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Jabalpur News: आरटीई एक्ट के तहत दाखिला देने में घोटाला, ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया प्रकरण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jan 2026 07:21 PM IST
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सार
Jabalpur News: गरीब बच्चों को दाखिला देने के नाम पर जबलपुर के पांच स्कूलों का घोटाला सामने आया है। इन स्कूल के प्रबंधकों ने सरकार से 26.50 लाख रुपये प्रतिभूर्ति राशि के रूप में लिया। लेकिन गरीब बच्चों को एडमिशन नहीं दिया।
घोटला
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
शिक्षा के अधिकार के तहत प्राइवेट स्कूलों में गरीबी रेखा तथा आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को दाखिला दिये जाने के नाम पर 26.50 लाख रुपये फर्जीवाड़ा किये जाने का मामला ईओडब्ल्यू ने उजागर किया गया है। ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद फर्जीवाड़े में लिप्त पांच स्कूल संचालक तथा नोडल अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
प्राइवेट स्कूल में 25 प्रतिशत सीट नि: शुल्क आवंटित करना अनिर्वाय
ईओडब्ल्यू से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा के अधिकार के तहत प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को दाखिला देने के नाम पर फर्जीवाड़ा किये जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। आरटीई एक्ट के तहत प्राइवेट स्कूलों में गरीबी रेखा तथा आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्राइवेट स्कूल में 25 प्रतिशत सीट नि: शुल्क आवंटित करना अनिर्वाय है।
5 स्कूलों ने किया घोटाला
ईओडब्ल्यू ने जांच में पाया कि साल 2011 से 2016 की अवधि के बीच जबलपुर के 466 प्राइवेट स्कूलों को फीस प्रतिभूर्ति राशि के रूप में 3 करोड़ 27 लाख 83 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। जिसमें से 5 स्कूल प्रबंधन ने 628 छात्रों का फर्जी एडमिशन दिखाकर 26.50 लाख रुपये का घोटाला किया है।
ये भी पढ़ें: खातेगांव पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 48 घंटे में अंधे कत्ल का किया पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार
इन के खिलाफ दर्ज किया गया प्रकरण
ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद स्मिता चिल्ड्रन एकेडमी के संचालक मनीष असाटी तथा स्कूल की नोडल अधिकारी चंद्र कोष्टा, अशासकीय आदर्श ज्ञान सागर की संचालक नसरीन बेगम, तथा नोडल अधिकारी गुल निगार खान, गुरू पब्लिक स्कूल के मो तौफिक तथा नोडल अधिकारी अख्तर बेगम, अस्मानिया मिडिल स्कूल के संचालक मो शमीम तथा नोडल अधिकारी राजेंद्र बुधौलिया तथा सेंट अब्राहम स्कूल के संचालक मोहम्मद शफीक तथा नोडल अधिकारी डी के मेहता के खिलाफ धारा 420, 409, 120 बी सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
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प्राइवेट स्कूल में 25 प्रतिशत सीट नि: शुल्क आवंटित करना अनिर्वाय
ईओडब्ल्यू से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा के अधिकार के तहत प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को दाखिला देने के नाम पर फर्जीवाड़ा किये जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। आरटीई एक्ट के तहत प्राइवेट स्कूलों में गरीबी रेखा तथा आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्राइवेट स्कूल में 25 प्रतिशत सीट नि: शुल्क आवंटित करना अनिर्वाय है।
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5 स्कूलों ने किया घोटाला
ईओडब्ल्यू ने जांच में पाया कि साल 2011 से 2016 की अवधि के बीच जबलपुर के 466 प्राइवेट स्कूलों को फीस प्रतिभूर्ति राशि के रूप में 3 करोड़ 27 लाख 83 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। जिसमें से 5 स्कूल प्रबंधन ने 628 छात्रों का फर्जी एडमिशन दिखाकर 26.50 लाख रुपये का घोटाला किया है।
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इन के खिलाफ दर्ज किया गया प्रकरण
ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद स्मिता चिल्ड्रन एकेडमी के संचालक मनीष असाटी तथा स्कूल की नोडल अधिकारी चंद्र कोष्टा, अशासकीय आदर्श ज्ञान सागर की संचालक नसरीन बेगम, तथा नोडल अधिकारी गुल निगार खान, गुरू पब्लिक स्कूल के मो तौफिक तथा नोडल अधिकारी अख्तर बेगम, अस्मानिया मिडिल स्कूल के संचालक मो शमीम तथा नोडल अधिकारी राजेंद्र बुधौलिया तथा सेंट अब्राहम स्कूल के संचालक मोहम्मद शफीक तथा नोडल अधिकारी डी के मेहता के खिलाफ धारा 420, 409, 120 बी सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।

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