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Jabalpur News: यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का कर दिया है विनष्टीकरण, सरकार की तरफ से HC में रिपोर्ट पेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jul 2025 09:40 AM IST
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सार
हाईकोर्ट में सरकार ने जानकारी दी कि यूनियन कार्बाइड के 337 मीट्रिक टन जहरीले कचरे का विनष्टीकरण पीथमपुर में सफलतापूर्वक किया गया। 19.157 मीट्रिक टन शेष कचरे का निपटान 3 जुलाई 2025 तक होगा। कोर्ट ने लैंडफिल पर विशेषज्ञ रिपोर्ट 31 जुलाई तक पेश करने के निर्देश दिए।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यूनियन कार्बाइड के 337 मीट्रिक टन जहरीले कचरे का विनष्टीकरण सफलतापूर्वक पीथमपुर स्थित सुविधा केंद्र में कर दिया गया है। ये जानकारी हाईकोर्ट में सरकार की तरफ हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन तथा जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल की युगलपीठ को दी गई। यूसीआईएल से 19.157 मीट्रिक टन अतिरिक्त जहरीला कचरा एकत्र किया गया है, जिसका विनष्टीकरण 3 जुलाई 2025 तक कर दिया जाएगा। बताया गया कि केंद्रीय तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में जहरीले कचरे का विनष्टीकरण किया गया है।
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गौरतलब है कि भोपाल निवासी आलोक प्रभाव सिंह द्वारा साल 2004 में दायर की गई याचिका में कहा गया था कि भोपाल गैस त्रासदी के दौरान यूनियन कार्बाइड कंपनी से हुए जहरीले गैस रिसाव में लगभग 4 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। भोपाल गैस त्रासदी के बाद यूनियन कार्बाइड फैक्टरी में करीब 350 मीट्रिक टन जहरीले कचरा पड़ा है। याचिका में जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट मामले की सुनवाई स्वतः संज्ञान लेकर कर रहा है। याचिका दायर किए हुए 20 साल से समय गुजर जाने के बावजूद भी जहरीले कचरे का विनिष्टीकरण नहीं किए जाने को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया था। जहरीले कचरे का विनिष्टीकरण के संबंध में हाईकोर्ट ने सख्त आदेश जारी किए थे।
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याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से उक्त जानकारी पेश की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि 27 फरवरी से 12 मार्च तक ट्रायल रन के दौरान 30 मीट्रिक टन कचरे का विनष्टीकरण किया गया था। यूसीआईएल के 337 मीट्रिक टन कचरे का विनष्टीकरण 30 जून की रात 1 बजकर 2 मिनट तक कर दिया गया था। यूसीआईएल से 19.157 मीट्रिक टन अतिरिक्त जहरीला कचरा एकत्र किया गया है, जिसका विनष्टीकरण 3 जुलाई 2025 तक कर दिया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेशानुसार जहरीले कचरे को 270 किलो प्रति घंटे के हिसाब से जलाकर उसका विनष्टीकरण किया गया।
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जहरीले कचरे से 850 मीट्रिक टन राख व अवशेष एकत्रित हुआ है। एमपीपीसीबी से सीटीओ मिलने के बाद अलग लैंडफिल सेल में उसे नष्ट किया जाएगा। युगलपीठ ने लैंडफिल के लिए एक्सपर्ट की रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई 31 जुलाई को निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ, खालिद फखरुद्दीन ने पैरवी की।

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