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Jabalpur: अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपति को हाईकोर्ट से राहत, दमोह एसपी को सुरक्षा के दिए निर्देश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Tue, 27 Jan 2026 09:58 PM IST
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सार

अंतरजातीय विवाह करने वाले दमोह के नवदंपति को मिल रही धमकियों पर हाईकोर्ट ने राहत दी है। जस्टिस बीपी शर्मा ने दमोह पुलिस अधीक्षक को दंपति की जान व आजादी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

Ensure the safety of the life and liberty of the newlyweds
मप्र हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अंतरजातीय विवाह करने वाले नवदंपति ने सुरक्षा की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकलपीठ जस्टिस बी.पी. शर्मा ने याचिका का निराकरण करते हुए दमोह पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि वे नवदंपति की जान और आज़ादी की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

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दमोह जिले के हटा निवासी स्वयं अग्रवाल और आर्या मिश्रा की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि दोनों बालिग हैं और उन्होंने आपसी सहमति से हिंदू रीति-रिवाज से प्रेम विवाह किया है। विवाह के बाद युवती के परिजन इसका विरोध कर रहे हैं और दोनों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।

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याचिका में यह भी कहा गया कि युवती के मायके पक्ष द्वारा युवक और उसके परिवार को झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। युवक की हटा स्थित किराना दुकान को आग लगाने की भी धमकी दी गई है। इस संबंध में युवक और उसके पिता ने 7 जनवरी को पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी। वहीं युवती ने भी अपने मायके पक्ष से जान का खतरा बताते हुए पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपा था।


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सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से याचिका का विरोध किया गया, लेकिन शासकीय अधिवक्ता दोनों के बालिग होने और उनकी मर्जी से विवाह किए जाने के तथ्य का खंडन नहीं कर सके। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता पति-पत्नी बालिग हैं और उन्होंने 29 दिसंबर 2025 को विवाह किया है। पत्नी के परिजन याचिकाकर्ता के खिलाफ झूठे आपराधिक मामले दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं और जान से मारने की धमकियां दी गई हैं।

हाईकोर्ट ने दमोह पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया कि वे पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करें और याचिकाकर्ता दंपति की जान व व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विशाल डेनियल ने पैरवी की।

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