Khandwa News: बारिश के बाद खेत में पानी भरने से परेशान बुजुर्ग किसान ने की आत्महत्या, पुत्र ने बताई ये बात
खंडवा के सारोला गांव में 75 वर्षीय किसान ने कर्ज, पिछली फसल खराब होने और भारी बारिश से खेत में पानी भरने के कारण कथित रूप से कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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खंडवा जिले के ग्रामीण अंचल में कर्ज में दबे एक बुजुर्ग किसान ने भारी बारिश के बाद खेत में पानी भरने से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार मृतक किसान की पिछली फसल भी खाद नहीं मिलने से बर्बाद हुई थी जिससे वह पहले ही परेशान चल रहा था। इसके बाद किसान को इस बार की फसल से उम्मीद थी, लेकिन निमाड़ अंचल में बीते दिनों हुई भारी बारिश से किसान के खेत में पानी भरा गया। इससे पूरा खेत बर्बाद होने से किसान लगातार परेशान चल रहा था। इसी बीच बुधवार दोपहर उसने अपने घर में ही कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि परिजन तुरंत उन्हें गम्भीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां कुछ देर के इलाज के बाद देर शाम डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इधर ग्राम सारोला के इस 75 वर्षीय बुजुर्ग किसान द्वारा उठाए गए कदम से अस्पताल में मौजूद उनके परिजन और साथ आए ग्रामीण भी बदहवास दिखे, तो वहीं कुछ लोग उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे थे। देर शाम हुई किसान की मौत के बाद गुरुवार सुबह उनका शव अस्पताल के पीएम रूम भिजवाया गया, जहां ग्रामीणों की मौजूदगी में किसान का पीएम करवाकर शव परिजन को सौंप दिया गया।
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पीएम रूम के बाहर मृतक किसान भागीरथ के पुत्र हौसिलाल ने बताया कि उनके पिता किसानी का काम करते थे, और उनके पास मरीब 3 एकड़ के खेत थे जिसमें वे बोवनी की तैयारी कर रहे थे। कल उन्होंने आत्महत्या कर ली। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि, वे अधिक बारिश होने के कारण कुछ टेंशन में थे। क्योंकि उन्होंने वे खेत अब तक तैयार नहीं कर पाए थे, और ना ही अब तक बुवाई की थी। उनकी पिछली फसल भी नहीं निकली थी क्योंकि उस समय वो खाद के लिए परेशान होते रहे, लेकिन जो खाद चाहिए था वो उन्हें नही मिल रहा था। उन्होंने जो खाद का टोकन बनवाया था, उससे उन्हें बुरहानपुर या दूसरी जगहों के बाहर के स्लॉट में खाद मिलना बता रहा था, और खंडवा का स्लॉट नहीं मिल पाया था। यही नहीं, किसान पुत्र ने आशंका जताई कि पिछली फसल के समय उन्होंने साहूकारों से कर्ज भी लिया था, लेकिन कितना लिया था इसकी जानकारी अभी उन्हें नहीं है, तो इन्हीं सब बातों से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।
