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Sehore News: मौत से पहले लिखे चार पन्नों में खोले राज! युवक ने फांसी लगाकर दी जान, सुसाइड नोट से मचा हड़कंप
Sun, 28 Jun 2026 07:59 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jun 2026 07:59 PM IST
सार
सीहोर के लसूडिया परिहार गांव में 45 वर्षीय जितेंद्र गोस्वामी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से चार पन्नों का सुसाइड नोट मिला, जिसमें आर्थिक लेन-देन, कर्ज और मानसिक प्रताड़ना का उल्लेख है। पुलिस ने मर्ग कायम कर नोट में दर्ज नामों और तथ्यों की जांच शुरू कर दी है।
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Crime news
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीहोर जिले के लसूडिया परिहार गांव में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब 45 वर्षीय युवक जितेंद्र गोस्वामी पिता लक्ष्मण गोस्वामी ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। लेकिन मामला सिर्फ आत्महत्या तक सीमित नहीं रहा, मौके से बरामद 4 पन्नों के सुसाइड नोट ने इस मौत को रहस्यमयी और बेहद संवेदनशील बना दिया है। नोट में आर्थिक लेन-देन, कर्ज और मानसिक प्रताड़ना के ऐसे आरोप दर्ज हैं, जिन्होंने पुलिस की जांच को हाई-प्रोफाइल मोड़ दे दिया है।
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रविवार सुबह जब परिवार और आसपास के लोगों को जितेंद्र की संदिग्ध स्थिति का पता चला, तो गांव में अफरा-तफरी मच गई। घर के भीतर जितेंद्र का शव फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल घटनास्थल को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का सामने आया, लेकिन घटनास्थल से मिले दस्तावेजों ने पूरी कहानी को नया मोड़ दे दिया।
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चार पन्नों का सुसाइड नोट बना जांच का सबसे बड़ा आधार
घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को मृतक के पास से 4 पन्नों का विस्तृत सुसाइड नोट मिला। यही नोट अब जांच का सबसे अहम हिस्सा बन गया है। सूत्रों के मुताबिक नोट में मृतक ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कई लोगों के नाम, पैसों के लेनदेन और मानसिक दबाव का उल्लेख किया है। बताया जा रहा है कि नोट में बाकायदा हिसाब-किताब दर्ज किया गया है। किससे कितने पैसे लेने थे, किसने रकम नहीं लौटाई और किन परिस्थितियों में मृतक लगातार मानसिक तनाव में जी रहा था।
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कर्ज, दबाव और प्रताड़ना ने छीनी जिंदगी?
पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आर्थिक तनाव और मानसिक दबाव से जुड़ा नजर आ रहा है। सुसाइड नोट में दर्ज तथ्यों से संकेत मिल रहे हैं कि जितेंद्र लंबे समय से आर्थिक संकट और सामाजिक दबाव का सामना कर रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या किसी व्यक्ति द्वारा लगातार दबाव, धमकी या प्रताड़ना दी जा रही थी। यदि ऐसा पाया गया तो मामला आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं तक पहुंच सकता है।
इकलौता बेटा था जितेंद्र
जितेंद्र गोस्वामी पेशे से मजदूरी और ट्रैक्टर चलाने का काम करता था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उन्हीं के साथ रहता था। पारिवारिक स्थिति भी लंबे समय से तनावपूर्ण बताई जा रही है। करीब 12 वर्ष पहले उसका पत्नी से तलाक हो चुका था। उसके दो बच्चे हैं, जो वर्तमान में उसकी मां के साथ रहते हैं। जितेंद्र की अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुलिस का हाई-अलर्ट मोड, हर नाम की होगी जांच
कोतवाली थाना प्रभारी रविंद्र यादव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और जांच सभी पहलुओं से की जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि जो भी तथ्य, साक्ष्य और गवाह सामने आएंगे, उसी आधार पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब सुसाइड नोट में दर्ज हर नाम और हर लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है। संबंधित लोगों से पूछताछ भी जल्द शुरू हो सकती है।
जैसे ही 4 पन्नों के सुसाइड नोट की जानकारी सामने आई, पूरे लसूडिया परिहार और आसपास के गांवों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया। लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर नोट में किन लोगों के नाम लिखे हैं और किन परिस्थितियों ने जितेंद्र को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया।
