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MP: हत्या के दोषी को हाईकोर्ट से 12 दिन की राहत, नवजात और पत्नी की देखभाल के लिए मिली अस्थायी जमानत
Sun, 12 Jul 2026 10:13 AM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2026 10:13 AM IST
सार
हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सिंगरौली के एक दोषी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 12 दिन की अस्थायी जमानत दी है। आरोपी ने गर्भवती पत्नी की देखभाल के लिए राहत मांगी थी।
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हाईकोर्ट ने मानवीय आधार पर दिया राहत का आदेश
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक दोषी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मानवीय आधार पर 12 दिन की अस्थायी जमानत दी है। आरोपी ने अपनी गर्भवती पत्नी की देखभाल के लिए राहत मांगी थी। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि उसकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दे दिया है। इसके बाद हाईकोर्ट ने पत्नी और नवजात की देखभाल के लिए आरोपी को सीमित अवधि की जमानत देने का आदेश दिया।
हत्या के मामले में मिली थी आजीवन कारावास की सजा
मामला सिंगरौली जिले का है। जिला न्यायालय ने लाला राम वैश्य समेत चार आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराते हुए जनवरी 2026 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ लाला राम वैश्य ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। इसी अपील की सुनवाई के दौरान उसने अपनी गर्भवती पत्नी की देखभाल के लिए अस्थायी जमानत देने का आवेदन भी लगाया था।
हाईकोर्ट ने कराई तथ्यों की पुष्टि
मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस ए.के. सिंह की खंडपीठ ने की। अदालत ने पहले आरोपी के दावों की पुष्टि कराने के निर्देश दिए थे। अगली सुनवाई में बताया गया कि आरोपी की पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया है। सरकारी अधिवक्ता ने भी इस तथ्य की पुष्टि की।
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20 जुलाई तक करना होगा आत्मसमर्पण
तथ्यों की पुष्टि होने के बाद हाईकोर्ट ने आरोपी को पत्नी और नवजात की देखभाल के लिए 12 दिनों की अस्थायी जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आरोपी 20 जुलाई की शाम 5 बजे तक संबंधित ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करेगा। फिलहाल उसकी मुख्य अपील पर सुनवाई आगे जारी रहेगी।
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हत्या के मामले में मिली थी आजीवन कारावास की सजा
मामला सिंगरौली जिले का है। जिला न्यायालय ने लाला राम वैश्य समेत चार आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराते हुए जनवरी 2026 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ लाला राम वैश्य ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। इसी अपील की सुनवाई के दौरान उसने अपनी गर्भवती पत्नी की देखभाल के लिए अस्थायी जमानत देने का आवेदन भी लगाया था।
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हाईकोर्ट ने कराई तथ्यों की पुष्टि
मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस ए.के. सिंह की खंडपीठ ने की। अदालत ने पहले आरोपी के दावों की पुष्टि कराने के निर्देश दिए थे। अगली सुनवाई में बताया गया कि आरोपी की पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया है। सरकारी अधिवक्ता ने भी इस तथ्य की पुष्टि की।
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20 जुलाई तक करना होगा आत्मसमर्पण
तथ्यों की पुष्टि होने के बाद हाईकोर्ट ने आरोपी को पत्नी और नवजात की देखभाल के लिए 12 दिनों की अस्थायी जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आरोपी 20 जुलाई की शाम 5 बजे तक संबंधित ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करेगा। फिलहाल उसकी मुख्य अपील पर सुनवाई आगे जारी रहेगी।
