Umaria News: कोयला परियोजना को लेकर बढ़ा विवाद, किसान संघ ने राष्ट्रपति से की शिकायत; आंदोलन की दी चेतावनी
उमरिया जिले में प्रस्तावित कोयला परियोजना को लेकर भारतीय किसान संघ ने राष्ट्रपति को शिकायत भेजकर प्रशासन और कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने पर 'घेरा डालो, डेरा डालो' आंदोलन और शहडोल-धुनधुटी राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की चेतावनी दी है।
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किसानों की शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही
भारतीय किसान संघ ने राष्ट्रपति को भेजे पत्र में कहा है कि उमरिया आदिवासी बहुल जिला है, जहां हजारों किसान अपनी जमीन और आजीविका पर निर्भर हैं। संगठन का दावा है कि जिले में उसके करीब 10 हजार पंजीकृत सदस्य, 267 ग्राम समितियां और सात तहसील इकाइयां किसानों के हितों के लिए लगातार कार्य कर रही हैं, लेकिन किसानों की शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।
जनसुनवाई निष्पक्ष नहीं थी
पत्र में पाली तहसील के धुनधुटी और पतनारकला क्षेत्र में प्रस्तावित बजरंग पावर कंपनी की परियोजना से जुड़ी 29 मई 2026 को आयोजित पर्यावरण जनसुनवाई पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। किसान संघ का आरोप है कि जनसुनवाई निष्पक्ष नहीं थी और अधिकारियों ने ग्रामीणों की आपत्तियों को गंभीरता से नहीं सुना। संगठन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह गई तथा समर्थन में ऐसे लोगों के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिन्हें विषय की पूरी जानकारी तक नहीं थी।
पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह पैदा
संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि जनसुनवाई समाप्त होने के बाद संबंधित अधिकारी कंपनी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जिन क्षेत्रों को पहले वन्यजीवों की दृष्टि से संवेदनशील माना गया था, अब वहीं खनन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। संगठन का दावा है कि इससे 70 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई होगी और भू-जल स्तर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
किसान संघ ने जानें राष्ट्रपति से क्या मांग की?
भारतीय किसान संघ ने राष्ट्रपति से मांग की है कि परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेजों और पर्यावरण संबंधी प्रक्रियाओं की स्वतंत्र जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए तथा किसानों को उचित मुआवजा, विवादित भूमि का सीमांकन, स्थानीय लोगों को रोजगार और सिंचाई जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
'राष्ट्रपति को अवगत कराते हुए विस्तृत पत्र भेजा'
वहीं, किसान संघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि संगठन ने पूरे मामले से राष्ट्रपति को अवगत कराते हुए विस्तृत पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो भारतीय किसान संघ आने वाले समय में 'घेरा डालो, डेरा डालो' आंदोलन शुरू करेगा। किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
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पत्र के अंत में भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन और प्रशासन ने किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन के तहत शहडोल-धुनधुटी राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करने सहित बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन किए जाएंगे। संगठन ने कहा है कि ऐसी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी तथा किसानों को न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
