Jabalpur: भाजपा विधायक संजय पाठक के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा मानहानि का मामला, सरकार और पुलिस को नोटिस
कटनी के पूर्व आर्म्स डीलर नाजिम खान द्वारा भाजपा विधायक संजय पाठक के खिलाफ दायर मानहानि याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कैमोर हत्याकांड के बाद विधायक संजय पाठक ने सार्वजनिक बयान में नाजिम खान का नाम लेते हुए उनकी छवि धूमिल की।
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पूर्व आर्म्स डीलर ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका
कटनी निवासी पूर्व आर्म्स डीलर नाजिम खान की ओर से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में भाजपा विधायक संजय पाठक के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज किए जाने की मांग की गई है। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
कैमोर हत्याकांड के बाद दिए गए बयान पर विवाद
याचिका में कहा गया है कि कैमोर में 28 अक्टूबर को हुए एक हत्याकांड के बाद स्थानीय विधायक संजय पाठक ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया था। अपने बयान में उन्होंने कहा था कि कटनी का एक "भाईजान" है, जो पूर्व आर्म्स डीलर था और जिसकी दुकान से 14 हजार गोलियां गायब हो गई थीं। याचिका के अनुसार, विधायक ने जांच की मांग करते हुए नाजिम खान का नाम भी लिया था, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा।
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नाजिम खान ने अपनी याचिका में कहा है कि जब उन्होंने अपनी आर्म्स दुकान सरेंडर की थी, तब प्रशासन द्वारा हथियारों और गोलियों की पूरी गिनती की गई थी। इसके बाद भी प्रशासन ने दोबारा जांच कराई थी। जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं मिलने पर उन्हें प्रशासन की ओर से क्लीन चिट दे दी गई थी। याचिका में दावा किया गया है कि इसके बावजूद सार्वजनिक मंच से उनका नाम लेकर उन पर सवाल उठाए गए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।
एक रुपये की मानहानि का नोटिस भी भेजा गया
याचिकाकर्ता ने बताया कि विधायक संजय पाठक द्वारा सार्वजनिक रूप से नाम लेने के बाद उन्होंने उन्हें एक रुपये की मानहानि का नोटिस भी भेजा था। साथ ही संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवेदन देकर विधायक के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज करने की मांग की गई थी।
पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट की शरण
याचिका में कहा गया है कि पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के बाद उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। इस याचिका में राज्य सरकार, संबंधित पुलिस अधिकारी और विधायक संजय पाठक को अनावेदक बनाया गया है।
