MP: एमपी-यूपी में मोबाइल चोरी कर बंगाल से करते थे अकाउंट खाली, अंतर्राज्यीय साइबर गैंग के 3 आरोपी अरेस्ट
कटनी पुलिस ने मोबाइल चोरी कर बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा किया। पुलिस ने झारखंड के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चार मोबाइल और 18 हजार रुपये बरामद किए। आरोपियों ने 14 मोबाइल चोरी करना स्वीकार किया।
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मध्यप्रदेश की कटनी पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों में मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। इसके बाद चोरी किए गए मोबाइल से जुड़े बैंक खातों से रकम निकाल ली जाती थी। पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन और 18 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि बाकल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को झिंझरी इलाके से गिरफ्तार किया। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस फरार आरोपी समेत गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
जानकारी के मुताबिक, 26 जून 2026 को बाकल थाना क्षेत्र निवासी सपा नेता शंकरलाल महतो बाजार करने गए थे। इसी दौरान उनका मोबाइल चोरी हो गया। उन्होंने इसकी एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद साइबर ठगों ने तीन दिन के भीतर उनके बैंक खाते से करीब 2 लाख 10 हजार रुपये निकाल लिए। मामला सामने आते ही पुलिस ने साइबर टीम को सक्रिय किया और दो टीमें अलग-अलग स्थानों के लिए रवाना कीं।
इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मोबाइल चोरी करने वाला गिरोह कटनी में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस की एक टीम ने झिंझरी इलाके में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से चार मोबाइल फोन और 18 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।
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पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झारखंड के साहिबगंज निवासी तिवारी महतो (35), उज्ज्वल कुमार उर्फ डिस्को महतो (39) और रोनू महतो के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बाकल से मोबाइल चोरी करने और बैंक खातों से रकम निकालने की बात स्वीकार की है।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे करीब एक साल से जबलपुर के दीनदयाल चौक इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे। इस दौरान उन्होंने सिहोरा, गढ़ा, लार्डगंज, बहोरीबंद, बाकल और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मोबाइल चोरी की वारदातें कीं। आरोपियों ने अब तक 14 मोबाइल चोरी करना स्वीकार किया है।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी किए गए मोबाइल मालदा, पश्चिम बंगाल निवासी करीम शेख उर्फ साजन के पास भेजे जाते थे। जिन मोबाइलों में स्क्रीन लॉक या सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होती थी, उनमें यूपीआई पिन सेट कर बैंक खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद मोबाइल आगे भेज दिए जाते थे और रकम गिरोह के सदस्यों में बांट दी जाती थी।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपी करीम शेख की तलाश कर रही है। इसके साथ ही चोरी किए गए 14 मोबाइल, उनसे जुड़े बैंक खातों, यूपीआई लेनदेन और डिजिटल मनी ट्रेल की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच में अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और स्थानीय कनेक्शन का भी पता चल सकता है।
