23 जुलाई से उन्हें लगातार छह दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान हर दो घंटे में दंपती की उपस्थिति दर्ज कराई जाती थी।
आरोपियों ने दंपती को धमकी दी कि अगर उन्होंने अपनी बेटी या किसी परिचित से इस मामले में बात की तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डर के कारण दंपती ने बैंक की एफडी तुड़वाई और आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में कुल 22 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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रकम ट्रांसफर करने के बाद भी आरोपियों ने दंपती पर निगरानी जारी रखी। उन्होंने रकम जमा किए जाने के संबंध में आरबीआई की फर्जी रसीद भी भेजी। इसके साथ ही आरोपियों ने दंपती से वाट्सऐप पर हुई बातचीत का डेटा भी डिलीट करवा दिया।
बाद में वृद्ध दंपती ने अपने एक परिचित को घटना की जानकारी दी। परिचित ने उन्हें साइबर ठगी का शिकार होने की बात बताई। इसके बाद दंपती ने बैंक से जानकारी ली तो पता चला कि रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई थी। इनमें एक खाते में राशि बबलू नाम के व्यक्ति के खाते में भी पहुंची थी।
वृद्ध दंपती की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों और रकम जिन खातों में ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी जुटाकर मामले की जांच कर रही है।
