{"_id":"6a56ff7a28ee166a020cdf46","slug":"in-raisen-a-man-was-sacrificed-in-search-of-buried-treasure-a-tantric-father-son-duo-and-their-accomplice-killed-a-businessman-on-the-riverbank-raisen-news-c-1-1-noi1454-4503455-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"रायसेन में तंत्र-मंत्र के नाम पर कत्ल: गड़ा धन के लालच में कारोबारी की हत्या, तांत्रिक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रायसेन में तंत्र-मंत्र के नाम पर कत्ल: गड़ा धन के लालच में कारोबारी की हत्या, तांत्रिक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
Wed, 15 Jul 2026 10:02 AM IST
रायसेन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
Published by: रायसेन ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2026 10:02 AM IST
सार
रायसेन जिले में गड़ा धन निकालने के लालच में एक कारोबारी की तांत्रिक अनुष्ठान के दौरान हत्या कर दी गई। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कथित तांत्रिक, उसके बेटे और एक साथी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया।
विज्ञापन
कारोबारी की बेरहमी से हत्या करने वाले ये हैं आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रायसेन में अंधविश्वास और लालच की एक खौफनाक कहानी सामने आई है। गड़ा धन निकालने के लालच में एक कथित तांत्रिक ने अपने बेटे और साथी के साथ मिलकर एक कारोबारी की बेरहमी से हत्या कर दी। शव को नदी के बीच दफना दिया, लेकिन छह दिन बाद मिट्टी हटने से खुलासा हो गया। पुलिस ने 24 घंटे में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार सात जुलाई की शाम को गैरतगंज निवासी 42 वर्षीय विजय जैन को आरोपी प्रहलाद साहू बाइक पर बैठाकर परासिया गांव के पास चंदू नदी ले गया। वहां पहले से प्रहलाद का बेटा टीकम साहू और साथी करीम खान मौजूद थे। चारों ने नदी किनारे अगरबत्ती, नींबू, काला कपड़ा जैसी सामग्री लगाकर पूजा शुरू की। पूछताछ में प्रहलाद ने बताया कि अनुष्ठान के दौरान उसने कहा धरती गर्म हो रही है, दफीना मांग रहा है। इसे शांत करना होगा।
थाने में गुमशुदगी दर्ज
इसके बाद प्रहलाद ने विजय के हाथ पकड़े, टीकम ने पैर दबाए और करीम ने पीछे से कुल्हाड़ी से गर्दन पर वार कर दिया। विजय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हत्या के बाद तीनों ने शव को नदी के बीच गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबा दिया और फरार हो गए। नौ जुलाई को विजय के लापता होने परिजनों ने गैरतगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन खंगाल रही थी।
विज्ञापन
कृत्रिम आंख से शव की हुई पहचान
13 जुलाई को परासिया में बकरियां चरा रहे एक ग्रामीण की नजर नदी किनारे मिट्टी से बाहर निकले एक पैर पर पड़ी। पास में कुत्ते उसे नोच रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब खुदाई कराई तो सड़ा-गला शव मिला। कपड़े, चप्पल, मोबाइल और बाईं आंख में लगी कृत्रिम आंख से शव की पहचान विजय जैन के रूप में हुई।
जांच में पता चला कि गुमशुदगी वाले दिन विजय की आखिरी बात प्रहलाद साहू से हुई थी। उस दिन दोनों के बीच 15 बार कॉल पर बातचीत हुई थी। इसी आधार पर पुलिस ने प्रहलाद को उठाया। सख्ती से पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया।
कछुआ और दो मुंह वाला सांप तक खरीदा था
प्रहलाद की निशानदेही पर बेटे टीकम और साथी करीम खान को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, फावड़ा, बाइक और तीनों के मोबाइल जब्त किए हैं। बेगमगंज एसडीओपी सोनाली गुप्ता के मुताबिक प्रहलाद साहू तांत्रिक क्रियाएं करता था। विजय जैन भी उसके संपर्क में था। वो गड़ा धन निकालने के लिए तंत्र-मंत्र की सामग्री जुटाने में मदद करता था। बताया जा रहा है कि विजय ने अनुष्ठान के लिए कछुआ और दो मुंह वाला सांप तक खरीदा था।
ये भी पढ़ें- खजुराहो एयरपोर्ट की बड़ी उड़ान: देश के सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट का मिला खिताब; इस सर्वे में भोपाल तीसरे स्थान पर
तीनों आरोपियों ने ने साजिश रचकर विजय की बलि दी
ग्रामीणों में वर्षों से चर्चा थी कि परासिया नदी किनारे देवस्थान के पास खजाना दबा है। इसी अंधविश्वास और लालच में तीनों ने साजिश रचकर विजय की बलि दे दी। विजय जैन अविवाहित था। पिता ताराचंद जैन साहूकारी करते थे। माता-पिता और दोनों भाई पहले ही गुजर चुके हैं। परिवार में अकेला विजय ही कमाने वाला था। उसकी बहन विदिशा और चाचा भोपाल में रहते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी आशुतोष गुप्ता, एएसपी दीपक नायक, एसडीओपी सोनाली गुप्ता, एफएसएल, फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी डीपी लोहिया के नेतृत्व में विशेष टीम बनाकर वैज्ञानिक साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने एक दिन में केस सुलझा लिया।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार सात जुलाई की शाम को गैरतगंज निवासी 42 वर्षीय विजय जैन को आरोपी प्रहलाद साहू बाइक पर बैठाकर परासिया गांव के पास चंदू नदी ले गया। वहां पहले से प्रहलाद का बेटा टीकम साहू और साथी करीम खान मौजूद थे। चारों ने नदी किनारे अगरबत्ती, नींबू, काला कपड़ा जैसी सामग्री लगाकर पूजा शुरू की। पूछताछ में प्रहलाद ने बताया कि अनुष्ठान के दौरान उसने कहा धरती गर्म हो रही है, दफीना मांग रहा है। इसे शांत करना होगा।
विज्ञापन
थाने में गुमशुदगी दर्ज
इसके बाद प्रहलाद ने विजय के हाथ पकड़े, टीकम ने पैर दबाए और करीम ने पीछे से कुल्हाड़ी से गर्दन पर वार कर दिया। विजय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हत्या के बाद तीनों ने शव को नदी के बीच गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबा दिया और फरार हो गए। नौ जुलाई को विजय के लापता होने परिजनों ने गैरतगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन खंगाल रही थी।
विज्ञापन
कृत्रिम आंख से शव की हुई पहचान
13 जुलाई को परासिया में बकरियां चरा रहे एक ग्रामीण की नजर नदी किनारे मिट्टी से बाहर निकले एक पैर पर पड़ी। पास में कुत्ते उसे नोच रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब खुदाई कराई तो सड़ा-गला शव मिला। कपड़े, चप्पल, मोबाइल और बाईं आंख में लगी कृत्रिम आंख से शव की पहचान विजय जैन के रूप में हुई।
जांच में पता चला कि गुमशुदगी वाले दिन विजय की आखिरी बात प्रहलाद साहू से हुई थी। उस दिन दोनों के बीच 15 बार कॉल पर बातचीत हुई थी। इसी आधार पर पुलिस ने प्रहलाद को उठाया। सख्ती से पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया।
कछुआ और दो मुंह वाला सांप तक खरीदा था
प्रहलाद की निशानदेही पर बेटे टीकम और साथी करीम खान को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, फावड़ा, बाइक और तीनों के मोबाइल जब्त किए हैं। बेगमगंज एसडीओपी सोनाली गुप्ता के मुताबिक प्रहलाद साहू तांत्रिक क्रियाएं करता था। विजय जैन भी उसके संपर्क में था। वो गड़ा धन निकालने के लिए तंत्र-मंत्र की सामग्री जुटाने में मदद करता था। बताया जा रहा है कि विजय ने अनुष्ठान के लिए कछुआ और दो मुंह वाला सांप तक खरीदा था।
ये भी पढ़ें- खजुराहो एयरपोर्ट की बड़ी उड़ान: देश के सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट का मिला खिताब; इस सर्वे में भोपाल तीसरे स्थान पर
तीनों आरोपियों ने ने साजिश रचकर विजय की बलि दी
ग्रामीणों में वर्षों से चर्चा थी कि परासिया नदी किनारे देवस्थान के पास खजाना दबा है। इसी अंधविश्वास और लालच में तीनों ने साजिश रचकर विजय की बलि दे दी। विजय जैन अविवाहित था। पिता ताराचंद जैन साहूकारी करते थे। माता-पिता और दोनों भाई पहले ही गुजर चुके हैं। परिवार में अकेला विजय ही कमाने वाला था। उसकी बहन विदिशा और चाचा भोपाल में रहते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी आशुतोष गुप्ता, एएसपी दीपक नायक, एसडीओपी सोनाली गुप्ता, एफएसएल, फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी डीपी लोहिया के नेतृत्व में विशेष टीम बनाकर वैज्ञानिक साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने एक दिन में केस सुलझा लिया।
