{"_id":"6ad4bc419e7a02587a03c5c9","slug":"rajgarh-newborn-girl-body-found-drain-kurawar-police-investigation-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"विडंबना: नवरात्र पर देवी-पूजा के उल्लास के बीच राजगढ़ में नाले में मिला नवजात बच्ची का शव, छानबीन शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विडंबना: नवरात्र पर देवी-पूजा के उल्लास के बीच राजगढ़ में नाले में मिला नवजात बच्ची का शव, छानबीन शुरू
Sun, 18 Oct 2026 06:02 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 18 Oct 2026 06:02 PM IST
सार
राजगढ़ जिले के कुरावर क्षेत्र के लसूड़िया रामनाथ में रविवार को नाले में नवजात बच्ची का शव मिला। बच्चों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की। अस्पताल के हालिया प्रसव रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। वैज्ञानिक जांच के लिए जैविक नमूने भी भेजे जाएंगे।
विज्ञापन
राजगढ़ में नाले में मिली नवजात बच्ची
- फोटो : Freepik.com
विस्तार
राजगढ़ जिले में कुरावर नगर परिषद क्षेत्र के तहत आने वाले लसूड़िया रामनाथ स्थित वार्ड-2 के भील मोहल्ले में रविवार दोपहर एक नवजात बालिका का शव मिला। देशभर में नवरात्र पर देवी-पूजा के उल्लास के बीच सरकारी स्कूल के पीछे बने नाले में शव तैरता मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए नरसिंहगढ़ भेजा। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
खेल रहे बच्चों ने देखा शव
रविवार दोपहर करीब 12 बजे कुछ बच्चे सरकारी स्कूल के पीछे नाले के पास खेल रहे थे। इसी दौरान एक बच्चे की नजर पानी में तैरते हुए नवजात बालिका के शव पर पड़ी। बच्चे ने तुरंत अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। थाना प्रभारी जितेंद्र मवई और उप निरीक्षक कर्मवीर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने नाले से शव को बाहर निकलवाया। प्राथमिक निरीक्षण में नवजात बालिका के शरीर पर गर्भनाल लगी हुई पाई गई। शव की स्थिति को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि बच्ची का जन्म 24 घंटे से कम समय पहले हुआ था। हालांकि, जन्म के सटीक समय और मृत्यु के वास्तविक कारणों की जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ये भी पढ़ें- भोपाल में जलकर वसूली पर विवाद: कांग्रेस बोली- जनता के पैसों से निजी एजेंसियों की कमाई क्यों?, महापौर का पलटवार
विज्ञापन
अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार, क्षेत्र में हाल ही में दो दिनों के भीतर पांच बालिकाओं का जन्म हुआ है। 17 अक्तूबर को तीन प्रसूताओं ने बालिकाओं को जन्म दिया, जबकि 18 अक्तूबर को दो प्रसूताओं ने बालिकाओं को जन्म दिया। पुलिस इन सभी के रिकॉर्ड का गहनता से सत्यापन कर रही है। हालांकि, अस्पताल में हुए इन प्रसवों और नाले में मिले शव के बीच अभी तक किसी तरह के संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस टीम अस्पताल के दस्तावेज की जांच के साथ अन्य संभावित पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
फोरेंसिक जांच के लिए भेजे नमूने
पुलिस ने नवजात बालिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए नरसिंहगढ़ अस्पताल भिजवा दिया है। इसके साथ ही मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए आवश्यक जैविक नमूने एकत्रित कर उन्हें भोपाल स्थित फोरेंसिक और डीएनए प्रयोगशाला में भेजने की तैयारी की गई है। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात को किन परिस्थितियों में नाले में छोड़ा गया और इसमें कौन शामिल हैं।
विज्ञापन
खेल रहे बच्चों ने देखा शव
रविवार दोपहर करीब 12 बजे कुछ बच्चे सरकारी स्कूल के पीछे नाले के पास खेल रहे थे। इसी दौरान एक बच्चे की नजर पानी में तैरते हुए नवजात बालिका के शव पर पड़ी। बच्चे ने तुरंत अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। थाना प्रभारी जितेंद्र मवई और उप निरीक्षक कर्मवीर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने नाले से शव को बाहर निकलवाया। प्राथमिक निरीक्षण में नवजात बालिका के शरीर पर गर्भनाल लगी हुई पाई गई। शव की स्थिति को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि बच्ची का जन्म 24 घंटे से कम समय पहले हुआ था। हालांकि, जन्म के सटीक समय और मृत्यु के वास्तविक कारणों की जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- भोपाल में जलकर वसूली पर विवाद: कांग्रेस बोली- जनता के पैसों से निजी एजेंसियों की कमाई क्यों?, महापौर का पलटवार
विज्ञापन
अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार, क्षेत्र में हाल ही में दो दिनों के भीतर पांच बालिकाओं का जन्म हुआ है। 17 अक्तूबर को तीन प्रसूताओं ने बालिकाओं को जन्म दिया, जबकि 18 अक्तूबर को दो प्रसूताओं ने बालिकाओं को जन्म दिया। पुलिस इन सभी के रिकॉर्ड का गहनता से सत्यापन कर रही है। हालांकि, अस्पताल में हुए इन प्रसवों और नाले में मिले शव के बीच अभी तक किसी तरह के संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस टीम अस्पताल के दस्तावेज की जांच के साथ अन्य संभावित पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
फोरेंसिक जांच के लिए भेजे नमूने
पुलिस ने नवजात बालिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए नरसिंहगढ़ अस्पताल भिजवा दिया है। इसके साथ ही मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए आवश्यक जैविक नमूने एकत्रित कर उन्हें भोपाल स्थित फोरेंसिक और डीएनए प्रयोगशाला में भेजने की तैयारी की गई है। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात को किन परिस्थितियों में नाले में छोड़ा गया और इसमें कौन शामिल हैं।
