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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore News ›   Sehore news: First Heavy Rain Exposes Drainage Failure in Ashta, Roads Flooded, Traffic Hit Badly

Sehore news: आष्टा में पहली बारिश बनी आफत, जलभराव से सड़कें डूबीं; पानी के बहाव में बही बाइक

Wed, 01 Jul 2026 05:36 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 01 Jul 2026 05:36 PM IST
सार

आष्टा में मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। कई सड़कें जलमग्न हो गईं, घरों-दुकानों में पानी घुस गया और कन्नौद रोड पर लंबा जाम लगा। नागरिकों ने स्थायी समाधान की मांग तेज कर दी।

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Sehore news: First Heavy Rain Exposes Drainage Failure in Ashta, Roads Flooded, Traffic Hit Badly
स्कूटी संभालता युवक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीहोर जिले के आष्टा नगर में मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। कुछ ही घंटों की बारिश में शहर की प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। जलभराव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, वहीं घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा।
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मंगलवार दोपहर हुई झमाझम बारिश ने आष्टा नगर की जल निकासी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया। शहर के बुधवारा, कन्नौद रोड, पुराना बस स्टैंड और पुष्प विद्यालय मार्ग सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई। बारिश का पानी तेजी से सड़कों पर जमा होने लगा, जिससे कुछ ही देर में सड़कें जलमग्न हो गईं। बुधवारा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा। यहां कई दुकानों और मकानों में बारिश का पानी घुस गया। दुकानों में रखा सामान भीगने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। स्थानीय व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर साल बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक ठोस प्रयास नहीं किए गए।
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कन्नौद रोड पर एक घंटे तक जाम
कन्नौद रोड पर जलभराव के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क पर पानी भरने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया और चारपहिया वाहनों में पानी घुसने से वे बीच रास्ते में बंद हो गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि यह मार्ग करीब एक घंटे से अधिक समय तक जाम की स्थिति में रहा।
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पानी के तेज बहाव में बहने लगी बाइक
कुछ स्थानों पर पानी का बहाव इतना तेज था कि दोपहिया वाहन संतुलन खो बैठे। एक बाइक पानी के तेज बहाव में बहती नजर आई, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। यह दृश्य नगर में जलभराव की गंभीरता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

विद्यार्थियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
पुष्प विद्यालय सहित अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास भी भारी जलभराव देखा गया। स्कूल छुट्टी के समय विद्यार्थियों और अभिभावकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। कई अभिभावकों ने प्रशासन से स्कूल क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था की मांग की।

जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल
जलभराव की समस्या को लेकर पार्षद प्रतिनिधि कालू भट्ट और नगर भाजपा अध्यक्ष प्रतिनिधि विशाल चौरसिया ने नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समय पर नालों की सफाई और जल निकासी के उचित इंतजाम नहीं होने से हर वर्ष ऐसी स्थिति बनती है। उनका कहना है कि कई नालों में गाद और मलबा जमा होने से पानी की निकासी बाधित हो रही है।

जलभराव पर शुरू हुई सियासत
बुधवारा क्षेत्र की समस्या को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं द्वारा नागरिकों के साथ धरना प्रदर्शन किया गया। वहीं कांग्रेस के पूर्व पार्षद नरेंद्र कुशवाहा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि नगर परिषद, विधायक, सांसद और सरकार सभी भाजपा के होने के बावजूद यदि जल निकासी की समस्या हल नहीं हो रही है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

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जिले में आष्टा में सबसे ज्यादा बारिश
भू-अभिलेख विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में जिले में सबसे ज्यादा 4.29 इंच बारिश आष्टा में दर्ज की गई। इसके अलावा रेहटी में 3.09 इंच, भैरूंदा में 2.05 इंच, जावर में 1.70 इंच, इछावर में 1.65 इंच और बुधनी में 0.81 इंच वर्षा दर्ज हुई। जिला मुख्यालय सीहोर में 0.24 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।

स्थायी समाधान की मांग तेज
नागरिकों और व्यापारियों ने नगर पालिका से मांग की है कि जलभराव वाले क्षेत्रों का सर्वे कर स्थायी समाधान निकाला जाए। लोगों का कहना है कि हर बारिश में ऐसी स्थिति बनना अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा और आर्थिक नुकसान का बड़ा कारण बन चुका है। प्रशासन को तात्कालिक राहत के साथ दीर्घकालिक समाधान पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
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