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Ujjain News: 136 दिवसीय होगा विक्रमोत्सव 2026, 15 फरवरी को कलाकारों की सांगीतिक प्रस्तुति से होगा शुभारंभ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sun, 23 Nov 2025 08:18 AM IST
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सार
विक्रमोत्सव 2026 का शुभारंभ 15 फरवरी से होगा, जिसमें शिवरात्रि मेलों के समारंभ, भव्य कलश यात्रा और प्रसिद्ध कलाकारों के कार्यक्रम शामिल होंगे। इस दौरान विक्रम व्यापार मेला, शिल्प एवं टेक्सटाइल प्रदर्शनी, नाट्य समारोह, हाट बाजार, पौराणिक फिल्म महोत्सव, न्याय वैचारिक समागम और कवि सम्मेलन का आयोजन होगा।
136 दिवसीय होगा विक्रमोत्सव 2026।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इस वर्ष विक्रमोत्सव 2026 की शुरुआत 15 फरवरी से होगी और इसी दिन से विक्रम व्यापार मेला भी आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के तहत 15 फरवरी 2026 को अनादिदेव शिव की कलाओं का शिवार्चन (प्रदेश के सभी शिवरात्रि मेलों का समारंभ) किया जाएगा। प्रात: 11 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके पश्चात विक्रमोत्सव 2026 का शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें शंकर महादेवन, एहसान, लॉय/ विशाल मिश्रा/ सोनू निगम/ प्रीतम के द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। साथ ही कलाकारों द्वारा शिवोहम की प्रस्तुति दी जाएगी। इस दौरान विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक (रेपलिका का निर्माण) पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
15 फरवरी को ही इंजीनयरिंग कॉलेज परिसर में विक्रम व्यापार मेले का शुभारंभ किया जाएगा। मेले में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज, विभिन्न माध्यमों के पारंपरिक शिल्पों का मेला, हथकरघा एवं टेक्सटाइल्स प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। 22 फरवरी से 2 मार्च तक विक्रम नाट्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 27 फरवरी से 18 मार्च तक उज्जैन हाट बाजार में स्थानीय सांस्कृतिक मंडलियों की प्रतिदिन प्रस्तुति दी जाएगी। इस दौरान शिल्प कार्यशाला और मालवी कलम कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा। 28 फरवरी से 1 मार्च तक विक्रमादित्य के न्याय का वैचारिक समागम आयोजित किया जाएगा। 7 मार्च को स्थानीय बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जिसमें सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित रचनाओं का समावेश भी होगा।
पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव
13 मार्च से 17 मार्च तक पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव आयोजित किया जाएगा। 17 और 18 मार्च को महाकाल पृथ्वी का समय - शोध संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। 19 मार्च को सृष्टि आरंभ दिवस नववर्ष प्रतिपदा के अवसर पर उज्जैन का गौरव दिवस मनाया जाएगा। इस दिन प्रात: काल रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर सूयोर्पासना की जाएगी। प्रदेश के सभी जिलों में विक्रमोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 19 मार्च को शाम 7 बजे मुख्य कार्यक्रम शिप्रा नदी के तट पर आयोजित किया जाएगा। समारोह में सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण दिए जाएंगे। साथ ही विक्रम पंचांग 2082-83 और आर्श भारत के द्वितीय संस्करण का लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध कलाकार मोहित चौहान, सुनिधि चौहान और शंकर महादेवन के द्वारा सांगीतिक प्रस्तुति दी जाएगी। रामघाट पर भव्य आतिशबाजी भी की जाएगी।
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संवर्धन अभियान का शुभारंभ
19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ होगा जिसमें प्रदेश के सभी जिलों में अभियान के अंतर्गत कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सभी जिलों में पर्यावरण, जलीय संरचनाओं के संरक्षण, संवर्धन पर केंद्रित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान आगामी 30 जून तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। 23 और 24 मई को भोपाल में 2 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 25 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर शिप्रा नदी के तट पर मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान प्रतिसद्ध कलाकारों द्वारा सांगीतिक प्रस्तुति दी जाएगी। 30 जून को विक्रमोत्सव और जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।
यह की जा रही है तैयारी
महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने जानकारी दी कि संभागायुक्त आशीष सिंह की अध्यक्षता में विक्रमोत्सव 2026 की पूर्व तैयारियों के संबंध में बैठक आयोजित हुई। बैठक में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, स्वराज संस्थान संचालनालय, संस्कृति विभाग एवं उज्जैन जिला प्रशासन के सहयोग से विक्रमोत्सव 2026 के आयोजन किए जाने पर चर्चा की गईं। बैठक में संभागायुक्त सिंह द्वारा निर्देश दिए गए कि विक्रमोत्सव 2026 के पूर्व घाटों की साफ सफाई, घाट स्थित मंदिरों की रंगाई पुताई और साज सज्जा सुनिश्चित किए जाए। संभागायुक्त सिंह ने विक्रमोत्सव अंतर्गत आयोजित हथकरघा एवं टेक्सटाइल प्रदर्शनी के समन्वय के लिए जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट को निर्देशित किया।
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पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव
13 मार्च से 17 मार्च तक पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव आयोजित किया जाएगा। 17 और 18 मार्च को महाकाल पृथ्वी का समय - शोध संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। 19 मार्च को सृष्टि आरंभ दिवस नववर्ष प्रतिपदा के अवसर पर उज्जैन का गौरव दिवस मनाया जाएगा। इस दिन प्रात: काल रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर सूयोर्पासना की जाएगी। प्रदेश के सभी जिलों में विक्रमोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 19 मार्च को शाम 7 बजे मुख्य कार्यक्रम शिप्रा नदी के तट पर आयोजित किया जाएगा। समारोह में सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण दिए जाएंगे। साथ ही विक्रम पंचांग 2082-83 और आर्श भारत के द्वितीय संस्करण का लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध कलाकार मोहित चौहान, सुनिधि चौहान और शंकर महादेवन के द्वारा सांगीतिक प्रस्तुति दी जाएगी। रामघाट पर भव्य आतिशबाजी भी की जाएगी।
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संवर्धन अभियान का शुभारंभ
19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ होगा जिसमें प्रदेश के सभी जिलों में अभियान के अंतर्गत कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सभी जिलों में पर्यावरण, जलीय संरचनाओं के संरक्षण, संवर्धन पर केंद्रित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान आगामी 30 जून तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। 23 और 24 मई को भोपाल में 2 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 25 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर शिप्रा नदी के तट पर मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान प्रतिसद्ध कलाकारों द्वारा सांगीतिक प्रस्तुति दी जाएगी। 30 जून को विक्रमोत्सव और जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।
यह की जा रही है तैयारी
महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने जानकारी दी कि संभागायुक्त आशीष सिंह की अध्यक्षता में विक्रमोत्सव 2026 की पूर्व तैयारियों के संबंध में बैठक आयोजित हुई। बैठक में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, स्वराज संस्थान संचालनालय, संस्कृति विभाग एवं उज्जैन जिला प्रशासन के सहयोग से विक्रमोत्सव 2026 के आयोजन किए जाने पर चर्चा की गईं। बैठक में संभागायुक्त सिंह द्वारा निर्देश दिए गए कि विक्रमोत्सव 2026 के पूर्व घाटों की साफ सफाई, घाट स्थित मंदिरों की रंगाई पुताई और साज सज्जा सुनिश्चित किए जाए। संभागायुक्त सिंह ने विक्रमोत्सव अंतर्गत आयोजित हथकरघा एवं टेक्सटाइल प्रदर्शनी के समन्वय के लिए जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट को निर्देशित किया।

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