Omkareshwar News: नर्मदा नदी पुल पर बड़ा हादसा टला, अनियंत्रित होकर नदी में गिरी कार, मछुआरों ने बचाई जान
मोरटक्का खेड़ी घाट पुल पर एक डंपर और कार की भिड़ंत में पीछे से आ रही कार असंतुलित होकर नदी में जा गिरी। मछुआरों की तत्परता से कार चालक को तुरंत बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
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ओंकारेश्वर से करीब 15 किलोमीटर दूर इंदौर-खंडवा-इच्छापुर मार्ग पर स्थित मोरटक्का खेड़ी घाट नर्मदा नदी पुल पर शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एनएचएआई के कार्य में लगे एक डंपर और कार की भिड़ंत के बाद पीछे से आ रही दूसरी कार का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नर्मदा नदी में जा गिरी। सौभाग्य से नदी में मौजूद मछुआरों ने तत्काल चालक की जान बचा ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसा शनिवार रात लगभग 12 बजे हुआ। तेज रफ्तार कार सामने से आ रहे एनएचएआई के डंपर से टकरा गई। इसी दौरान पीछे से आ रही दूसरी कार का नियंत्रण बिगड़ गया और वह पुल से नीचे नदी में गिर गई। संयोग से उसी समय कुछ मछुआरे नाव लेकर वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने तुरंत तत्परता दिखाते हुए चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। चालक को किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई।
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वहीं पहली कार में सवार दो लोग घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए सनावद अस्पताल भेजा गया। सूचना मिलते ही मोरटक्का चौकी और बड़वाह पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्रेन की मदद से नदी में गिरी कार को बाहर निकलवाया और पुल पर फंसे डंपर को भी सुरक्षित तरीके से हटवाया। हादसे के चलते कुछ देर के लिए पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने यातायात को डायवर्ट कर व्यवस्था नियंत्रित की और कई घंटों की मशक्कत के बाद मार्ग पूरी तरह बहाल किया।
मोरटक्का चौकी प्रभारी लखन डाबर ने बताया कि यह राहत की बात है कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस ने रात में ही वाहन को निकालकर पुल को खाली करवा दिया। नदी में गिरने के बाद बचाए गए चालक ने बताया कि आगे चल रही कार ने डंपर को टक्कर मारी थी। डंपर चालक ने मुझे बचाने का प्रयास किया लेकिन मेरी कार नदी में जा गिरी। नाविकों ने समय रहते मुझे बाहर निकाल लिया, जिससे मेरी जान बची।
घटना के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पुल 70 साल पुराना है, फिर भी यहां से रोजाना 80-90 टन वजनी रेत और गिट्टी से भरे ट्रक और डंपर गुजरते हैं। लोगों का कहना है कि अगर पुल को कोई नुकसान पहुंचा तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? इस पर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
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