MP News: रात एक बजे क्यों हुआ वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा सवाल
जबलपुर में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य सचिव समेत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामला रात करीब एक बजे पुनर्गठन से जुड़ी नोटशीट पर हस्ताक्षर किए जाने और बिना वैधानिक या चुनावी प्रक्रिया के बोर्ड के पुनर्गठन से जुड़ा है।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन की प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। बोर्ड के पुनर्गठन से जुड़ी नोटशीट पर रात करीब एक बजे हस्ताक्षर किए जाने के मामले में अदालत ने मुख्य सचिव समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की पीठ ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।
रात एक बजे नोटशीट पर हस्ताक्षर को लेकर उठे सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से सवाल उठाया गया कि जब वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन की प्रक्रिया सामान्य समय में पूरी की जा सकती थी, तो नोटशीट पर रात एक बजे हस्ताक्षर करने की जरूरत क्यों पड़ी। राज्य सरकार ने चार जुलाई को वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी की थी। इससे एक दिन पहले, तीन जुलाई को फैजान खान, डॉक्टर सनवर पटेल, फातिमा चौधरी और इनाउर रहमान ने अपने पदों से इस्तीफा दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने अगले ही दिन नोटशीट के माध्यम से इस्तीफे स्वीकार कर लिए और बिना किसी वैधानिक या चुनावी प्रक्रिया के पूरे बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया।
प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट में उठे कानूनी सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हिमांशु मिश्रा ने दलील दी कि वक्फ अधिनियम की धारा 99 के तहत बोर्ड को भंग किए बिना उसके कार्यकाल के बीच में नए बोर्ड का गठन नहीं किया जा सकता। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता ब्रह्मदत्त सिंह ने पक्ष रखा।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट की पीठ ने मुख्य सचिव, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रमुख सचिव, उप सचिव और वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
10 सदस्यीय नए बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य
राज्य सरकार की ओर से गठित नए 10 सदस्यीय वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्यों मनोज मालपाणी और अनिमेष भार्गव को शामिल किया गया है। सरकार ने डॉक्टर सनवर पटेल को बोर्ड का अध्यक्ष बनाया है। बोर्ड में नजमा हेपतुल्ला, आतिफ अकील, फैजान खान, सिस्टर फातिमा चौधरी, शाइस्ता सुल्तान और शबाना खान को सदस्य बनाया गया है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के आयुक्त को पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
28 सितंबर को सरकार के जवाब से तय होगी आगे की दिशा
अब इस मामले में सरकार की ओर से हाईकोर्ट के समक्ष दिए जाने वाले जवाब पर सबकी नजर है। अदालत 28 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई करेगी। सरकार के जवाब के बाद ही वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन की प्रक्रिया को लेकर आगे की कानूनी दिशा स्पष्ट होगी।
