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कमर्शियल गैस सिलिंडर की नई व्यवस्था लागू: अस्पतालों-स्कूलों को मिलेगी प्राथमिकता, जानें होटलों-ढाबों का कोटा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: सागर ब्यूरो Updated Mon, 23 Mar 2026 11:15 PM IST
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सार

मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की कालाबाजारी रोकने हेतु नई व्यवस्था लागू हुई। प्राथमिकता के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों को कोटा तय किया गया है। ओएमसी सॉफ्टवेयर से निगरानी होगी। कलेक्टर्स को निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

New system for commercial gas cylinders implemented: hospitals and schools will get priority
गैस की किल्लत: फाइल फोटो
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विस्तार

मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की कालाबाजारी रोकने और समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलिंडरों का आवंटन किया जाएगा।

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किसे कितना मिलेगा कोटा?
जारी निर्देशों के अनुसार, कमर्शियल एलपीजी की वर्तमान खपत और आवश्यक सेवाओं को देखते हुए आवंटन का प्रतिशत निर्धारित किया गया है:
35% आवंटन: आवश्यक सेवाएं, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, जेल, सामाजिक न्याय विभाग, एयरपोर्ट, रेलवे और दीनदयाल रसोई।
30% आवंटन: शैक्षणिक संस्थाएं और चिकित्सा संस्थान (अस्पताल)।
18% आवंटन: होटल, रेस्टॉरेंट और केटर्स (9-9 प्रतिशत)।
7% आवंटन: ढाबा और स्ट्रीट फूड वेंडर्स।
10% आवंटन: फार्मास्यूटिकल, फूड प्रोसेसिंग जैसे उद्योग और अन्य विशेष प्रकरण।

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जमाखोरी रोकने के लिए OMC सॉफ्टवेयर का सहारा
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया कि जमाखोरी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए अब तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रत्येक उपभोक्ता को मिलने वाली दैनिक गैस की मात्रा, संबंधित ओएमसी (OMC) सॉफ्टवेयर में दर्ज पिछले तीन महीनों की औसत खपत के आधार पर तय होगी। ऑइल कंपनियां ऑनलाइन बुकिंग का तिथिवार रिकॉर्ड रखेंगी और पेंडिंग बुकिंग को अगले दिन प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा।

कलेक्टर्स करेंगे निगरानी, कम वजन देने पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित निरीक्षण करें। यदि कहीं भी सिलिंडरों का डायवर्जन, कम तौल या कालाबाजारी पाई जाती है, तो तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए। 

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