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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   55 Days In Tent: Ujjain Admin's Midnight Scanning Of Standing Hanuman Idol Fails As Machines Discharge

उज्जैन: 55 दिन से टेंट में विराजमान खड़े हनुमान, रात में स्कैनिंग करने पहुंचा प्रशासन, भक्तों में आक्रोश

Thu, 29 Oct 2026 05:43 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2026 05:43 PM IST
सार

उज्जैन में रोड चौड़ीकरण के लिए हटाए गए प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा 55 दिन से टेंट में है। प्रशासन ने रात में स्कैनिंग की। भक्त प्रतिमा को मूल स्थान पर रखने की मांग कर रहे हैं।

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55 Days In Tent: Ujjain Admin's Midnight Scanning Of Standing Hanuman Idol Fails As Machines Discharge
खड़े हनुमान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कंठाल चौराहे से छत्री चौक रोड चौड़ीकरण के लिए हटाए गए प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। 55 दिन से 8 फीट ऊंची प्राचीन प्रतिमा टेंट के नीचे विराजमान है। इस बीच प्रशासन समाधान निकालने के बजाय रातों-रात कार्रवाई में जुटा है। सोमवार देर शाम प्रशासनिक टीम विशेष मशीनों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ मंदिर पहुंची और प्रतिमा की स्कैनिंग शुरू कर दी।

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बताया जा रहा है कि एसडीएम एलएन गर्ग सहित अधिकारियों की टीम करीब डेढ़ घंटे तक मौके पर मौजूद रही। स्कैनिंग के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की गई कि प्रतिमा का आधार जमीन के अंदर कितनी गहराई तक है और नीचे की संरचना कैसी है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन की मंशा प्रतिमा को टंकी चौक के पास बने नए मंदिर में शिफ्ट करने की है।

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जांच के दौरान मशीनों की बैटरी हुई डिस्चार्ज
समाजसेवी संतोष व्यास ने दावा किया कि जांच के दौरान चमत्कार जैसा नजारा देखने को मिला। कुछ स्थानों पर उपकरण लगाते ही उनकी बैटरी अचानक डिस्चार्ज हो गई। अधिकारियों को मशीनें दोबारा चार्ज करनी पड़ीं। इसके बाद टीम बिना कोई आधिकारिक बयान दिए लौट गई।

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व्यास ने आरोप लगाया कि प्रशासन रात के अंधेरे में बिना किसी सार्वजनिक सूचना के गुपचुप तरीके से जांच क्यों कर रहा है? अगर जांच करनी ही थी तो दिन में पारदर्शी तरीके से पुजारी और भक्तों की मौजूदगी में करनी चाहिए थी। रात में इस तरह की कार्रवाई से श्रद्धालुओं में भ्रम और आक्रोश पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्कैनिंग की रिपोर्ट और संबंधित कागजात अधिकारियों से ले लिए गए हैं, ताकि बाद में अधिकारी अपने बयान से मुकर न सकें।

भक्त बोले- रामलला भव्य मंदिर में, उनके दूत टेंट में
खड़े हनुमान मंदिर को लेकर भक्तों की आस्था आहत हो रही है। लोगों का कहना है कि प्रभु श्रीराम तो टेंट से निकलकर अयोध्या के भव्य मंदिर में पहुंच गए, लेकिन उनके दूत रामभक्त हनुमान को शासन-प्रशासन ने मंदिर से निकालकर टेंट में रख छोड़ा है। इस मामले को लेकर अब तक 45 हजार हस्ताक्षर, 50 समाज, 150 पंचायतों और व्यापारियों की ओर से 450 आवेदन दिए जा चुके हैं। सभी की एक ही मांग है कि खड़े हनुमान जहां विराजमान हैं, वहीं रहें।

रोजाना हजारों भक्त कर रहे दर्शन
मंदिर के पुजारी महेश बैरागी के अनुसार, सोशल मीडिया पर मंदिर की ख्याति फैलने के बाद रोजाना 5 से 10 हजार श्रद्धालु देशभर से यहां दर्शन के लिए आ रहे हैं। गौरतलब है कि मंदिर को हटाने की कार्रवाई 30 अगस्त को शुरू हुई थी। विरोध के बाद 1 सितंबर को 16 घंटे की कार्रवाई में मंदिर का शिखर और ऊपरी हिस्सा हटाया गया। इसके बाद 4 सितंबर को मुख्य ढांचा भी हटा दिया गया था। तब से प्राचीन प्रतिमा टेंट में ही विराजमान है।

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