मानसून की पहली अच्छी बारिश ने जिले के अन्नदाताओं के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। बारिश के बाद खेतों में कृषि गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है और किसान बुवाई की तैयारियों में जुट गए हैं। बारिश के साथ ही जिले में खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां तेज हो गई हैं। कृषि विभाग के शुरुआती आंकड़ों और जमीनी स्थिति के अनुसार इस बार किसानों का रुझान उड़द और मक्के की खेती की ओर अधिक है।
अच्छे दाम और कम लागत बनी वजह
बाजार में उड़द के अच्छे दाम मिलने और मक्के की कम लागत के साथ बेहतर उत्पादन की संभावना को देखते हुए किसान इन दोनों फसलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा किसान सोयाबीन की बुवाई के लिए भी खेत तैयार करने में जुट जाएंगे।
कृषि वैज्ञानिकों ने दी जरूरी सलाह
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों से जल्दबाजी नहीं करने और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की अपील की है। वैज्ञानिकों का कहना है कि खेतों में कम से कम तीन से चार इंच तक अच्छी नमी आने के बाद ही बुवाई शुरू करें, ताकि बीज का अंकुरण बेहतर हो सके।
बीजोपचार करना जरूरी
वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि उड़द और मक्के की फसल को फफूंद और शुरुआती कीटों से बचाने के लिए बुवाई से पहले प्रमाणित फफूंदनाशक से बीजोपचार जरूर करें। किसानों को खेतों में पानी जमा होने से बचाने के लिए पहले से ही जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
नदी-नालों में फिर बहा पानी
मानसून की पहली अच्छी बारिश से लंबे समय से सूखे पड़े नदी-नालों में भी पानी बहने लगा है, जिससे क्षेत्र में जलस्रोतों में फिर से जान लौट आई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक सागर जिले में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई और अन्य कृषि कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।