{"_id":"69a3280ce2dc9b39ff0bb4a1","slug":"seoni-malwa-black-deer-poaching-wildlife-conservation-forest-officers-suspension-negligence-2026-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP: काले हिरण के शिकार के मामले में बड़ी कार्रवाई, छह वनकर्मी निलंबित, वन्यजीव संरक्षण में लापरवाही उजागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP: काले हिरण के शिकार के मामले में बड़ी कार्रवाई, छह वनकर्मी निलंबित, वन्यजीव संरक्षण में लापरवाही उजागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम
Published by: Ashutosh Pratap Singh
Updated Sat, 28 Feb 2026 11:08 PM IST
विज्ञापन
सार
सिवनी-मालवा वन परिक्षेत्र में काले हिरण के शिकार का मामला सामने आया है। घटना को पहले प्राकृतिक मौत बताकर दबाने की कोशिश की गई थी, लेकिन जांच में हिरणों का सुनियोजित शिकार और वनकर्मियों की लापरवाही उजागर हुई।
काले हिरण शिकार मामले में 6 अधिकारियों पर शिकंजा
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
सिवनी-मालवा वन परिक्षेत्र से वन्यजीव संरक्षण को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। काले हिरण शिकार मामले में रेंजर समेत छह वनकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच में लापरवाही और सच्चाई छिपाने के संकेत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया।
जानें क्या है पूरा मामला
21 जनवरी 2026 को सामने आई इस घटना को पहले प्राकृतिक मौत बताकर दबाने की कोशिश की गई थी। लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि मामला सिर्फ मौत नहीं, बल्कि संरक्षित वन्यजीव काले हिरण का सुनियोजित शिकार है। घटनास्थल पर एक हिरण जिंदा पाया गया, जिसके पैर बंधे हुए थे, जबकि दूसरा मृत अवस्था में पड़ा था।
जांच में खुलासे
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्य इस बात को स्पष्ट कर रहे हैं कि हिरणों को पकड़कर कहीं ले जाने की योजना थी। जांच में यह भी सामने आया कि महत्वपूर्ण जैविक नमूनों को सुरक्षित रखने के बजाय नष्ट कर दिया गया। साथ ही गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी गईं और आरोपियों की पहचान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। इससे मामले को दबाने की आशंका और गहरा गई। प्राथमिक जांच रिपोर्ट में प्रकरण की असली तस्वीर को छिपाने और लापरवाही बरतने के तथ्य सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की गई। निलंबित किए गए अधिकारियों में परिक्षेत्र अधिकारी आशीष रावत, वनपाल महेश गौर, वनरक्षक मनीष गौर, रूपक झा, ब्रजेश पगारे और पवन उइके शामिल हैं।
यह भी पढ़ें: Indore News: गेर में चप्पे चप्पे पर होगी ड्रोन की नजर, यूनेस्को के लिए फिर से भेजा जाएगा आवेदन
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
काले हिरण शिकार मामले में विभाग में हड़कंप मच गया है। सीसीएफ अशोक कुमार चौहान ने स्वीकार किया कि संबंधित वनकर्मियों ने लापरवाही बरती और जांच में गंभीर चूक हुई। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से वन्यजीव संरक्षण की गंभीरता और जिम्मेदारी के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि वन्यजीवों के शिकार और संरक्षण में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Trending Videos
जानें क्या है पूरा मामला
21 जनवरी 2026 को सामने आई इस घटना को पहले प्राकृतिक मौत बताकर दबाने की कोशिश की गई थी। लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि मामला सिर्फ मौत नहीं, बल्कि संरक्षित वन्यजीव काले हिरण का सुनियोजित शिकार है। घटनास्थल पर एक हिरण जिंदा पाया गया, जिसके पैर बंधे हुए थे, जबकि दूसरा मृत अवस्था में पड़ा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
जांच में खुलासे
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्य इस बात को स्पष्ट कर रहे हैं कि हिरणों को पकड़कर कहीं ले जाने की योजना थी। जांच में यह भी सामने आया कि महत्वपूर्ण जैविक नमूनों को सुरक्षित रखने के बजाय नष्ट कर दिया गया। साथ ही गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी गईं और आरोपियों की पहचान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। इससे मामले को दबाने की आशंका और गहरा गई। प्राथमिक जांच रिपोर्ट में प्रकरण की असली तस्वीर को छिपाने और लापरवाही बरतने के तथ्य सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की गई। निलंबित किए गए अधिकारियों में परिक्षेत्र अधिकारी आशीष रावत, वनपाल महेश गौर, वनरक्षक मनीष गौर, रूपक झा, ब्रजेश पगारे और पवन उइके शामिल हैं।
यह भी पढ़ें: Indore News: गेर में चप्पे चप्पे पर होगी ड्रोन की नजर, यूनेस्को के लिए फिर से भेजा जाएगा आवेदन
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
काले हिरण शिकार मामले में विभाग में हड़कंप मच गया है। सीसीएफ अशोक कुमार चौहान ने स्वीकार किया कि संबंधित वनकर्मियों ने लापरवाही बरती और जांच में गंभीर चूक हुई। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से वन्यजीव संरक्षण की गंभीरता और जिम्मेदारी के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि वन्यजीवों के शिकार और संरक्षण में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कमेंट
कमेंट X