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एमपी में गजब मामला: पेंशन निकालने पहुंचे आदिवासी परिवार के उड़ गए होश, खाते में दिखे 7.40 अरब रुपये; जांच जारी
Tue, 14 Jul 2026 08:15 PM IST
हरदा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदा
Published by: हरदा ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 08:15 PM IST
सार
हरदा के खिरकिया स्थित देवपुर गांव में पेंशन और मजदूरी की राशि निकालने पहुंचे आदिवासी देवर-भाभी के बैंक खातों में करीब 7.40 अरब रुपये दर्ज दिखाई दिए। परिवार ने अनभिज्ञता जताई, जबकि बैंक अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही।
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पेंशन पर निर्भर परिवार के खाते में दिखे 7.40 अरब
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरदा जिले के खिरकिया विकासखंड के ग्राम देवपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक आदिवासी परिवार के देवर और भाभी के बैंक खातों में अचानक अरबों रुपये की राशि दिखाई देने से गांव में चर्चा का माहौल है। परिवार का दावा है कि वे वृद्धावस्था पेंशन और तेंदूपत्ता मजदूरी की राशि निकालने कियोस्क सेंटर पहुंचे थे। इसी दौरान खाते की जांच में करीब 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895 रुपये की राशि दर्ज दिखाई दी।
जानकारी के अनुसार, ग्राम देवपुर निवासी आदिवासी बुजुर्ग गुलाब सिंह ठाकुर और उनकी भाभी अपने बैंक खातों से पेंशन और मजदूरी की राशि निकालने पहुंचे थे। कियोस्क संचालक ने खाते में दर्ज असामान्य राशि की जानकारी दी, जिसे सुनकर दोनों हैरान रह गए। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और लोग इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे।
पढ़ें: बाबा बागेश्वर के भाई पर गोली चलाने का आरोप, जमीन विवाद को लेकर किसान को पीटा भी
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खाताधारकों का कहना है कि उन्हें इस ट्रांजैक्शन की कोई जानकारी नहीं है। परिवार ने बताया कि उनके पास अपनी कृषि भूमि तक नहीं है। वे डूब क्षेत्र से विस्थापित होकर यहां रह रहे हैं और मजदूरी तथा सरकारी योजनाओं से मिलने वाली सहायता पर जीवनयापन करते हैं। ऐसे में खातों में अरबों रुपये की एंट्री उनके लिए भी पूरी तरह रहस्य बनी हुई है।
मामले को लेकर बैंक अधिकारियों का कहना है कि पासबुक और ट्रांजैक्शन की जांच की जाएगी। शुरुआती तौर पर यह स्पष्ट नहीं है कि यह तकनीकी गड़बड़ी है, किसी वित्तीय लेन-देन की त्रुटि या कोई अन्य कारण। फिलहाल बैंक मामले की जांच में जुट गया है।
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जानकारी के अनुसार, ग्राम देवपुर निवासी आदिवासी बुजुर्ग गुलाब सिंह ठाकुर और उनकी भाभी अपने बैंक खातों से पेंशन और मजदूरी की राशि निकालने पहुंचे थे। कियोस्क संचालक ने खाते में दर्ज असामान्य राशि की जानकारी दी, जिसे सुनकर दोनों हैरान रह गए। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और लोग इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे।
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खाताधारकों का कहना है कि उन्हें इस ट्रांजैक्शन की कोई जानकारी नहीं है। परिवार ने बताया कि उनके पास अपनी कृषि भूमि तक नहीं है। वे डूब क्षेत्र से विस्थापित होकर यहां रह रहे हैं और मजदूरी तथा सरकारी योजनाओं से मिलने वाली सहायता पर जीवनयापन करते हैं। ऐसे में खातों में अरबों रुपये की एंट्री उनके लिए भी पूरी तरह रहस्य बनी हुई है।
मामले को लेकर बैंक अधिकारियों का कहना है कि पासबुक और ट्रांजैक्शन की जांच की जाएगी। शुरुआती तौर पर यह स्पष्ट नहीं है कि यह तकनीकी गड़बड़ी है, किसी वित्तीय लेन-देन की त्रुटि या कोई अन्य कारण। फिलहाल बैंक मामले की जांच में जुट गया है।
