नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा: हाईकोर्ट ने MPNC रजिस्ट्रार को रिकॉर्ड सहित किया तलब, 13 अगस्त को मांगा जवाब
मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेज मान्यता और कथित फर्जीवाड़े मामले में हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार को रिकॉर्ड सहित व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। अदालत ने जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को तय की है।
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मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और कथित फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल (MPNC) के रजिस्ट्रार को रिकॉर्ड सहित व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की खंडपीठ ने मामले में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।
लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल द्वारा दायर जनहित याचिका में प्रदेश के सैकड़ों नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि निर्धारित मानकों का पालन किए बिना कई नर्सिंग कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं और कागजों पर चल रहे संस्थानों को भी मान्यता दे दी गई। इस पर हाईकोर्ट ने पहले सीबीआई से जांच कराने के निर्देश दिए थे।
सीबीआई जांच में प्रदेश के 695 नर्सिंग कॉलेजों की जांच की गई, जिनमें 156 कॉलेज उपयुक्त (Suitable) पाए गए। इसके बाद कमियां दूर करने पर 89 अन्य कॉलेजों को भी उपयुक्त श्रेणी में शामिल किया गया।
इससे पहले मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल ने हाईकोर्ट से लंबित परीक्षाएं कराने और परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति मांगी थी। खंडपीठ ने सीबीआई जांच में उपयुक्त पाए गए कॉलेजों के जीएनएम तृतीय वर्ष की परीक्षा आयोजित कराने तथा शैक्षणिक सत्र 2022-23 के जीएनएम प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति दी थी। वहीं, सीबीआई जांच में अनुपयुक्त (Unsuitable) पाए गए कॉलेजों की परीक्षाओं पर रोक बरकरार रखी गई थी।
इसी बीच, अनुपयुक्त घोषित कॉलेजों की ओर से हाईकोर्ट में आवेदन दायर कर बताया गया कि उनकी याचिका सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है। उन्होंने छात्रहित में परीक्षा परिणाम घोषित करने और परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति देने की मांग की। वहीं, कमियां दूर कर उपयुक्त श्रेणी में आए कॉलेजों ने छात्रों को अन्य संस्थानों में स्थानांतरित नहीं किए जाने की मांग की। इन आवेदनों पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार को रिकॉर्ड सहित तलब करने के निर्देश जारी किए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने पैरवी की।
