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MP News: 38 लाख कमाने वाले 'दाऊ' ने ऐसे जोड़ी थी करोड़ों की जायदाद, एक गुमनाम चिट्ठी से खुला काला चिट्ठा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 07 Feb 2025 08:11 AM IST
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सार
शिवपुरी जिले के शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया के घर ईओडब्ल्यू छापे में 8 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति मिली, जिसमें कई दुकानें, प्लॉट, सोना-चांदी और वाहन शामिल हैं। वे जमीन खरीद-फरोख्त और ब्याज पर धन देने में संलिप्त थे। जांच एजेंसी संपत्ति के स्रोतों की पड़ताल कर रही है।
शिवपुरी में सरकारी शिक्षक के पास करोड़ों की संपत्ति मिली है
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शिवपुरी जिले के भौती के प्राथमिक स्कूल के शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया के घर पर ईओडब्ल्यू के छापे में 8 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का पता चला है। इस छापे के बाद अब यह चर्चा जोरों पर है कि एक प्राथमिक शिक्षक के घर इतनी संपत्ति कैसे इकट्ठी हो गई। स्थानीय लोगों की मानें तो बताया जाता है कि सुरेश सिंह भदौरिया शिक्षक तो नाम के लिए थे, लेकिन उनका असली व्यापार जमीनों की खरीद फरोख्त और ब्याज पर लोगों को रुपया मुहैया कराना था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई साल पहले वह शिक्षक बन गए थे लेकिन स्थानीय राजनीतिक रसूख का फायदा उठाते हुए वह इस इलाके के आसपास की जमीनों के खरीद व बेचने का काम भी करते हैं। इसके अलावा लोगों को ब्याज पर पैसे देना भी उनका मुख्य धंधा था। हालांकि 8 करोड़ रुपए की संपत्ति से जुड़े कागजात उनके घर पर मिलने के बाद शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया ने इन आरोपों को नकारा है। उनका कहना है कि कुछ लोग से मेरा प्रॉपर्टी का विवाद चल रहा है और उन्होंने मेरी झूठी शिकायत की है हम अपना पूरा पक्ष कोर्ट में रखेंगे।
पूरे इलाके में दाऊ के नाम से प्रसिद्ध शिक्षक
बुधवार को जो छापा जिन शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया के यहां पर डला, वे इस इलाके में दाऊ के नाम से प्रसिद्ध हैं। बताया जाता है कि कांग्रेस के पूर्व विधायक केपी सिंह से उनकी अच्छी नजदीकियां हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके शिक्षक बनने के पीछे विधायक केपी सिंह से उनकी नजदीकियां रहीं। वैसे में वह मूलत: भिंड के रहने वाले हैं, लेकिन शिक्षक बनने के बाद वह शिवपुरी के भौंती में ही रहने लगे। शिक्षक बनने के बाद उन्होंने अपना कारोबार बढ़ाया अपने राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने जमीनों का कारोबार भी शुरू कर दिया। जमीनों की खरीद- बिक्री का कारोबार शुरू कर दिया। इसके अलावा अपने पास मौजूद संपत्ति में से वह ब्याज पर भी पैसे उठाने का काम करते थे।
ये भी पढ़ें- अध्यापक के पास मिली आठ करोड़ की सम्पत्ति, EOW की रेड में 52 प्लॉट, 21 दुकानों के दस्तावेज मिले
थाने की जमीन को भी घेरने के लगे आरोप
जिन शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया के निवास पर ईओडब्त्यू ने छापा मारा वह पिछले कई सालों से विवादों के घेरे में हैं। उन पर कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। इसके अलावा भौंती थाना क्षेत्र के पीछे उनकी जमीन है और इस थाने की जमीन पर भी उन पर कब्जा करने का आरोप लगे हैं। बताया जाता है कि उन्होंने थाने की जमीन को घेर कर उसमें से रास्ता निकाल लिया। अपने पीछे वाली जमीन को रास्ता निकाल उन्होंने यहां थाने की जमीन घेरकर रास्ता निकाला। बाद में यह मामला न्यायालय तक पहुंचा।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि कई साल पहले वह शिक्षक बन गए थे लेकिन स्थानीय राजनीतिक रसूख का फायदा उठाते हुए वह इस इलाके के आसपास की जमीनों के खरीद व बेचने का काम भी करते हैं। इसके अलावा लोगों को ब्याज पर पैसे देना भी उनका मुख्य धंधा था। हालांकि 8 करोड़ रुपए की संपत्ति से जुड़े कागजात उनके घर पर मिलने के बाद शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया ने इन आरोपों को नकारा है। उनका कहना है कि कुछ लोग से मेरा प्रॉपर्टी का विवाद चल रहा है और उन्होंने मेरी झूठी शिकायत की है हम अपना पूरा पक्ष कोर्ट में रखेंगे।
पूरे इलाके में दाऊ के नाम से प्रसिद्ध शिक्षक
बुधवार को जो छापा जिन शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया के यहां पर डला, वे इस इलाके में दाऊ के नाम से प्रसिद्ध हैं। बताया जाता है कि कांग्रेस के पूर्व विधायक केपी सिंह से उनकी अच्छी नजदीकियां हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके शिक्षक बनने के पीछे विधायक केपी सिंह से उनकी नजदीकियां रहीं। वैसे में वह मूलत: भिंड के रहने वाले हैं, लेकिन शिक्षक बनने के बाद वह शिवपुरी के भौंती में ही रहने लगे। शिक्षक बनने के बाद उन्होंने अपना कारोबार बढ़ाया अपने राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने जमीनों का कारोबार भी शुरू कर दिया। जमीनों की खरीद- बिक्री का कारोबार शुरू कर दिया। इसके अलावा अपने पास मौजूद संपत्ति में से वह ब्याज पर भी पैसे उठाने का काम करते थे।
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थाने की जमीन को भी घेरने के लगे आरोप
जिन शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया के निवास पर ईओडब्त्यू ने छापा मारा वह पिछले कई सालों से विवादों के घेरे में हैं। उन पर कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। इसके अलावा भौंती थाना क्षेत्र के पीछे उनकी जमीन है और इस थाने की जमीन पर भी उन पर कब्जा करने का आरोप लगे हैं। बताया जाता है कि उन्होंने थाने की जमीन को घेर कर उसमें से रास्ता निकाल लिया। अपने पीछे वाली जमीन को रास्ता निकाल उन्होंने यहां थाने की जमीन घेरकर रास्ता निकाला। बाद में यह मामला न्यायालय तक पहुंचा।
शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया के घर ईओडब्ल्यू का छापा।
- फोटो : अमर उजाला
शिकायत के बाद सक्रिय ईओडब्ल्यू
बताया जाता है कि भौती के ही रहने वाले व्यक्ति ने की एक गोपनीय शिकायत शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया को लेकर की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया पर करोड़ों रुपए की संपत्ति होने के आरोप लगाए। बताया जाता है कि शुरुआती पड़ताल में ईओडब्ल्यू ने जांच की तो यह शिकायत कुछ प्रमाणित मिली। इसके बाद 20 जनवरी को सहायक शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया के खिलाफ अपराध क्रमांक 8/ 225 कायम किया गया। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने योजनाबद्ध तरीके से 5 फरवरी को शिक्षक के घर पर छापा मारा।
छापे में 8 करोड़ से अधिक की संपत्ति मिली
ईओडब्ल्यू ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि शिक्षक के नाम पर 8 करोड़ से भी ज्यादा की संपत्ति है। जिनमें दुकानें, घर, कार, सोना-चांदी, ट्रक-ट्रैक्टर और भी अन्य चीजें शामिल हैं। आय से अधिक संपत्ति के आरोप में दर्ज मामले के तहत यह कार्रवाई की गई। शिक्षक के घर से छापे में एजेंसी को एक रिहायशी भवन और 11 दुकानें (अनुमानित कीमत: 1 करोड़ 70 लाख रुपए), पिछोर रोड पर 10 दुकानें (अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपए), 52 प्लॉट से संबंधित रजिस्ट्री (अनुमानित कीमत: 5 करोड़ रुपए) के बारे में पता चला है।
44 भू-अधिकार पुस्तिकाएं और 12 बैंक खातों की पासबुक मिली
ईओडब्ल्यू के अनुसार, सुरेश सिंह भदौरिया ने अपने सेवाकाल में लगभग 38 लाख 4 हजार रुपए वेतन के रूप में कमाए हैं। लेकिन, छापे में मिली संपत्तियों की अनुमानित कीमत 8 करोड़ 36 लाख 32 हजार 340 रुपए है। इस प्रकार, आरोपी ने अपनी वैध आय से 7 करोड़ 98 लाख 28 हजार 340 रुपए की अधिक संपत्ति अर्जित की है। ईओडब्ल्यू को छापे के दौरान 44 भू अधिकार पुस्तिकाएं और 12 बैंक खातों की पासबुक मिली हैं। जांच एजेंसी इन दस्तावेजों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
छापे में यह संपत्ति भी मिली
इसके अलावा चल संपत्ति में नगद 4 लाख 71 हजार 370 रुपए, 371 ग्राम सोना (अनुमानित कीमत: 23 लाख 42 हजार 214 रुपए), 2 किलो 826 ग्राम चांदी (अनुमानित कीमत: 1 लाख 28 हजार 736 रुपए), एक ट्रक (अनुमानित कीमत: 23 लाख रुपए), एक स्कॉर्पियो (अनुमानित कीमत: 5 लाख रुपए), फर्नीचर (अनुमानित कीमत: 2 लाख रुपए), एलसीडी टीवी और एसी (अनुमानित कीमत: 1 लाख 40 हजार रुपए), एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (अनुमानित कीमत: 50 हजार रुपए), एक ट्रैक्टर, 5 थ्रेसर, एक टैंकर, चार ट्रॉली, तीन कल्टीवेटर (अनुमानित कीमत: 25 लाख रुपए) भी बरामद किए हैं।
बताया जाता है कि भौती के ही रहने वाले व्यक्ति ने की एक गोपनीय शिकायत शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया को लेकर की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया पर करोड़ों रुपए की संपत्ति होने के आरोप लगाए। बताया जाता है कि शुरुआती पड़ताल में ईओडब्ल्यू ने जांच की तो यह शिकायत कुछ प्रमाणित मिली। इसके बाद 20 जनवरी को सहायक शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया के खिलाफ अपराध क्रमांक 8/ 225 कायम किया गया। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने योजनाबद्ध तरीके से 5 फरवरी को शिक्षक के घर पर छापा मारा।
छापे में 8 करोड़ से अधिक की संपत्ति मिली
ईओडब्ल्यू ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि शिक्षक के नाम पर 8 करोड़ से भी ज्यादा की संपत्ति है। जिनमें दुकानें, घर, कार, सोना-चांदी, ट्रक-ट्रैक्टर और भी अन्य चीजें शामिल हैं। आय से अधिक संपत्ति के आरोप में दर्ज मामले के तहत यह कार्रवाई की गई। शिक्षक के घर से छापे में एजेंसी को एक रिहायशी भवन और 11 दुकानें (अनुमानित कीमत: 1 करोड़ 70 लाख रुपए), पिछोर रोड पर 10 दुकानें (अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपए), 52 प्लॉट से संबंधित रजिस्ट्री (अनुमानित कीमत: 5 करोड़ रुपए) के बारे में पता चला है।
44 भू-अधिकार पुस्तिकाएं और 12 बैंक खातों की पासबुक मिली
ईओडब्ल्यू के अनुसार, सुरेश सिंह भदौरिया ने अपने सेवाकाल में लगभग 38 लाख 4 हजार रुपए वेतन के रूप में कमाए हैं। लेकिन, छापे में मिली संपत्तियों की अनुमानित कीमत 8 करोड़ 36 लाख 32 हजार 340 रुपए है। इस प्रकार, आरोपी ने अपनी वैध आय से 7 करोड़ 98 लाख 28 हजार 340 रुपए की अधिक संपत्ति अर्जित की है। ईओडब्ल्यू को छापे के दौरान 44 भू अधिकार पुस्तिकाएं और 12 बैंक खातों की पासबुक मिली हैं। जांच एजेंसी इन दस्तावेजों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
छापे में यह संपत्ति भी मिली
इसके अलावा चल संपत्ति में नगद 4 लाख 71 हजार 370 रुपए, 371 ग्राम सोना (अनुमानित कीमत: 23 लाख 42 हजार 214 रुपए), 2 किलो 826 ग्राम चांदी (अनुमानित कीमत: 1 लाख 28 हजार 736 रुपए), एक ट्रक (अनुमानित कीमत: 23 लाख रुपए), एक स्कॉर्पियो (अनुमानित कीमत: 5 लाख रुपए), फर्नीचर (अनुमानित कीमत: 2 लाख रुपए), एलसीडी टीवी और एसी (अनुमानित कीमत: 1 लाख 40 हजार रुपए), एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (अनुमानित कीमत: 50 हजार रुपए), एक ट्रैक्टर, 5 थ्रेसर, एक टैंकर, चार ट्रॉली, तीन कल्टीवेटर (अनुमानित कीमत: 25 लाख रुपए) भी बरामद किए हैं।

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