सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP NEWS: Sehore’s Mohan Parashar Wins National Gold at 66, Lifts 135 Kg in Masters Weightlifting

MP News: जब हौसला हो जवान! 66 साल के मोहन पाराशर ने वेटलिफ्टिंग में जीता गोल्ड

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Sun, 15 Mar 2026 07:09 PM IST
विज्ञापन
सार

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के बिलकिसगंज गांव के 66 वर्षीय वेटलिफ्टर मोहन पाराशर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र केवल एक संख्या होती है। हरियाणा के लोहारू में आयोजित मास्टर्स राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में उन्होंने 65 से 69 वर्ष आयु वर्ग और 95 किलोग्राम बॉडी वेट कैटेगरी में 135 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया।

MP NEWS: Sehore’s Mohan Parashar Wins National Gold at 66, Lifts 135 Kg in Masters Weightlifting
मोहन पाराशर ने 135 किलो उठाकर जीता राष्ट्रीय गोल्ड - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

उम्र अक्सर लोगों के लिए सीमाएं तय कर देती है, लेकिन कुछ लोग अपने जुनून और मेहनत से उम्र की हर दीवार तोड़ देते हैं। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के ग्राम बिलकिसगंज के 66 वर्षीय वेटलिफ्टर मोहन पाराशर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो उम्र सिर्फ एक संख्या बनकर रह जाती है। हरियाणा के लोहारू में आयोजित मास्टर्स राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 135 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया और पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया।
Trending Videos


13 साल की उम्र से शुरू हुआ वेटलिफ्टिंग का सफर
मोहन पाराशर का वेटलिफ्टिंग से रिश्ता आज का नहीं बल्कि बचपन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने महज 13 साल की उम्र में इस खेल की शुरुआत की थी। उस समय संसाधन सीमित थे और सुविधाएं भी कम थीं, लेकिन उनके अंदर खेल के प्रति जबरदस्त जुनून था। यही जुनून उन्हें जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले गया। लगातार मेहनत और अभ्यास ने उन्हें ऐसा खिलाड़ी बना दिया जो आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


66 साल की उम्र में 135 किलो वजन उठाकर जीता गोल्ड
हरियाणा के लोहारू में आयोजित मास्टर्स राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में मोहन पाराशर ने 65 से 69 वर्ष आयु वर्ग और 95 किलोग्राम बॉडी वेट कैटेगरी में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने 135 किलोग्राम वजन उठाकर शानदार प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीत लिया।
66 साल की उम्र में इतनी ताकत और फिटनेस बनाए रखना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन मोहन पाराशर ने अनुशासन और नियमित अभ्यास के दम पर यह कर दिखाया।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी कई बार लहराया तिरंगा
मोहन पाराशर केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई बार स्वर्ण पदक जीते हैं।
अब तक वे छह बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और पांच बार राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में तीन स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। कॉमनवेल्थ प्रतियोगिताओं में दो गोल्ड और एशियन प्रतियोगिता में एक स्वर्ण पदक भी उनके नाम है।
उनकी इन उपलब्धियों ने सीहोर जिले को खेल जगत में खास पहचान दिलाई है।

ग्रीस में भी जीता था वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड
मोहन पाराशर ने बताया कि ग्रीस में आयोजित इंटरनेशनल वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने 148 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता था। यह उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है। अब वे आगामी सितंबर में अमेरिका में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारियों में जुटने की योजना बना रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक शरीर साथ देगा, वे देश के लिए पदक जीतने की कोशिश करते रहेंगे।

ये भी पढ़ें- MP: एक तरफा प्यार की सनक में रच डाली अपहरण की साजिश, पुलिस को लगी भनक तो तीन आरोपियों को यहां से दबोचा

1978 से 1982 तक लगातार बने स्टेट चैंपियन
मोहन पाराशर का खेल करियर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने वर्ष 1978 से 1982 तक लगातार पांच बार स्टेट चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। उस दौर में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और प्रदेश के शीर्ष वेटलिफ्टरों में शामिल रहे।

अब कोच बनकर तैयार कर रहे नए खिलाड़ी
आज मोहन पाराशर सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं बल्कि एक सफल कोच भी हैं। उनके कोचिंग सेंटर में करीब 60 से ज्यादा वेटलिफ्टर्स प्रशिक्षण ले रहे हैं।
उनकी कोचिंग में आधा दर्जन से अधिक खिलाड़ियों ने नेशनल स्तर और खेलो इंडिया जैसी प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए हैं। कई खिलाड़ी प्रदेश और देश स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। वे खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ अनुशासन, फिटनेस और मानसिक मजबूती का भी पाठ पढ़ाते हैं।

दिन में 6 घंटे अभ्यास और दो शिफ्ट में कोचिंग
66 साल की उम्र में भी मोहन पाराशर का फिटनेस रूटीन बेहद कड़ा है। वे रोजाना करीब 6 घंटे अभ्यास करते हैं और इसके साथ ही दो शिफ्ट में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण भी देते हैं। उनका मानना है कि खेल न केवल शरीर को मजबूत बनाता है बल्कि व्यक्तित्व को भी निखारता है। इसलिए वे युवाओं को लगातार खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।

“जब तक जिंदा हूं, देश के लिए पदक जीतने की कोशिश करूंगा”
मोहन पाराशर कहते हैं कि वेटलिफ्टिंग उनके लिए सिर्फ खेल नहीं बल्कि जुनून है। उनका कहना है कि जब तक वे जीवित रहेंगे, तब तक देश के लिए पदक जीतने की कोशिश करते रहेंगे। उनकी इसी सोच और समर्पण ने उन्हें खेल जगत में अलग पहचान दिलाई है। आज वे न केवल सीहोर बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed