Ujjain News: सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा का ब्लूप्रिंट तैयार, 25 हजार जवान और वालंटियर संभालेंगे मोर्चा
उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज हो गई हैं। महापर्व में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 25 हजार से अधिक प्रशिक्षित होमगार्ड, सिविल डिफेंस स्वयंसेवक, आपदा मित्र और SDRF जवान तैनात किए जाएंगे। होमगार्ड, सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने उज्जैन दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का रोडमैप साझा किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सिंहस्थ-2028 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। महापर्व के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 25 हजार से अधिक प्रशिक्षित जवान और स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। होमगार्ड, सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने कहा कि सिंहस्थ की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
फील्ड में पहुंचकर लिया तैयारियों का जायजा
दो दिवसीय उज्जैन दौरे पर पहुंचीं महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने कालिदास अकादमी में होमगार्ड, सिविल डिफेंस वालंटियर्स, आपदा मित्र और एसडीआरएफ के जवानों के साथ बैठक की। बैठक में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान सिंहस्थ-2028 से पहले सभी जवानों और स्वयंसेवकों को पूरी तरह प्रशिक्षित करने की रणनीति पर चर्चा की गई।
महानिदेशक ने प्रशिक्षण व्यवस्था, सुरक्षा तैयारियों और उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की। उन्होंने फील्ड में कार्यरत होमगार्ड, सिविल डिफेंस वालंटियर्स, आपदा मित्र और एसडीआरएफ के जवानों से सीधे संवाद कर उनकी तैयारियों की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंहस्थ से पहले सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और नियमित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए।
कौन-कौन संभालेगा जिम्मेदारी
सिंहस्थ-2028 के लिए तैयार किए गए सुरक्षा प्लान के तहत करीब 10 हजार होमगार्ड और तकनीकी स्वयंसेवकों को भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और घाटों की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके अलावा 10 से 15 हजार आपदा मित्र और सिविल डिफेंस स्वयंसेवक प्राथमिक उपचार, रेस्क्यू ऑपरेशन और खोया-पाया केंद्रों का संचालन संभालेंगे। वहीं एसडीआरएफ और पुलिस बल को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा जाएगा। इसके लिए विशेष टीमें भी तैनात की जाएंगी।
यह भी पढ़ें-रेलवे स्टेशन पर ही रोके गए वेटिंग शिक्षक, पुलिस ने लिया हिरासत में,पद वृद्धि और नियुक्ति की मांग
भर्ती और प्रशिक्षण अंतिम चरण में
महानिदेशक ने बताया कि होमगार्ड की भर्ती अंतिम चरण में है। इसके साथ ही गांव-गांव से चुने गए युवाओं को ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सीपीआर देने से लेकर नाव चलाने और बचाव कार्यों की पूरी जानकारी दी जा रही है। उद्देश्य यह है कि शिप्रा नदी के हर घाट पर प्रशिक्षित स्वयंसेवक मौजूद रहें।
महाकुंभ जैसी होगी सुरक्षा व्यवस्था
प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 का स्वरूप महाकुंभ जैसा होगा, जहां करोड़ों श्रद्धालु पहुंचेंगे। ऐसे में प्रशासन की कोशिश है कि भगदड़, आग, बाढ़ या किसी भी आपात स्थिति में पांच मिनट के भीतर राहत और बचाव कार्य शुरू हो जाए। इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच रियल-टाइम समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
