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MP Crime: कटनी जेल में विचाराधीन कैदियों के बीच विवाद, मच्छरदानी के तार से खुद का गला रेता, अस्पताल में भर्ती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: कटनी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Oct 2025 12:15 AM IST
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सार
कटनी जेल में विचाराधीन कैदियों के बीच हुआ विवाद इस कदर बढ़ गया कि हत्या के आरोपी से डरे एक अन्य कैदी ने मच्छरदानी के तार खुद को फांसी लगाने की कोशिश की। बहरहाल घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिला जेल कटनी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जिले में एक विचाराधीन कैदी के गले में आई गंभीर चोट के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जानकारी के मुताबिक झिंझरी स्थित जिला जेल के भीतर विचाराधीन कैदियों के दो गुटों में विवाद इतना बढ़ गया कि हत्या के आरोपी दीपक मोटवानी की प्रताड़ना से डरे दीपक अहिरवार ने मच्छर जाली के तार से खुद को फांसी लगाने की कोशिश की। जेल के भीतर की इस घटना के बाद पूरे जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई।
मिली जानकारी के अनुसार रोहित चंचलानी हत्याकांड में विचाराधीन कैदी दीपक मोटवानी पिता सुरेश मोटवानी और पवन पटेल का उसी बैरक में बंद दीपक अहिरवार से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जानकारी के मुताबिक विवाद के बाद दीपक मोटवानी लगातार उसे धमका रहा था, जिसके बाद दहशत के साए में जी रहे दीपक अहिरवार ने मौका पाते ही मच्छर जाली की तार से खुद की जान लेने का प्रयास किया। हालांकि सूत्रों की मानें तो दीपक मोटवानी ने गुटखा को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद दीपक अहिरवार का गला घोंटने का प्रयास किया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।
ये भी पढ़ें: Mandsaur News: किराए पर वाहन लेने के नाम पर करोड़ों की ठगी, भानपुरा पुलिस ने आरोपी को दबोचा, 21 गाड़ियां जब्त
शोर सुनकर जेल सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और किसी तरह दीपक अहिरवार को बचाया। गले की चमड़ी घिसने से उसे गंभीर चोट आ गई, जिसके बाद घायल कैदी को तुरंत झिंझरी जेल से जिला अस्पताल रैफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। आपको बता दें कि माधव नगर निवासी दीपक मोटवानी और पवन पटेल सहित पांच आरोपी रोहित चंचलानी हत्याकांड में जेल में बंद हैं। इन्हीं में से मुख्य आरोपी दीपक मोटवानी ने जेल के अंदर इस वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद कटनी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पूरे मामले को लेकर जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी ने कहा कि प्राथमिक जांच में यह दो गुटों का विवाद प्रतीत होता है। उनका कहना है कि दीपक अहिरवार ने खुद को तार से घायल किया है, हालांकि यह भी सच है कि हाल ही में उसका दीपक मोटवानी और पवन पटेल से विवाद हुआ था।
बहरहाल जेल प्रशासन ने दोनों गुटों के कैदियों के बैरक बदल दिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है लेकिन बड़ा सवाल यह है जेल के भीतर विचाराधीन कैदियों के पास हमला करने का साधन आखिर पहुंचा कैसे? वहीं जेल के भीतर खुलेआम चल रही गुटबाजी से एक बार फिर जिला जेल की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।
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मिली जानकारी के अनुसार रोहित चंचलानी हत्याकांड में विचाराधीन कैदी दीपक मोटवानी पिता सुरेश मोटवानी और पवन पटेल का उसी बैरक में बंद दीपक अहिरवार से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जानकारी के मुताबिक विवाद के बाद दीपक मोटवानी लगातार उसे धमका रहा था, जिसके बाद दहशत के साए में जी रहे दीपक अहिरवार ने मौका पाते ही मच्छर जाली की तार से खुद की जान लेने का प्रयास किया। हालांकि सूत्रों की मानें तो दीपक मोटवानी ने गुटखा को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद दीपक अहिरवार का गला घोंटने का प्रयास किया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।
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शोर सुनकर जेल सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और किसी तरह दीपक अहिरवार को बचाया। गले की चमड़ी घिसने से उसे गंभीर चोट आ गई, जिसके बाद घायल कैदी को तुरंत झिंझरी जेल से जिला अस्पताल रैफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। आपको बता दें कि माधव नगर निवासी दीपक मोटवानी और पवन पटेल सहित पांच आरोपी रोहित चंचलानी हत्याकांड में जेल में बंद हैं। इन्हीं में से मुख्य आरोपी दीपक मोटवानी ने जेल के अंदर इस वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद कटनी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पूरे मामले को लेकर जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी ने कहा कि प्राथमिक जांच में यह दो गुटों का विवाद प्रतीत होता है। उनका कहना है कि दीपक अहिरवार ने खुद को तार से घायल किया है, हालांकि यह भी सच है कि हाल ही में उसका दीपक मोटवानी और पवन पटेल से विवाद हुआ था।
बहरहाल जेल प्रशासन ने दोनों गुटों के कैदियों के बैरक बदल दिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है लेकिन बड़ा सवाल यह है जेल के भीतर विचाराधीन कैदियों के पास हमला करने का साधन आखिर पहुंचा कैसे? वहीं जेल के भीतर खुलेआम चल रही गुटबाजी से एक बार फिर जिला जेल की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।

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