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मप्र में हैं 5 नरेंद्र मोदी: कभी दिखाना पड़ता है ID तो कभी बनता है मजाक, जानें पीएम के हमनामों की अनोखी कहानी

Fri, 18 Sep 2026 12:18 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: प्रिया वर्मा Updated Fri, 18 Sep 2026 12:18 PM IST
सार

मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच हमनाम रहते हैं। नाम बताते ही कोई चौंक जाता है, कोई मजाक करता है तो कहीं पहचान को लेकर भ्रम हो जाता है। इन लोगों को कई बार ID दिखाकर बताना पड़ता है कि वे PM नहीं, आम नागरिक हैं।

 

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Madhya Pradesh Has 5 ‘Narendra Modis’: Name Sparks Surprise, They Often Show ID to Prove Identity
पीएम मोदी के हमनाम नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर को अपना 76वां जन्मदिन मनाया। उनके जन्मदिन के मौके पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी बीच पीएम के जन्मदिन के मौके पर उनके नाम से जुड़ा एक दिलचस्प संयोग सामने आया है। प्रदेश में एक-दो नहीं पांच लोग ऐसे हैं, जिनका नाम नरेंद्र मोदी है। पीएम के हमनाम होने के कारण उनके साथ कभी मजाक तो कभी पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति बनती है और उन्हें कई बार आईडी दिखाकर साबित करना पड़ता है कि वे प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि आम नागरिक हैं।

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एक नाम, पांच लोग और हर एक की अलग कहानी
जरा सोचिए, आप किसी को अपना नाम बताएं और सामने वाला अचानक चौंककर सवाल करे- क्या आप सच में नरेंद्र मोदी हैं? पहचान के लिए आधार कार्ड या कोई दूसरा ID प्रूफ दिखाना पड़े। मध्य प्रदेश के कुछ लोगों के लिए यह कोई कल्पना नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। प्रधानमंत्री के जैसा नाम होने के कारण इन्हें कई बार अजीब और मजेदार परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। कोई नाम सुनकर हंस देता है तो कोई पहले यकीन ही नहीं करता। ऐसे में पहचान साबित करने के लिए आईडी कार्ड दिखाना पड़ता है।
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रिटायर्ड प्रिंसिपल को बताना पड़ा- मैं पीएम नहीं हूं
बुरहानपुर के 67 वर्षीय नरेंद्र मोदी रिटायर्ड सरकारी स्कूल प्रिंसिपल हैं और स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनर भी रह चुके हैं। एक चुनाव प्रशिक्षण कार्यक्रम के सिलसिले में जब वे दिल्ली पहुंचे और अपना परिचय दिया, तो उनका नाम सुनकर वहां मौजूद क्लर्क भी चौंक गया। नरेंद्र मोदी ने बताया कि जैसे ही उन्होंने अपना नाम बताया, क्लर्क ने पूछा कि क्या वे मजाक कर रहे हैं?  पहचान पत्र दिखाने के बाद भी उसे भरोसा नहीं हुआ। काफी समझाने के बाद स्थिति साफ हुई और क्लर्क ने उनसे माफी मांगी।
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इस घटना के बाद उन्होंने एक बात गांठ बांध ली कि अपना ID कार्ड हमेशा साथ रखना है। उनके लिए यह सबसे आसान तरीका बन गया कि जरूरत पड़ने पर तुरंत साबित किया जा सके कि वे प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि बुरहानपुर के रिटायर्ड स्कूल प्रिंसिपल नरेंद्र मोदी हैं।

बैंक मैनेजर ने नाम सुना तो पड़ गए असमंजस में
2015 का एक और किस्सा बताते हुए रिटायर्ड स्कूल प्रिंसिपल नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने एक बैंक मैनेजर को छात्रवृत्ति और जनधन खातों से जुड़े काम के लिए फोन किया था। बातचीत के दौरान जब उन्होंने अपना नाम बताया तो मैनेजर कुछ देर के लिए असमंजस में पड़ गया। उन्हें अपनी आवाज ऊंची करके समझाना पड़ा कि फोन करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं, बल्कि बुरहानपुर का स्कूल प्रिंसिपल है। इसके बाद मैनेजर को यकीन हुआ कि फोन दूसरी तरफ मौजूद आम नागरिक नरेंद्र मोदी का है।

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MP ने कहा- पीएम का फोन है 
ऐसे ही एक बार स्थानीय सांसद के साथ जुड़ा किस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि एक बार किसी काम के लिए फोन पर उनसे मिलने का समय मांगा तो उन्होंने नाम सुनते ही कहा- मोबाइल स्क्रीन पर नरेंद्र मोदी नाम आने से लोग समझते हैं कि पीएम का फोन है। 

देवास में ऑफिस की पेंट्री में चाय सर्व करते हैं नरेंद्र मोदी
मध्य प्रदेश के एक अन्य नरेंद्र मोदी देवास में ऑफिस की पेंट्री में चाय सर्व करते हैं। उनका कहना है कि जब वे अपना नाम बताते हैं तो लोग कुछ पल रुकते हैं, मुस्कुराते हैं और फिर उन्हें गौर से देखते हैं। उनके मुताबिक नाम के कारण ग्राहक उन्हें आसानी से याद रखते हैं और अक्सर उनके साथ इसी नाम को लेकर मजाक भी करते हैं।


पीथमपुर में ‘मोदी टी-स्टॉल’?
पीथमपुर में रहने वाले एक अन्य नरेंद्र मोदी करीब डेढ़ दशक से चाय की दुकान चला रहे हैं। उनकी दुकान का नाम मोदी टी-स्टॉल है। दुकान का नाम देखकर ग्राहक अक्सर पूछते हैं कि क्या इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखा गया है। इस पर उनका जवाब होता है कि यह नाम उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम पर नहीं बल्कि खुद अपने नाम पर रखा है।

बेटी तक पहुंचा नाम का मजाक
देवास के बालगढ़ के 50 वर्षीय नरेंद्र मोदी ने भी अपने नाम से जुड़े कई किस्से बताए। चाय की दुकान चलाने के कारण कभी लोग उन्हें चायवाला कहकर मजाक करते थे। यह मजाक उनकी बेटी के स्कूल तक भी पहुंच गया। एक पैरेंट-टीचर मीटिंग के दौरान स्कूल की प्रिंसिपल ने स्टाफ से मजाक में कहा कि यह नरेंद्र मोदी की बेटी है, इसलिए इसका ध्यान रखना और इसे अच्छी सीट देना।

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