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Satta Ka Sangram: राजगढ़ में चाय पर चर्चा, मोदी की गारंटी और राजा साहब के इमोशनल कार्ड के बीच फंसा चुनाव
Thu, 02 May 2024 08:13 AM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, राजगढ़
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, राजगढ़
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 02 May 2024 08:13 AM IST
सार
Satta Ka Sangram: अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम आज गुरुवार को मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में है। दिग्विजय सिंह के नाम से पूरे देश में चर्चित इस सीट पर सुबह लोगों के साथ चाय पर चर्चा कर चुनावी मुद्दे जाने गए। जानिए, क्या बोले मतदाता?
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राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में चाय पर चर्चा में शामिल लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मतदाताओं का सियासी मूड जानने के लिए निकला है। आज यह चुनावी रथ दिन भर राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में रहेगा। गणेश जी की छतरी पर सुबह आठ बजे स्थानीय लोगों से चर्चा करते हुए स्थानीय मुद्दे जाने गए। इस दौरान मतदाताओं ने प्रत्याशी, भविष्य की केंद्र सरकार और चुनावी मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।
राजगढ़ में कौन आमने-सामने
राजगढ़ लोकसभा सीट से मैदानी मुकाबले की यदि हम बात करें तो ये प्रदेश की सबसे चर्चित सीट है और यह कांग्रेस और भाजपा में सीधी टक्कर है। जहां भाजपा ने अपने दो बार के सांसद रोडमल नागर को तीसरी मर्तबा मौका दिया है। इसके पूर्व में वे कांग्रेस के नारायण सिंह आमलाबे और तत्कालीन लोकसभा प्रत्याशी मोना सुस्तानी को हरा चुके हैं। कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है और प्रभाव की यदि बात की जाए तो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इस सीट से पूर्व में दो बार सांसद रह चुके हैं और तभी से ये उनका गढ़ माना जाता है। लेकिन वहीं दूसरी ओर रोडमल नागर पीएम मोदी के इंपैक्ट के कारण राजगढ़ से दो बार के सांसद हैं। ऐसे में इस बार भी मोदी इंपैक्ट और राम मंदिर के मुद्दे को लेकर दिग्विजय सिंह के द्वारा की गई बयानबाजी कहीं न कहीं परिणामों पर असर डाल सकती है।
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चाय पर चर्चा
राजगढ़ के एक मतदाता कहते हैं कि यहां राजघराने का कोई प्रभाव नहीं है। राजा-रजवाड़े का खेल खत्म है। मोदी का प्रभाव है। भाजपा ने कई काम किए हैं। आयुष्यान कार्ड, उज्जवला योजना जैसी कई योजनाएं आम जनता को फायदा दे रही हैं। बिचौलिये खत्म कर दिये, जनता को सीधे फायदा मिल रहा है। अन्य मतदाता कहते हैं कि रोडमल नागर ने बहुत काम है। यहां के राजा साहब (दिग्विजय सिंह) को हमने सीएम तक बनवाया पर कोई विकास नहीं हुआ। अब सड़कें, बिजली, पानी की व्यवस्था सुधरी है। आज भाजपा की कई योजनाओं से आम जनजीवन में सुधार आया है।
खेती करने वाले एक वोटर का कहना है कि न तो फसल का सही मूल्य मिल रहा न सिंचाई को कोई अच्छी व्यवस्था है। यहां के सांसद रोडमलजी के दर्शन ही नहीं होते। अबकि बार रोडमल नहीं जीतने वाले। एक युवा वोटर का कहना है कि भाजपा भ्रष्टाचार कर रही है। यहां गेहूं भरी ट्रेन बेचने के आरोप लग रहे हैं। दो बार से सांसद हैं, पर हमें तो विकास नहीं दिखता। फसलें बेचने के बाद कई दिन तक पैसा नहीं आ रहा। मोदीजी की गारंटी है कि सात दिन में पैसा आया है, पर हकीकत कुछ और है।
हर दिन जानेंगे नई लोकसभा सीट का मिजाज
चुनावी यात्रा के दौरान अमर उजाला का यह चुनावी रथ हर रोज नई लोकसभा सीट पर जाएगा। इस दौरान उस लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से चाय पर चर्चा होगी। अनौपचारिक बातचीत में जनता के मुद्दों, उनकी समस्याओं पर चर्चा होगी। हम युवाओं के बीच जाएंगे, जहां उनकी समस्याओं और उम्मीदों पर चर्चा करेंगे। नए भारत के नए मतदाताओं की सपनों की उड़ान को पंख कैसे लगेंगे, इस पर भी चर्चा करेंगे।
दिनभर में ये कार्यक्रम, आप भी जुड़ें
दोपहर में कॉलेज कैंपस में युवाओं से बेरोजगारी और अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान जो समस्या और मुद्दे निकलकर सामने आएंगे, शाम पांच बजे उनका जवाब स्थानीय राजनेताओं से लिया जाएगा।
इस विशेष कवरेज को आप यहां देख सकेंगे
amarujala.com, अमर उजाला के यूट्यूब चैनल और फेसबुक चैनल पर आप 'सत्ता का संग्राम' से जुड़े कार्यक्रम लाइव देख सकेंगे। 'सता का संग्राम' से जुड़ा व्यापक जमीनी कवरेज आप अमर उजाला अखबार में भी पढ़ सकेंगे।
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राजगढ़ में कौन आमने-सामने
राजगढ़ लोकसभा सीट से मैदानी मुकाबले की यदि हम बात करें तो ये प्रदेश की सबसे चर्चित सीट है और यह कांग्रेस और भाजपा में सीधी टक्कर है। जहां भाजपा ने अपने दो बार के सांसद रोडमल नागर को तीसरी मर्तबा मौका दिया है। इसके पूर्व में वे कांग्रेस के नारायण सिंह आमलाबे और तत्कालीन लोकसभा प्रत्याशी मोना सुस्तानी को हरा चुके हैं। कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है और प्रभाव की यदि बात की जाए तो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इस सीट से पूर्व में दो बार सांसद रह चुके हैं और तभी से ये उनका गढ़ माना जाता है। लेकिन वहीं दूसरी ओर रोडमल नागर पीएम मोदी के इंपैक्ट के कारण राजगढ़ से दो बार के सांसद हैं। ऐसे में इस बार भी मोदी इंपैक्ट और राम मंदिर के मुद्दे को लेकर दिग्विजय सिंह के द्वारा की गई बयानबाजी कहीं न कहीं परिणामों पर असर डाल सकती है।
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चाय पर चर्चा
राजगढ़ के एक मतदाता कहते हैं कि यहां राजघराने का कोई प्रभाव नहीं है। राजा-रजवाड़े का खेल खत्म है। मोदी का प्रभाव है। भाजपा ने कई काम किए हैं। आयुष्यान कार्ड, उज्जवला योजना जैसी कई योजनाएं आम जनता को फायदा दे रही हैं। बिचौलिये खत्म कर दिये, जनता को सीधे फायदा मिल रहा है। अन्य मतदाता कहते हैं कि रोडमल नागर ने बहुत काम है। यहां के राजा साहब (दिग्विजय सिंह) को हमने सीएम तक बनवाया पर कोई विकास नहीं हुआ। अब सड़कें, बिजली, पानी की व्यवस्था सुधरी है। आज भाजपा की कई योजनाओं से आम जनजीवन में सुधार आया है।
खेती करने वाले एक वोटर का कहना है कि न तो फसल का सही मूल्य मिल रहा न सिंचाई को कोई अच्छी व्यवस्था है। यहां के सांसद रोडमलजी के दर्शन ही नहीं होते। अबकि बार रोडमल नहीं जीतने वाले। एक युवा वोटर का कहना है कि भाजपा भ्रष्टाचार कर रही है। यहां गेहूं भरी ट्रेन बेचने के आरोप लग रहे हैं। दो बार से सांसद हैं, पर हमें तो विकास नहीं दिखता। फसलें बेचने के बाद कई दिन तक पैसा नहीं आ रहा। मोदीजी की गारंटी है कि सात दिन में पैसा आया है, पर हकीकत कुछ और है।
हर दिन जानेंगे नई लोकसभा सीट का मिजाज
चुनावी यात्रा के दौरान अमर उजाला का यह चुनावी रथ हर रोज नई लोकसभा सीट पर जाएगा। इस दौरान उस लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से चाय पर चर्चा होगी। अनौपचारिक बातचीत में जनता के मुद्दों, उनकी समस्याओं पर चर्चा होगी। हम युवाओं के बीच जाएंगे, जहां उनकी समस्याओं और उम्मीदों पर चर्चा करेंगे। नए भारत के नए मतदाताओं की सपनों की उड़ान को पंख कैसे लगेंगे, इस पर भी चर्चा करेंगे।
दिनभर में ये कार्यक्रम, आप भी जुड़ें
दोपहर में कॉलेज कैंपस में युवाओं से बेरोजगारी और अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान जो समस्या और मुद्दे निकलकर सामने आएंगे, शाम पांच बजे उनका जवाब स्थानीय राजनेताओं से लिया जाएगा।
इस विशेष कवरेज को आप यहां देख सकेंगे
amarujala.com, अमर उजाला के यूट्यूब चैनल और फेसबुक चैनल पर आप 'सत्ता का संग्राम' से जुड़े कार्यक्रम लाइव देख सकेंगे। 'सता का संग्राम' से जुड़ा व्यापक जमीनी कवरेज आप अमर उजाला अखबार में भी पढ़ सकेंगे।
