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उज्जैन काल भैरव मंदिर: महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं और सुरक्षा गार्ड्स के बीच झड़प, दर्शन की जल्दबाजी पर हुआ विवाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sat, 22 Nov 2025 08:08 PM IST
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सार
विवाद भैरवगढ़ थाने तक पहुंचा, लेकिन किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई। CCTV फुटेज में श्रद्धालुओं की गलती सामने आई। एसडीएम ने बताया कि गार्ड ने कार्रवाई से इनकार कर दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।
दर्शन के दौरान मंदिर का दृश्य।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें काल भैरव मंदिर में दर्शन के दौरान महाराष्ट्र से श्रद्धालुओं और मंदिर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा गार्ड्स के बीच दर्शन को लेकर विवाद होता नजर आ रहा है। इस वीडियो के बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर जारी है। अब तक दोनों पक्षों में से किसी ने भी थाने में ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई है।
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यह पूरा मामला
वायरल हो रहा है वीडियो शुक्रवार शाम का बताया जा रहा है। जिसमें महाराष्ट्र से 30 से 40 दर्शनार्थियों का दल महाकाल दर्शन के लिए आया था। दर्शन के बाद सभी कालभैरव मंदिर पहुंचे। वहां भीड़ ज्यादा होने पर सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं को जल्दी दर्शन कर आगे बढ़ने को कह रहे थे। इसी दौरान दल की कुछ महिलाओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच मंदिर के मुख्य द्वार के समीप विवाद हो गया। उसके बाद विवाद भैरवगढ़ थाने भी पहुंचा, लेकिन किसी ने शिकायत नहीं की है।
यह है वीडियो में
इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंदिर पुरुष कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी महिलाओं के हाथ पकड़कर धक्का देते और उन्हें मंदिर परिसर से बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। जिसके बाद एक महिला ने एक शख्स का शर्ट पकड़ा तो एक बुजुर्ग महिला ने मुक्का मारने की कोशिश की लेकिन गार्ड पीछे हट गया। इसके बाद गार्ड ने भी मुक्का मारने का दिखावा किया। इसके बाद सिक्योरिटी गार्ड्स उन्हें जबरन बाहर धकेलते नजर आए।
ये भी पढ़ें- जंगल में चल रही थी अवैध हथियार फैक्ट्री, मप्र ATS और महाराष्ट्र पुलिस ने कार्रवाई में 10 संदिग्ध पकड़े
एसडीएम एलएन गर्ग ने कहा- दर्शनार्थियों की गलती
एस डी एम एल एन गर्ग ने जानकारी दी कि गत दिवस काल भैरव मन्दिर में हुए विवाद में मंदिर में सीसीटीवी फुटेज की जांच में पाया गया कि गत दिवस काल भैरव मंदिर में शाम को महाराष्ट्र के लगभग 30-35 दर्शनार्थी मंदिर में दर्शन करने के लिए आये थे। काल भैरव मंदिर में दर्शन व्यवस्थाओं के लिए रखे गए गार्ड द्वारा दर्शनार्थीयों को दर्शन उपरांत आगे बढ़ने का कहा गया, परन्तु दर्शनार्थी द्वारा मना किया गया, इस पर गार्ड ने पुनः उन्हें आगे बढ़ने के लिए कहा, ताकि दूसरे श्रद्धालुओं को भी दर्शन हो सकें। इस पर दर्शनार्थियों ने गार्ड से अभद्रता और हाथापाई की तथा उनके द्वारा गर्भगृह के सामने बाहर जाने के द्वार पर गार्ड को ले जाया गया। परिसर में उपस्थित प्रशासक कालभैरव मन्दिर और भैरवगढ़ थाने के जवानों द्वारा दोनों पक्षों को भैरवगढ़ थाने ले जाया गया। जहां दोनों पक्षों के बयानों को सुना गया। इसमें दर्शनार्थियों की ग़लती पाई गई। मंदिर के गार्ड ने दर्शनार्थीयों की ग़लती को नजरंदाज करते हुए कार्यवाही नहीं करने के लिए कहा। इसके बाद दोनों पक्षों को समझाइश दी गई और मामला शांत किया गया। उज्जैन आने वाले श्रद्धालु यहां से अच्छी स्मृति लेकर जाएं, इसके लिए प्रशासन ने गार्ड को भी आने वाले दर्शनार्थीओं से संयमित व्यवहार करने के लिए कहा।
थाना प्रभारी बोले - किसी ने नहीं की शिकायत
थाना भैरवगढ़ टीआई आरएस शक्तावत ने बताया कि दर्शनार्थी दर्शन करने के बाद वहीं खड़े थे, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों और मंदिर कर्मचारियों ने आगे बढ़नें को कहा। इसी बात पर विवाद हुआ। ऐसे विवाद अक्सर होते रहते हैं। किसी ने भी शिकायत नहीं की। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी गलती मानी और मामला खत्म हो गया।
वायरल हो रहा है वीडियो शुक्रवार शाम का बताया जा रहा है। जिसमें महाराष्ट्र से 30 से 40 दर्शनार्थियों का दल महाकाल दर्शन के लिए आया था। दर्शन के बाद सभी कालभैरव मंदिर पहुंचे। वहां भीड़ ज्यादा होने पर सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं को जल्दी दर्शन कर आगे बढ़ने को कह रहे थे। इसी दौरान दल की कुछ महिलाओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच मंदिर के मुख्य द्वार के समीप विवाद हो गया। उसके बाद विवाद भैरवगढ़ थाने भी पहुंचा, लेकिन किसी ने शिकायत नहीं की है।
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यह है वीडियो में
इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंदिर पुरुष कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी महिलाओं के हाथ पकड़कर धक्का देते और उन्हें मंदिर परिसर से बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। जिसके बाद एक महिला ने एक शख्स का शर्ट पकड़ा तो एक बुजुर्ग महिला ने मुक्का मारने की कोशिश की लेकिन गार्ड पीछे हट गया। इसके बाद गार्ड ने भी मुक्का मारने का दिखावा किया। इसके बाद सिक्योरिटी गार्ड्स उन्हें जबरन बाहर धकेलते नजर आए।
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एसडीएम एलएन गर्ग ने कहा- दर्शनार्थियों की गलती
एस डी एम एल एन गर्ग ने जानकारी दी कि गत दिवस काल भैरव मन्दिर में हुए विवाद में मंदिर में सीसीटीवी फुटेज की जांच में पाया गया कि गत दिवस काल भैरव मंदिर में शाम को महाराष्ट्र के लगभग 30-35 दर्शनार्थी मंदिर में दर्शन करने के लिए आये थे। काल भैरव मंदिर में दर्शन व्यवस्थाओं के लिए रखे गए गार्ड द्वारा दर्शनार्थीयों को दर्शन उपरांत आगे बढ़ने का कहा गया, परन्तु दर्शनार्थी द्वारा मना किया गया, इस पर गार्ड ने पुनः उन्हें आगे बढ़ने के लिए कहा, ताकि दूसरे श्रद्धालुओं को भी दर्शन हो सकें। इस पर दर्शनार्थियों ने गार्ड से अभद्रता और हाथापाई की तथा उनके द्वारा गर्भगृह के सामने बाहर जाने के द्वार पर गार्ड को ले जाया गया। परिसर में उपस्थित प्रशासक कालभैरव मन्दिर और भैरवगढ़ थाने के जवानों द्वारा दोनों पक्षों को भैरवगढ़ थाने ले जाया गया। जहां दोनों पक्षों के बयानों को सुना गया। इसमें दर्शनार्थियों की ग़लती पाई गई। मंदिर के गार्ड ने दर्शनार्थीयों की ग़लती को नजरंदाज करते हुए कार्यवाही नहीं करने के लिए कहा। इसके बाद दोनों पक्षों को समझाइश दी गई और मामला शांत किया गया। उज्जैन आने वाले श्रद्धालु यहां से अच्छी स्मृति लेकर जाएं, इसके लिए प्रशासन ने गार्ड को भी आने वाले दर्शनार्थीओं से संयमित व्यवहार करने के लिए कहा।
थाना प्रभारी बोले - किसी ने नहीं की शिकायत
थाना भैरवगढ़ टीआई आरएस शक्तावत ने बताया कि दर्शनार्थी दर्शन करने के बाद वहीं खड़े थे, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों और मंदिर कर्मचारियों ने आगे बढ़नें को कहा। इसी बात पर विवाद हुआ। ऐसे विवाद अक्सर होते रहते हैं। किसी ने भी शिकायत नहीं की। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी गलती मानी और मामला खत्म हो गया।

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