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Sehore News: समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद शुरू होते ही खिले किसानों के चेहरे, मंडियों की लूट से राहत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 03:43 PM IST
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सार
गेहूं की समर्थन मूल्य खरीदी शुरू होते ही किसानों के चेहरों पर राहत साफ नजर आने लगी। लंबे समय से कम दाम और मंडियों की मजबूरी झेल रहे किसान अब अपनी फसल का सही मूल्य मिलने की उम्मीद से उत्साहित हैं, जिससे पूरे इलाके में खुशी का माहौल बन गया है।
एमएसपी पर गेहूं खरीद के मौके पर किसानों ने डांडिया खेलकर मनाया जश्न
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले के किसानों के लिए गुरुवार का दिन किसी त्योहार से कम नहीं रहा। लंबे इंतजार, मंडियों की मार और कम दाम की मजबूरी से जूझ रहे किसानों को आखिरकार राहत मिल ही गई। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू होते ही किसानों के चेहरे खिल उठे और अब उन्हें अपनी मेहनत का सही मूल्य मिलने की उम्मीद नजर आने लगी है।
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जिले में बिजौरी मंडी और तकीपुर उपार्जन केंद्र से खरीदी की शुरुआत की गई। पहले ही दिन 21 किसानों से कुल 815 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। इसमें बिजौरी केंद्र पर 515 क्विंटल और तकीपुर में 300 क्विंटल खरीदी हुई। शुरुआत के मौके पर किसानों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया और तौल कांटों का विधिवत पूजन कर खरीदी प्रक्रिया का शुभारंभ किया गया।
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एक लाख से ज्यादा किसान तैयार
इस बार जिले में रिकॉर्ड 1,02,485 किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है। इनमें से 11,200 किसान स्लॉट बुक कर चुके हैं। यह आंकड़ा बताता है कि किसान अब मंडियों के बजाय सीधे सरकारी खरीदी को प्राथमिकता दे रहे हैं। फिलहाल दो केंद्रों से शुरुआत हुई है, जबकि 10 अप्रैल से जिले के सभी 240 उपार्जन केंद्रों पर खरीदी शुरू हो जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक केंद्र बढ़ने के साथ खरीदी की रफ्तार भी तेज होगी।
मंडियों में मजबूरी में बेच रहे थे गेहूं
एमएसपी पर अब तक खरीद शुरू न होने के कारण किसान अपनी उपज मंडियों में बेचने को मजबूर थे। सीहोर और आष्टा मंडियों में रोजाना 45 से 50 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो रही थी, लेकिन किसानों को उचित दाम नहीं मिल पा रहे थे। कई किसानों को औने-पौने दाम पर फसल बेचनी पड़ी, जिससे आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता गया।
शरबती गेहूं के भाव बढ़े
सीहोर मंडी में शरबती गेहूं के दाम 3000 से 5300 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचे, जो पिछले साल से बेहतर रहे। वहीं आष्टा मंडी में 2020 से 2340 रुपए प्रति क्विंटल तक भाव मिले। इसके बावजूद सभी किसानों को इसका लाभ नहीं मिला, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव और बिचौलियों का दबदबा बना रहा। ऐसे में 2625 रुपए प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य किसानों के लिए सुरक्षित विकल्प बन गया है।
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7 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य
जिले में इस साल 7 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन के अनुसार सभी केंद्रों पर व्यवस्थाएं मजबूत की जा रही हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है। करीब 60 से 65 प्रतिशत बारदान केंद्रों तक पहुंच चुके हैं और बाकी भी जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे। अधिकारियों ने दावा किया है कि किसी भी केंद्र पर बोरी की कमी नहीं होने दी जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए शेड और पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।
डांडिया कर मनाया जश्न, किसानों में खुशी की लहर
खरीदी शुरू होते ही चंदेरी और रामाखेड़ी गांव में किसानों ने डांडिया नृत्य कर खुशी जताई। लंबे समय से परेशान किसान अब राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि अब असली चुनौती खरीदी की रफ्तार और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की है।
कर्ज और शादी की चिंता से मिली राहत
रामाखेड़ी के किसान रघुनाथ सिंह मेवाड़ा ने बताया कि गेहूं बिकने से अब उन्हें भांजियों की शादी की तैयारी में आसानी होगी। पहले वे कर्ज और पैसों की चिंता में थे लेकिन अब हालात सुधरते नजर आ रहे हैं। किसानों ने समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में एमएसपी खरीदी की मांग उठाई थी, जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया।

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