Ujjain: मोहर्रम जुलूस मामले की जांच में विवाद, गलत घर में पहुंची पुलिस; समाज के लोगों ने किया थाने का घेराव
उज्जैन में मोहर्रम जुलूस के दौरान टाटा मैजिक वैन में विस्फोट के मामले की जांच के दौरान पुलिस के गलत घरों में पहुंचने से विवाद खड़ा हो गया। महिलाओं के साथ अभद्रता की अफवाह फैलने पर मुस्लिम समुदाय ने थाने का घेराव किया। पुलिस ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पूरी कार्रवाई कानूनसम्मत और शांतिपूर्ण तरीके से की गई। पढ़ें पूरी खबर
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विस्तार
उज्जैन के बड़नगर में मोहर्रम जुलूस के दौरान 23 जून को 40 फीट ऊंचाई पर टाटा मैजिक वैन लटकाकर उसमें विस्फोट करने के मामले की पुलिस जांच विवादों में घिर गई। अडान मोहल्ला में आरोपी की तलाश में पहुंची पुलिस टीम गलती से दो गलत घरों में प्रवेश कर गई। इसके बाद महिलाओं के साथ अभद्रता की अफवाह फैल गई, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने थाने का घेराव कर दिया। दिनभर चले हंगामे के बाद देर रात स्थिति सामान्य हो सकी।
23 जून को अडान मोहल्ला क्षेत्र में मोहर्रम जुलूस के दौरान एक टाटा मैजिक वैन को क्रेन की सहायता से करीब 40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाया गया था। वैन पर 'ले फिर आ गए' लिखा था। क्रेन पर खड़े कुछ लोग धार्मिक झंडे लहरा रहे थे। इसके बाद हवा में लटकी वैन में विस्फोट किया गया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
आरोपी के इशारे से बढ़ा विवाद
थाना प्रभारी कमलेश सिंगर महिला पुलिस बल के साथ एक आरोपी को लेकर अडान मोहल्ला पहुंचे थे। आरोपी ने माहौल बिगाड़ने की नीयत से पार्षद के देवर के घर की ओर इशारा कर दिया। पुलिस उसके बताए अनुसार जब घर में दाखिल हुई, तो पता चला कि वह गलत घर था। इसी दौरान महिलाओं के कपड़े फाड़ने और मारपीट करने की अफवाह फैल गई। देखते ही देखते मस्जिदों से अनाउंसमेंट कर लोगों से इकट्ठा होने की अपील की गई। बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग, विशेषकर महिलाएं, थाने पहुंच गईं और धरने पर बैठ गईं।
अब तक 20 लोगों की पहचान, जांच जारी
पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल करीब 20 लोगों की पहचान की जा चुकी है। वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एटीएस (ATS) की टीम ने भी नगर में पहुंचकर जांच की है।
प्रशासन के फूले हाथ-पांव
महिलाओं के धरना-प्रदर्शन से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। एसडीएम धीरेन्द्र पाराशर मौके पर पहुंचे। शहर काजी नसीरुद्दीन ने पुलिस अधिकारियों से चर्चा के बाद महिलाओं से घर लौटने की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बनेगी। शाम को मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP) करणदीप सिंह बड़नगर पहुंचे और मुस्लिम पक्ष से चर्चा कर भ्रामक जानकारी को दूर करने का भरोसा दिया।
गलतफहमी का मामला : पार्षद पति
पार्षद पति फकीर मोहम्मद ने कहा कि पुलिस मेरे छोटे भाई के घर में दाखिल हुई थी। पूरा मामला गलतफहमी का है। महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता नहीं हुई। इस मामले को लेकर हम पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात करेंगे।
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पुलिस का बयान
बड़नगर पुलिस ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम अखाड़े की घटना में महिलाओं के साथ मारपीट के आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। पुलिस के अनुसार पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण, संयमित और विधिसम्मत तरीके से की गई। कार्रवाई के दौरान किसी भी महिला के साथ न तो मारपीट की गई और न ही अनावश्यक बल प्रयोग किया गया। पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। साथ ही नागरिकों से अपुष्ट और भ्रामक जानकारी न फैलाने की अपील की गई है।
