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MP Weather Today: एमपी में मानसून दिखा रहा असर, आज 14 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, 3 में ऑरेंज अलर्ट
Mon, 17 Aug 2026 07:10 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 17 Aug 2026 07:10 AM IST
सार
MP Weather: बंगाल की खाड़ी से बने मजबूत मौसम तंत्र ने मध्य प्रदेश में मानसून को फिर सक्रिय कर दिया है। सोमवार को सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में अति भारी बारिश का संकेत है। अगले दो दिनों तक पूर्वी मध्य प्रदेश में जोरदार बारिश के बाद पश्चिमी जिलों में भी इसका असर बढ़ेगा। पढ़ें पूरी खबर...
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मध्य प्रदेश मौसम
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुए मजबूत मौसम तंत्र के कारण अगले दो दिन पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश का दौर तेज रहेगा। इसके बाद इसका असर पश्चिमी हिस्से में बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार को सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक पानी गिर सकता है। सतना, पन्ना, दमोह, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी भारी बारिश की चेतावनी है। यानी पूर्वी मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में अगले 24 घंटे मौसम बेहद सक्रिय रह सकता है।
40 से ज्यादा जिलों में बारिश के आसार
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रीवा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
पहले पूर्वी एमपी भीगेगा, फिर पश्चिम में बढ़ेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार 15 से 21 अगस्त तक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 15 से 19 अगस्त के बीच पूर्वी हिस्से में तेज बारिश का दौर रहेगा। इसके बाद पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर बढ़ सकता है। भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग भी सिस्टम के प्रभाव से अछूते नहीं रहेंगे। इन क्षेत्रों में 17, 18 और 19 अगस्त को कुछ जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है।
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21.4 इंच पानी गिरा, फिर भी 3 इंच की कमी
प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक 544.4 मिलीमीटर यानी करीब 21.4 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 618.8 मिलीमीटर यानी 24.4 इंच पानी गिरना चाहिए था। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 3 इंच बारिश कम है और कुल कमी 12 प्रतिशत है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
यह भी पढ़ें- फिजियोथैरेपी क्लीनिकों में कचरा नहीं, फिर भी प्रमाणपत्र जरूरी, परिषद से नियम खत्म करने की मांग
43 जिलों में बारिश का आंकड़ा अब भी पीछे
पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी 19 प्रतिशत तक है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 2 से 54 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। पश्चिमी हिस्से में भी 20 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में 1 से 48 प्रतिशत तक कमी है।
सिर्फ 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं है। भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
यह भी पढ़ें- पूर्वी MP में बारिश का दौर,जबलपुर-रीवा-शहडोल समेत 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट,3 दिन रहेगा असर
जून की कमी अब भी पूरी नहीं हुई
मानसून की शुरुआत प्रदेश के लिए कमजोर रही थी। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई में बारिश का दौर मजबूत हुआ और महीने का कोटा पूरा हो गया, लेकिन मानसून के बीच में आए दो ब्रेक के कारण बारिश का वितरण प्रभावित रहा। अगस्त में फिर मजबूत सिस्टम सक्रिय होने से पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर लौट आया है। इसके बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी है। प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े जिलों में सामान्य मौसमी बारिश करीब 38 से 39 इंच के आसपास रहती है।
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40 से ज्यादा जिलों में बारिश के आसार
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रीवा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
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पहले पूर्वी एमपी भीगेगा, फिर पश्चिम में बढ़ेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार 15 से 21 अगस्त तक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 15 से 19 अगस्त के बीच पूर्वी हिस्से में तेज बारिश का दौर रहेगा। इसके बाद पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर बढ़ सकता है। भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग भी सिस्टम के प्रभाव से अछूते नहीं रहेंगे। इन क्षेत्रों में 17, 18 और 19 अगस्त को कुछ जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है।
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21.4 इंच पानी गिरा, फिर भी 3 इंच की कमी
प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक 544.4 मिलीमीटर यानी करीब 21.4 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 618.8 मिलीमीटर यानी 24.4 इंच पानी गिरना चाहिए था। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 3 इंच बारिश कम है और कुल कमी 12 प्रतिशत है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
यह भी पढ़ें- फिजियोथैरेपी क्लीनिकों में कचरा नहीं, फिर भी प्रमाणपत्र जरूरी, परिषद से नियम खत्म करने की मांग
43 जिलों में बारिश का आंकड़ा अब भी पीछे
पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी 19 प्रतिशत तक है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 2 से 54 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। पश्चिमी हिस्से में भी 20 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में 1 से 48 प्रतिशत तक कमी है।
सिर्फ 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं है। भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
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जून की कमी अब भी पूरी नहीं हुई
मानसून की शुरुआत प्रदेश के लिए कमजोर रही थी। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई में बारिश का दौर मजबूत हुआ और महीने का कोटा पूरा हो गया, लेकिन मानसून के बीच में आए दो ब्रेक के कारण बारिश का वितरण प्रभावित रहा। अगस्त में फिर मजबूत सिस्टम सक्रिय होने से पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर लौट आया है। इसके बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी है। प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े जिलों में सामान्य मौसमी बारिश करीब 38 से 39 इंच के आसपास रहती है।
