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Ujjain: काल भैरव मंदिर में शुरू हुई नई दर्शन व्यवस्था, ऐसे मिलेगा सीधे प्रवेश; वीआईपी के लिए ये सहूलियत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Wed, 20 May 2026 06:21 PM IST
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सार

नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु 500 रुपए का टिकट लेकर सीधे गर्भगृह से दर्शन कर रहे हैं। टिकट मंदिर परिसर के बाहर बने काउंटर से सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक उपलब्ध हो रहे हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, फिलहाल यह व्यवस्था ऑफलाइन शुरू की गई है।

Ujjain's Kal Bhairav Temple Launches New Darshan System: Get Access to Garbhagrih for 500
काल भैरव मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

विश्व प्रसिद्ध बाबा कालभैरव मंदिर में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने नई दर्शन व्यवस्था लागू की है। अब श्रद्धालु 500 रुपये शुल्क देकर बाबा कालभैरव के गर्भगृह में सीधे प्रवेश कर शीघ्र दर्शन और पूजन कर सकेंगे। वहीं सामान्य श्रद्धालुओं के लिए पहले की तरह निशुल्क कतारबद्ध दर्शन व्यवस्था जारी रहेगी।

एसडीएम एल.एन. गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि बाबा कालभैरव को भगवान महाकाल के कोतवाल और सेनापति के रूप में पूजा जाता है। मंदिर में प्रतिदिन 20 से 25 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जबकि विशेष पर्वों पर यह संख्या एक लाख तक पहुंच जाती है। लंबे समय से श्रद्धालुओं की मांग थी कि शीघ्र दर्शन की अलग व्यवस्था बनाई जाए। नई व्यवस्था के तहत 500 रुपये की रसीद कटवाने वाले श्रद्धालुओं को सीधे गर्भगृह तक ले जाया जा रहा है, जहां विधिवत पूजन-अर्चन के बाद दर्शन कराए जा रहे हैं। वहीं सामान्य श्रद्धालु पहले की तरह लाइन में लगकर निशुल्क दर्शन कर रहे हैं।

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इसलिए शुरू की गई नई व्यवस्था
इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को सुविधा देना ही नहीं, बल्कि मंदिर परिसर में सक्रिय बिचौलियों पर रोक लगाना भी है। कालभैरव मंदिर की प्रशासक संध्या मार्कण्डेय के मुताबिक, कुछ शिकायतें मिल रही थीं कि प्रोटोकॉल और विशेष प्रवेश के नाम पर कुछ लोग श्रद्धालुओं से पैसे लेकर दर्शन करा रहे थे। अब अधिकृत रसीद व्यवस्था लागू होने से श्रद्धालुओं को पारदर्शिता मिलेगी और अवैध वसूली पर भी लगाम लगेगी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन मिलेंगे और मंदिर की आय में भी वृद्धि होगी, जिससे भविष्य में मंदिर की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों को और बेहतर बनाया जा सकेगा।

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महाकाल मंदिर की तर्ज पर शुरू हुई व्यवस्था
महाकाल मंदिर में पहले से ही विभिन्न दर्शन और आरती व्यवस्थाएं सशुल्क संचालित हैं। भस्म आरती में प्रवेश के लिए प्रति श्रद्धालु 200 रुपये शुल्क लिया जाता है। वहीं संध्या और शयन आरती के लिए 250 रुपये ऑनलाइन शुल्क निर्धारित है। शीघ्र दर्शन व्यवस्था भी 250 रुपये में उपलब्ध है। इसी तर्ज पर अब कालभैरव मंदिर में भी प्रोटोकॉल दर्शन की सुविधा लागू की गई है, हालांकि यहां शुल्क 500 रुपये रखा गया है।

सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक मिलेगा टिकट
नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु 500 रुपये का टिकट लेकर सीधे गर्भगृह से दर्शन कर सकेंगे। टिकट मंदिर परिसर के बाहर बने काउंटर से सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक उपलब्ध रहेंगे। मंदिर प्रशासन के अनुसार फिलहाल यह व्यवस्था ऑफलाइन शुरू की गई है, जिसे जल्द ही ऑनलाइन भी किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को विशेष मार्ग से सीधे गर्भगृह तक पहुंचकर दर्शन की सुविधा मिल रही है।

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