MP News : इंदौर ट्रक हादसे पर हाईकोर्ट सख्त, नौ पुलिसकर्मी निलंबित; प्रशासन की लापरवाही पर अदालत नाराज
Jabalpur News : इंदौर एयरपोर्ट रोड पर 15 सितम्बर को हुए भीषण ट्रक हादसे को लेकर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। मंगलवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने सरकार की स्टेटस रिपोर्ट स्वीकार की। हादसे के लिए जिम्मेदारों पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी।
विस्तार
इंदौर में एयरपोर्ट रोड पर नो एंट्री में ट्रक के कोहराम मचाने के मामले में मंगलवार को जबलपुर हाईकोर्ट के समक्ष सुनवाई हुई। इस दौरान इंदौर पुलिस कमिश्नर वर्चुअली और ट्रैफिक डीएसपी व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुए। शासन की ओर से पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि उक्त मामले में लापरवाही बरतने वाले नौ लोगों को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ शीघ्र चार्जशीट जारी की जाएगी। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा एवं जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने कहा कि चूंकि अभी जांच जारी है, इसलिए इस स्टेटस रिपोर्ट को सीलबंद कवर में रखा जाए। युगलपीठ ने याचिका को इंदौर खंडपीठ स्थानांतरित करने के आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को निर्धारित की है।
ट्रक ने मचाया था कोहराम
गौरतलब है कि इंदौर में एयरपोर्ट रोड पर सोमवार 15 सितंबर की शाम को तेज रफ्तार ट्रक के चालक ने जमकर कोहराम मचाया था। ट्रक चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए लगभग एक किलोमीटर के रास्ते में कई वाहनों को टक्कर मारी थी। ट्रक की चपेट में आने के कारण दो लोगों की घटनास्थल पर मौत हो गई। एक युवक की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। इसके अलावा एक दर्जन व्यक्तियों को गंभीर चोटें आई थीं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उक्त भीषण हादसे को लेकर अखबारों में प्रकाशित खबर पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करने के निर्देश दिए थे।
मामले में सीजे की अध्यक्षता वाली बेंच ने विगत 16 सितंबर को याचिका की सुनवाई करते हुए पुलिस आयुक्त इंदौर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के आदेश जारी किए थे। इसके अलावा सरकार को निर्देशित किया था कि भविष्य में ऐसी घटना घटित न हो, इस संबंध में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी न्यायालय को दी जाए।
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'9 पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया'
याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस आयुक्त इंदौर संतोष सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से युगलपीठ के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना के लिए दोषी पाए गए 9 पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। उनकी भूमिका और लापरवाही की जांच करते हुए जल्द ही चार्जशीट पेश की जाएगी। डीसीपी ट्रैफिक इंदौर ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्टेटस रिपोर्ट पेश की। सरकार की ओर से उपस्थित उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने बताया कि ऐसी घटना दोबारा घटित न हो, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
युगलपीठ ने उक्त घटना को कानून-व्यवस्था और प्रशासन की बड़ी विफलता मानते हुए कहा कि नियमों का कड़ाई से पालन हुआ होता, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। न्यायालय ने मामले में नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब सड़क सुरक्षा के सख्त नियम मौजूद हैं, तो इस तरह के हादसे होना बेहद चिंताजनक है।
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