सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Jabalpur News: High Court cracks down on nursing scam, bars result declaration, seeks details from council

Jabalpur News: नर्सिंग फर्जीवाड़े पर हाईकोर्ट सख्त, रिजल्ट जारी करने पर रोक, काउंसिल से मांगी जानकारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Thu, 09 Apr 2026 07:14 PM IST
विज्ञापन
सार

नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए परीक्षा परिणाम जारी करने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने एमपी नर्सिंग काउंसिल से पूरी जानकारी तलब करते हुए सख्त रुख अपनाया है।

Jabalpur News: High Court cracks down on nursing scam, bars result declaration, seeks details from council
हाईकोर्ट ने परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति देने से किया इंकार
विज्ञापन

विस्तार

नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की युगल पीठ ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 के जेएनएम प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति देने से इंकार कर दिया। साथ ही एमपी नर्सिंग काउंसिल को विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

Trending Videos


चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनस सराफ की युगल पीठ के समक्ष यह मामला आया। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के बावजूद अनसूटेबल कॉलेज के छात्रों को सूटेबल कॉलेज में स्थानांतरित नहीं किया गया है। इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए काउंसिल से पूरी जानकारी मांगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि प्रदेश के कई नर्सिंग कॉलेज बिना मानकों के केवल कागजों पर संचालित हो रहे हैं। कई कॉलेजों के पास भवन तक नहीं हैं और एक ही कमरे में लैब व लाइब्रेरी चल रही है। इसके बावजूद उन्हें मान्यता दी गई है।

ये भी पढ़ें: MP News: ग्वालियर-आगरा के बीच बनेगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, ढाई घंटे का सफर सवा घंटे में, जल्द शुरू होगा काम

इस मामले में हाईकोर्ट ने पहले ही नर्सिंग कॉलेजों की जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कॉलेजों को सूटेबल, अनसूटेबल और आंशिक कमी वाली श्रेणियों में वर्गीकृत कर सूची कोर्ट में पेश की थी। इसके बाद कोर्ट ने अनसूटेबल कॉलेजों के छात्रों को सूटेबल कॉलेजों में स्थानांतरित करने के आदेश दिए थे।

गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान एमपी नर्सिंग काउंसिल ने लगभग 30 हजार छात्रों के परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति मांगी थी लेकिन कोर्ट ने इसे मंजूरी नहीं दी। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने पैरवी की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed