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शहडोल में बाघ का खौफनाक हमला: गोहपारू में मवेशी चराने गए युवक का शव मिला, वन विभाग पर गुस्सा फूटा

Thu, 29 Oct 2026 08:55 AM IST
शहडोल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: शहडोल ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2026 08:55 AM IST
सार

मवेशी चराने जंगल गए चरवाहे की बाघ के हमले में मौत हो गई। लापता होने के बाद दूसरे दिन उसका शव जंगल में मिला। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग पर बाघ की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद पर्याप्त चेतावनी और गश्त नहीं करने का आरोप लगाया है।

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Shahdol: Shepherd Killed in Tiger Attack; Body Found Next Day, Villagers Question Forest Department
घटना स्थल के पास मिले बाघ के पगमार्क

विस्तार

जिले में जंगली हाथियों के आतंक के बीच अब बाघ की दहशत ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। गोहपारू क्षेत्र के जंगल में मवेशी चराने गए एक चरवाहे पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से लापता चरवाहे का शव दूसरे दिन जंगल में मिला। शव के कुछ हिस्से को बाघ द्वारा खाए जाने की बात भी सामने आई है। घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

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जानकारी के अनुसार गोहपारू थाना क्षेत्र का सोनशाह यादव अपने साथी के साथ गांव के पास स्थित पठारी जंगल में मवेशी चराने गया था। इसी दौरान उसका साथी मवेशियों के साथ पहले ही रुक गया। कुछ देर बाद जंगल से बाघ की दहाड़ सुनाई दी, जिसके बाद साथी डरकर गांव पहुंचा और ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सोनशाह के परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश के लिए जंगल की ओर निकले। वन विभाग की टीम भी वहां पहुंच चुकी थी। रात में तलाश की गई, लेकिन बाघ की दहशत और अंधेरे के कारण सफलता नहीं मिली। अगले दिन सुबह जंगल में सोनशाह का शव मिला।
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जानकारी के बावजूद नहीं हुई मुनादी
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि जिस क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी थी, इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को पहले से थी। इसके बावजूद गांव में सही तरीके से मुनादी नहीं कराई गई और न ही प्रभावी गश्त की गई। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी कोयला और रेत पकड़ने में व्यस्त हैं। यदि समय रहते लोगों को सतर्क किया जाता तो शायद सोनशाह की जान बच सकती थी।


वहीं गोहपारू रेंजर हेमंत प्रजापति का कहना है कि बाघ की मौजूदगी की जानकारी वन विभाग को थी और मृतक को कर्मचारियों ने जंगल की ओर जाने से रोका था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।

वन विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक घटनास्थल पर बाघ के पगमार्क मिले हैं। विभाग ने ग्रामीणों से बाघ के विचरण क्षेत्र में नहीं जाने की अपील की है। मृतक की पत्नी को 10 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी गई है, जबकि शेष राशि देने की प्रक्रिया जारी है।

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