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Umaria News: बांधवगढ़ में बाघों की खूनी भिड़ंत, खितौली परिक्षेत्र में मिला एक बाघ का शव; हड़कंप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 12:43 PM IST
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सार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली परिक्षेत्र की पश्चिम बगदरी बीट में एक बाघ मृत मिला। सुरक्षा श्रमिकों ने पहले बाघों के लड़ने की आवाज सुनी थी। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण आपसी संघर्ष माना जा रहा है। वन विभाग ने क्षेत्र घेरकर जांच शुरू कर दी है।
बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उमरिया जिले के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली परिक्षेत्र से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। पश्चिम बगदरी बीट स्थित ढमढमा कैंप क्षेत्र में गश्ती के दौरान एक बाघ मृत अवस्था में मिला है। प्रारंभिक जांच में बाघ की मौत आपसी संघर्ष में होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी गई है।
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जानकारी के अनुसार खितौली परिक्षेत्र के पश्चिम बगदरी बीट स्थित ढमढमा कैंप में तैनात सुरक्षा श्रमिकों ने देर रात जंगल से बाघों के तेज गर्जना और लड़ाई जैसी आवाजें सुनीं। आवाजें सुनने के बाद कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही गश्ती दल को मौके पर रवाना किया गया।
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वन अमले द्वारा ढमढमा क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया। काफी देर तक जंगल में तलाश के बाद एक बाघ मृत अवस्था में पड़ा मिला। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और दूर से प्राथमिक परीक्षण किया गया। अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया बाघ की मौत आपसी संघर्ष के कारण होना प्रतीत हो रही है।
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मृत बाघ के शरीर पर गंभीर चोटों और हमले के निशान पाए गए हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि बाघ के सभी अंग मौके पर सुरक्षित पाए गए हैं, जिससे शिकार या तस्करी जैसी आशंकाओं को फिलहाल खारिज किया जा रहा है। इसके बावजूद वन विभाग किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रहा है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटनास्थल को तत्काल सील कर सुरक्षा घेरा बना दिया गया है ताकि किसी भी तरह के साक्ष्य प्रभावित न हों। जांच को आगे बढ़ाने के लिए हाथी गश्ती दल, डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। वन विभाग की टीम आसपास के क्षेत्र में संघर्ष के अन्य संकेत और गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले में कार्रवाई राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण यानी राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा जारी गाइडलाइन और एसओपी के अनुसार की जा रही है। पोस्टमार्टम और विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बाघ की मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों के बीच क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर संघर्ष की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन एक बार फिर हुई इस घटना ने वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

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