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MP: पिस्टल के साथ फोटो वायरल हुई तो घर पहुंची पुलिस, अलमारी खोली तो मिले तीन करोड़ रुपये; जांच शुरू
Mon, 17 Aug 2026 07:54 AM IST
सागर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2026 07:54 AM IST
सार
सागर के तिली तिगड्डा इलाके में सोशल मीडिया पर पिस्टल के साथ फोटो वायरल होने के बाद पुलिस ने दो भाइयों के घर दबिश दी। तलाशी के दौरान हथियार तो नहीं मिला, लेकिन अलमारी से नोटों के बंडल बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में नकदी करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। परिजनों ने रकम को भोपाल में पीडब्ल्यूडी में कार्यरत रिश्तेदार की बताया है।
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पुलिस ने मकान में दी दबिश
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
सागर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर हथियार चमकाना दो भाइयों को भारी पड़ गया। तिली तिगड्डा (गोपालगंज थाना क्षेत्र) इलाके में पिस्टल के साथ तस्वीर वायरल होने के बाद जब पुलिस दबिश देने पहुंची, तो घर में हथियार तो नहीं मिले, लेकिन अलमारी खोलते ही अधिकारियों के होश उड़ गए। अलमारी में ठसाठस भरे नोटों के बंडल बरामद हुए, जिन्हें गिनने के लिए मौके पर नोट काउंटिंग मशीन मंगानी पड़ी। प्रारंभिक जांच में बरामद नकदी लगभग 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
किराए की टैक्सी चलाते हैं आरोपी भाई
गोपालगंज पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर असलहे के साथ फोटो के आधार पर सौरभ अहिरवार पिता स्वर्गीय जगदीश अहिरवार के मकान पर छापेमारी की गई थी। सौरभ अपने भाई अंकित और मां के साथ रहता है। दोनों भाई किराए की टैक्सी चलाते हैं, हालांकि क्षेत्र में उनके बड़े खर्चों को लेकर चर्चाएं बनी रहती थीं। जब पुलिस टीम ने मकान की तलाशी ली तो कमरे की अलमारी से नोटों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
भोपाल के पीडब्ल्यूडी इंजीनियर की बताई जा रही रकम
पूछताछ के दौरान परिजनों ने दावा किया कि बरामद रकम भोपाल में पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत उनके एक रिश्तेदार रमेश कुमार की है। परिजनों का कहना है कि यह रकम करीब आठ महीने पहले उनके घर लाकर रखी गई थी। हालांकि, सामान्य किराए की टैक्सी चलाने वाले परिवार के घर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी रखे जाने के दावे को पुलिस बेहद संदिग्ध मान रही है।
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ये भी पढ़ें- Ujjain: उज्जैन में बाबा महाकाल की भस्म आरती में उमड़ा आस्था का सैलाब, भांग से हुआ आकर्षक शृंगार
आयकर और राजस्व विभाग की जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अनुराग सुजानिया और एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कई घंटों तक जांच की निगरानी की। एसपी सुजानिया ने बताया कि हथियार प्रदर्शित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान यह नकदी मिली है। रकम के वास्तविक मालिक, कानूनी स्रोत और दस्तावेजों की पड़ताल के लिए आयकर विभाग और राजस्व विभाग को सूचित कर दिया गया है। संबंधित टीमों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
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किराए की टैक्सी चलाते हैं आरोपी भाई
गोपालगंज पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर असलहे के साथ फोटो के आधार पर सौरभ अहिरवार पिता स्वर्गीय जगदीश अहिरवार के मकान पर छापेमारी की गई थी। सौरभ अपने भाई अंकित और मां के साथ रहता है। दोनों भाई किराए की टैक्सी चलाते हैं, हालांकि क्षेत्र में उनके बड़े खर्चों को लेकर चर्चाएं बनी रहती थीं। जब पुलिस टीम ने मकान की तलाशी ली तो कमरे की अलमारी से नोटों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
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भोपाल के पीडब्ल्यूडी इंजीनियर की बताई जा रही रकम
पूछताछ के दौरान परिजनों ने दावा किया कि बरामद रकम भोपाल में पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत उनके एक रिश्तेदार रमेश कुमार की है। परिजनों का कहना है कि यह रकम करीब आठ महीने पहले उनके घर लाकर रखी गई थी। हालांकि, सामान्य किराए की टैक्सी चलाने वाले परिवार के घर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी रखे जाने के दावे को पुलिस बेहद संदिग्ध मान रही है।
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आयकर और राजस्व विभाग की जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अनुराग सुजानिया और एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कई घंटों तक जांच की निगरानी की। एसपी सुजानिया ने बताया कि हथियार प्रदर्शित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान यह नकदी मिली है। रकम के वास्तविक मालिक, कानूनी स्रोत और दस्तावेजों की पड़ताल के लिए आयकर विभाग और राजस्व विभाग को सूचित कर दिया गया है। संबंधित टीमों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
