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MP News: 18 करोड़ के शिक्षा घोटाले के बाद अब सहकारी संस्था में चार करोड़ का गबन, तीन पर एफआईआर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीराजपुर
Published by: झाबुआ ब्यूरो
Updated Tue, 21 Apr 2026 03:46 PM IST
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सार
अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा में एक बार फिर सरकारी खजाने में बड़ी सेंधमारी का मामला उजागर हुआ है। 18 करोड़ के शिक्षा घोटाले के बाद अब आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था में करीब 4 करोड़ रुपये का गबन सामने आया है।
तीन पर दर्ज हुई FIR
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा में सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अभी 18 करोड़ रुपये के शिक्षा विभाग घोटाले की गूंज शांत भी नहीं हुई थी कि अब आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था में एक और बड़ा वित्तीय गबन सामने आया है। रविवार देर शाम पुलिस ने इस मामले में संस्था के तीन तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ करीब 4 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
फर्जी प्रविष्टियों और ऋण के नाम पर हुई करोड़ों की हेराफेरी
जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने बैंक के सीबीएस (CBS) सिस्टम में सेंध लगाकर फर्जी आईडी के जरिए गलत प्रविष्टियां की थीं। इन लोगों ने किसानों की तय ऋण सीमा से कहीं अधिक राशि का वितरण कागजों पर दर्शाया और वित्तीय अनियमितताएं कीं। इतना ही नहीं, जब भोले-भाले किसानों ने अपना कर्ज चुकाने के लिए राशि जमा की, तो उस रकम को उनके खातों में जमा करने के बजाय अधिकारियों ने खुद डकार लिया। कुल मिलाकर 3,99,05,661 रुपये की सरकारी राशि का गबन किया गया है।
उदय सिंह चौहान द्वारा कट्ठीवाड़ा थाने में दिए गए लिखित आवेदन और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया है। मामले में नामजद किए गए आरोपी इस प्रकार हैं:
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू
जिला प्रशासन और बैंक मुख्यालय से मिले कड़े निर्देशों के बाद कट्ठीवाड़ा पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 409 (लोक सेवक द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। इस बड़े आर्थिक अपराध की विस्तृत विवेचना की जिम्मेदारी उप-निरीक्षक लालू सिंह भूरिया को सौंपी गई है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस खेल में क्या कुछ और लोग भी शामिल थे।
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फर्जी प्रविष्टियों और ऋण के नाम पर हुई करोड़ों की हेराफेरी
जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने बैंक के सीबीएस (CBS) सिस्टम में सेंध लगाकर फर्जी आईडी के जरिए गलत प्रविष्टियां की थीं। इन लोगों ने किसानों की तय ऋण सीमा से कहीं अधिक राशि का वितरण कागजों पर दर्शाया और वित्तीय अनियमितताएं कीं। इतना ही नहीं, जब भोले-भाले किसानों ने अपना कर्ज चुकाने के लिए राशि जमा की, तो उस रकम को उनके खातों में जमा करने के बजाय अधिकारियों ने खुद डकार लिया। कुल मिलाकर 3,99,05,661 रुपये की सरकारी राशि का गबन किया गया है।
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इन तीन जिम्मेदार अधिकारियों पर गिरी गाजउदय सिंह चौहान द्वारा कट्ठीवाड़ा थाने में दिए गए लिखित आवेदन और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया है। मामले में नामजद किए गए आरोपी इस प्रकार हैं:
- गिरधारी लाल राठौड़: तत्कालीन शाखा प्रबंधक (आमखुट), संस्था प्रबंधक और शाखा पर्यवेक्षक।
- निर्भय सिंह तोमर: तत्कालीन शाखा प्रबंधक (कट्ठीवाड़ा), निवासी बड़ी सर्दी।
- रमेश भूरिया: समिति प्रबंधक, निवासी केवड़ा।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू
जिला प्रशासन और बैंक मुख्यालय से मिले कड़े निर्देशों के बाद कट्ठीवाड़ा पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 409 (लोक सेवक द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। इस बड़े आर्थिक अपराध की विस्तृत विवेचना की जिम्मेदारी उप-निरीक्षक लालू सिंह भूरिया को सौंपी गई है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस खेल में क्या कुछ और लोग भी शामिल थे।

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