'आशुतोष ब्रह्मचारी आरोप लगाकर लाभ लेना चाहता है'...: अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रवींद्र पुरी का बड़ा आरोप, क्या कहा?
MP: उज्जैन में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े यौन शोषण मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि कुछ लोग संतों को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।
विस्तार
धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े कथित यौन शोषण मामले में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी भी उसी तरह के धंधे से जुड़े हुए हैं। जैसे यह महिला यहां शामिल थी, वैसा ही धंधा उसका भी था। ऐसे धंधे वाले लोग इस समय हर जगह हावी हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उसने भी बच्चों के साथ खुद बलात्कार किया और बलात्कार करने के बाद शंकराचार्य का नाम लिया।
रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि जब मेडिकल जांच की बात आई तो शंकराचार्य ने कहा कि मैं इसके लिए तैयार हूं। अगर मैं दुराचारी हूं तो मुझे फांसी दे दी जाए, लेकिन मेरा नार्को टेस्ट कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कहीं मेरी गलती साबित हो जाए तो मुझे बीच रास्ते पर भी फांसी दे दो। उन्होंने कहा कि इस मामले में शंकराचार्य और क्या बोल सकते थे।
मामले की जांच को लेकर उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच होना जरूरी है, क्योंकि बच्चों के साथ बलात्कार हुआ है। अगर मेडिकल टेस्ट में यह सामने आता है कि बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ है तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई होना ही चाहिए। साथ ही यह पता लगाना भी जरूरी है कि यौन शोषण किसने किया। आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा सरकार के डिप्टी सीएम पर लगाए गए आरोपों को लेकर रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि आशुतोष बदमाश आदमी है और गुंडा प्रवृत्ति का व्यक्ति है। वह सोचता है कि इससे उसे कोई फायदा या लाभ मिल जाएगा।
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शांति स्वरूपानंद मामले में यह बोले अखाड़ा परिषद अध्यक्ष
रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि हमारे संतों को टारगेट किया जा रहा है और संतों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि शांति स्वरूपानंद जी महाराज बहुत बड़े कथाकार और अच्छे संत हैं। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने बताया कि यह उनके मठ से जुड़े विवाद का मामला भी है और इसमें कुछ लोग शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमारी भूतपूर्व महामंडलेश्वर, जिन्हें हमने बनाया था, उनका भी इसमें हाथ है।
उन्होंने कहा कि एक लड़की को वाराणसी से बुलाया जाता है। उनकी गैंग कितनी लंबी है कि वहां से एक महिला उज्जैन आती है और यहां वीडियो बनाया जाता है। जब वह वीडियो बना रहे थे तो हमारे संतों ने उन्हें देख लिया। आनंदपुरी महाराज ने उन्हें देख लिया। जब वे वहां पहुंचे तो देखा कि क्या हो रहा है। उस लड़की ने कहा कि मुझे फंसाया जा रहा है। इन लोगों ने मुझसे कहा है कि हम तुम्हें पचास हजार रुपये देंगे, तुम महामंडलेश्वर शांतिस्वरूपानंद के खिलाफ बयान दे दो कि उसने बलात्कार किया है।
संतों को बदनाम किया जाएगा तो आस्था का क्या होगा
उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं के लिए जीवन जीना मुश्किल होता जा रहा है। इस समय पूरे हिंदुस्तान में संतों को टारगेट किया जा रहा है। अब उज्जैन में महाकुंभ और सिंहस्थ भी आने वाले हैं। अगर ऐसे ही संतों को बदनाम किया जाएगा तो लोगों की आस्था पर भी असर पड़ेगा।
संतों के लिए विशेष कानून बनाया जाए
रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि संतों के लिए कुछ विशेष करना पड़ेगा और सभी संतों को आगे आना होगा। जिसके साथ अन्याय हुआ है, वह आवाज उठाएगा। इस मामले को लेकर हम गृह मंत्री से भी चर्चा करेंगे। संतों के लिए अलग से विशेष कानून बनाया जाए, ताकि बिना जांच के किसी संत को तुरंत टारगेट न किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर कोई संत गलत है तो उसकी जांच होनी चाहिए और जांच के बाद ही उसे जेल भेजा जाए। हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। लेकिन झूठे आरोप लगाकर संतों को बदनाम करने की प्रवृत्ति भी बढ़ रही है।
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